महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, भारी सामान जब्त
समझें क्या है पूरा मामला
महाराष्ट्र - छत्तीसगढ़ सीमा पर बलबेड़ा वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। राजनांदगांव-गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF – Central Reserve Police Force) की संयुक्त टीम ने नक्सलियों की हथियार बनाने की फैक्ट्री ध्वस्त कर दी। मौके से करीब 6 टन वजनी खराद मशीन समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार निर्माण सामग्री जब्त की गई है। यह ऑपरेशन गोपनीय सूचना के आधार पर चलाया गया था।
गोपनीय सूचना पर चला संयुक्त अभियान
पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि बलबेड़ा के घने जंगल में नक्सलियों की एक हथियार निर्माण इकाई चल रही है। इसके बाद सी-60 (C-60), बीडीडीएस (BDDS – Bomb Detection and Disposal Squad) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सोमवार को सुरक्षाबलों को हथियार फैक्ट्री तक पहुँचने में सफलता मिली और पूरे ठिकाने को ध्वस्त कर दिया गया।
क्या-क्या मिला जब्त
मौके से बरामदगी की सूची बेहद महत्वपूर्ण है। करीब 6 टन वजनी खराद मशीन जब्त की गई जिससे हथियारों के पुर्जे बनाए जाते थे। इसके अलावा 150 क्लेमोर और बीजीएल (BGL – Barrel Grenade Launcher) पाइप, 220 की संख्या में 12-बोर पाइप और 20 राइफल रॉड समेत धातु की पट्टियाँ भी जब्त की गई हैं।
नक्सल हथियार नेटवर्क पर बड़ी चोट
इस कार्रवाई से नक्सलियों के हथियार उत्पादन नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। खराद मशीन से ही हथियारों के विभिन्न धातु के पुर्जे तैयार किए जाते हैं। इस फैक्ट्री के ध्वस्त होने से नक्सलियों की हथियार बनाने की क्षमता कमजोर पड़ेगी। सुरक्षाबलों ने सभी जवानों के सुरक्षित वापस लौटने की जानकारी दी है।
FAQ
- बलबेड़ा वन क्षेत्र में क्या मिला और किसने ऑपरेशन चलाया?
उ. राजनांदगांव-गढ़चिरौली पुलिस, C-60, BDDS और CRPF की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र-CG सीमा पर बलबेड़ा जंगल में नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री ध्वस्त की। मौके से 6 टन खराद मशीन, 150 क्लेमोर पाइप, 220 बोर पाइप और 20 राइफल रॉड जब्त किए गए। - खराद मशीन नक्सलियों के लिए क्यों इतनी महत्वपूर्ण थी?
उ. खराद मशीन एक औद्योगिक उपकरण है जिससे धातु के सटीक पुर्जे और बैरल बनाए जाते हैं। नक्सली इससे देशी हथियार, पाइप गन और ग्रेनेड लॉन्चर के पुर्जे तैयार करते थे। 6 टन वजनी इस मशीन की जब्ती से नक्सलियों की हथियार उत्पादन क्षमता को बड़ा झटका लगा है। - C-60 क्या है और यह नक्सल विरोधी अभियानों में क्यों महत्वपूर्ण है?
उ. C-60 महाराष्ट्र पुलिस का एक विशेष कमांडो दस्ता है जो नक्सल विरोधी अभियानों में माहिर है। यह महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियानों में विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है। इस दस्ते की सफलता दर बेहद अच्छी रही है।
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