नवा रायपुर में फिर भड़का जमीन विवाद, ग्रामीण और प्रशासन आमने-सामने

VINAY VERMA | Jun 27, 2026, 13:39 IST
नवा रायपुर में जमीन विवाद 2026
नया रायपुर के नकटी गांव में 37 एकड़ भूमि को लेकर बड़ा विवाद फिर से गहरा गया है। प्रशासन इस जमीन को शासकीय चारागाह बताते हुए कब्जा हटाने की तैयारी कर रहा है और ग्रामीणों को नोटिस जारी कर दिया गया है।

नया रायपुर के एयरपोर्ट और मंत्रालय के बीच बसे नकटी गांव में करीब एक साल पुराना भूमि विवाद एक बार फिर गरमा गया है। विधायक कॉलोनी के लिए चिन्हित की गई 37 एकड़ जमीन को खाली कराने की प्रशासनिक तैयारी शुरू होते ही ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर तय समय सीमा में जमीन खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। वहीं ग्रामीणों ने इसे अपनी पुश्तैनी जमीन बताते हुए हटने से साफ इनकार कर दिया है।



सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा

प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन पर ग्रामीण रह रहे हैं, वह शासकीय चारागाह भूमि है और वर्षों से उस पर अवैध कब्जा किया गया है। इसी कारण कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय तक मकान और कब्जा नहीं हटाया गया तो अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा। विधायक कॉलोनी के प्रस्ताव को देखते हुए इस जमीन को खाली कराना जरूरी बताया जा रहा है।



ग्रामीणों का पलटवार

ग्रामीण प्रशासन के दावों को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस 37 एकड़ जमीन को आज चारागाह बताकर कब्जा हटाने की बात कही जा रही है, वह उनके पूर्वजों ने गांव के निस्तारी और पशुओं के उपयोग के लिए दान में दी थी। इसलिए इस जमीन पर उनका सामाजिक और पारंपरिक अधिकार है। उनका आरोप है कि बिना उनकी बात सुने उन्हें बेदखल करने की तैयारी की जा रही है।



PM आवास देकर बताया कब्जाधारी

ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर है। उनका कहना है कि शासन ने स्वयं करीब 1.20 लाख रुपए की सहायता देकर इन्हीं जमीनों पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए थे। लोगों ने बैंक से कर्ज लेकर पक्के मकान बनाए। अब उन्हीं मकानों को अवैध बताकर तोड़ने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि जमीन सरकारी थी तो आवास स्वीकृत कैसे हुए और अब लिए गए कर्ज की भरपाई कौन करेगा। ग्रामीणों ने उचित मुआवजा और पुनर्वास की भी मांग उठाई है।



ग्रामसभा की आपत्ति नजरअंदाज

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत नकटी की आमसभा ने विधायक कॉलोनी के प्रस्ताव और भूमि अधिग्रहण पर पहले ही लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासन ने उस पर कोई विचार नहीं किया। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की सहमति के बिना फैसला थोपने की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव में असंतोष बढ़ गया है।



सरकार पर तानाशाही के आरोप

भूमि विवाद अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्षी दलों ने सरकार पर गरीबों के आशियाने उजाड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार आवास योजनाओं का प्रचार करती है और दूसरी तरफ उन्हीं मकानों को अवैध बताकर तोड़ने की तैयारी कर रही है। विपक्ष ने इसे तानाशाहीपूर्ण रवैया बताते हुए ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और सरकार के रुख पर टिकी हुई है।





ये खबरें भी पढ़ें...

सरगुजा जमीन विवाद में बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा, फिर ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या



उज्जैन जमीन विवाद में CMO का बयान, मोहन यादव परिवार पर लगे आरोप किए खारिज



पूर्व गृहमंत्री के सूने घर चोरों ने बोला धावा,एलईडी टीवी किया पार,VIP इलाके विधायक कॉलोनी में हुई घटना



एक FIR, कई सवाल: इंदौर में घिरे शेंडगे-दिघे-मनीष के नाम महेश्वर के जमीन विवाद में भी सामने आए



Tags:
  • प्रधानमंत्री आवास योजना
  • जमीन विवाद
  • अवैध कब्जा
  • भूमि विवाद
  • नया रायपुर