NEET UG Counselling: छत्तीसगढ़ में MBBS की 206 और BDS की 225 सीटें खाली, चूके तो जब्त होगी सिक्योरिटी राशि
इनमें मेडिकल की 206 और डेंटल की 225 सीटें शामिल हैं। जिन छात्रों को तीसरे राउंड में कॉलेज आवंटित हुआ है, उन्हें 15 अक्टूबर तक एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। समय पर कॉलेज नहीं पहुंचने वाले छात्रों का दाखिला रुक सकता है। साथ ही नियमों के तहत उनकी जमा सिक्योरिटी राशि भी जब्त हो सकती है।
15 अक्टूबर तक पूरा करना होगा एडमिशन
छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की खाली सीटों को भरने के लिए काउंसिलिंग का तीसरा चरण शुरू हो गया है। इसे मॉप-अप राउंड भी कहा जाता है। इस राउंड में जिन छात्रों को सीट मिली है, उनके लिए 12 अक्टूबर सुबह 10 बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
छात्रों को 15 अक्टूबर शाम 4 बजे तक अपने दस्तावेजों की जांच करानी होगी। इसके बाद शाम 5 बजे तक संबंधित कॉलेज में एडमिशन लेना जरूरी है। तय समय निकलने के बाद छात्रों को आवंटित सीट पर दाखिला लेने में परेशानी हो सकती है।
खास बात यह है कि प्रवेश प्रक्रिया छुट्टी के दिन भी जारी रहेगी। इसके लिए संबंधित सत्यापन केंद्र खुले रहेंगे। छात्रों को अपने जरूरी दस्तावेज लेकर खुद उपस्थित होना होगा।
सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों के लिए अलग व्यवस्था
मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए दस्तावेजों की जांच अलग-अलग जगह होगी। सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीट पाने वाले छात्र अपने आवंटित कॉलेज में ही दस्तावेजों का सत्यापन करा सकेंगे।
वहीं, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सीट पाने वाले छात्रों को नवा रायपुर जाना होगा। यहां उपरवारा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान भवन में दस्तावेजों की जांच की जाएगी। निजी डेंटल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए रायपुर के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में सत्यापन की व्यवस्था की गई है।
सीट मिलने के बाद एडमिशन नहीं लिया तो नुकसान
तीसरे राउंड में सीट मिलने के बाद छात्रों को प्रवेश से जुड़े नियमों का ध्यान रखना होगा। यदि कोई छात्र कॉलेज आवंटित होने के बावजूद एडमिशन नहीं लेता है तो उसकी जमा सिक्योरिटी राशि जब्त हो सकती है।
इसी तरह एडमिशन लेने के बाद सीट छोड़ने पर भी नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। ऐसे छात्रों को इसी शैक्षणिक सत्र की अगली काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने से भी रोका जा सकता है। इसलिए छात्रों को कॉलेज और कोर्स का फैसला सोच-समझकर करना होगा। साथ ही निर्धारित समय के भीतर प्रवेश की सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
एमबीबीएस से ज्यादा बीडीएस की सीटें खाली
तीसरे चरण की काउंसिलिंग में प्रदेश की मेडिकल और डेंटल सीटों की स्थिति सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 431 सीटें खाली हैं। इनमें एमबीबीएस की 206 सीटें और बीडीएस की 225 सीटें शामिल हैं।
इस तरह एमबीबीएस के मुकाबले बीडीएस की 19 सीटें ज्यादा खाली हैं। इन सीटों को लेकर आगे की प्रवेश प्रक्रिया चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी होगी।
छात्र कहां से ले सकते हैं जानकारी?
काउंसिलिंग में शामिल छात्रों को सीट आवंटन, दस्तावेज सत्यापन और एडमिशन से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।
छात्र cgdme.admissions.nic.in पर जाकर प्रवेश से जुड़े निर्देश देख सकते हैं। किसी भी परेशानी से बचने के लिए छात्रों को कॉलेज पहुंचने से पहले दस्तावेजों और सत्यापन केंद्र की जानकारी जांच लेनी चाहिए।
FAQ
- काउंसिलिंग के तीसरे राउंड में प्रवेश प्रक्रिया कब से शुरू होगी?
काउंसिलिंग के तीसरे राउंड में प्रवेश प्रक्रिया 12 अक्टूबर सुबह 10 बजे से शुरू होगी। - अगर छात्र 15 अक्टूबर तक प्रवेश नहीं लेते हैं तो क्या होगा?
यदि छात्र 15 अक्टूबर तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उनका दाखिला रुक सकता है और उनकी जमा सिक्योरिटी राशि जब्त हो सकती है। - दस्तावेजों की जांच कहाँ होगी?
सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए दस्तावेजों की जांच आवंटित कॉलेज में होगी, जबकि निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के लिए छात्रों को नवा रायपुर और रायपुर स्थित शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में दस्तावेज सत्यापन के लिए जाना होगा।