छत्तीसगढ़ मेडिकल एडमिशन में देरी, जुलाई अंत में आएगा रिजल्ट
समझें क्या है पूरा मामला
नीट यूजी री-एग्जाम के बाद देश भर में मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अब छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों में प्रवेश प्रक्रिया देर से शुरू होगी। परीक्षा का रिजल्ट जुलाई के अंत तक आने की उम्मीद जताई गई है। इसके बाद सितंबर महीने में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स की काउंसलिंग शुरू हो सकेगी। इस देरी की वजह से मेडिकल कॉलेजों का नया शैक्षणिक सत्र भी लेट हो जाएगा।
नीट परीक्षा के कारण सत्र में देरी
देश में मेडिकल कॉलेजों का नया सत्र आमतौर पर अगस्त में शुरू होता है। अक्सर यह तारीख 1 या 16 अगस्त होती है। इस बार नीट यूजी (NEET UG – National Eligibility cum Entrance Test Undergraduate) की री-परीक्षा हुई है। इस कारण पूरी प्रक्रिया का समय आगे बढ़ गया है।
अब एडमिशन की प्रक्रिया सामान्य समय से काफी पीछे चल रही है। सबसे पहले ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके बाद राज्यों के कोटे की सीटों के लिए शेड्यूल जारी होगा।
छत्तीसगढ़ में सीटों का गणित
छत्तीसगढ़ में मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्र बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। राज्य में वर्तमान में कुल 10 सरकारी मेडिकल कॉलेज मौजूद हैं। इनके साथ ही 5 निजी मेडिकल कॉलेज भी संचालित हो रहे हैं।
इन सभी कॉलेजों को मिलाकर एमबीबीएस (MBBS – Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery) की कुल 2330 सीटें उपलब्ध हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए पहले 3 मई को परीक्षा हुई थी। हालांकि नकल की पुष्टि होने के बाद उस परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।
प्रदेश के करीब 46 हजार छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी है। यह री-नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी। अब छात्रों को अपने नए स्कोर का इंतजार है।
मेरिट से तय होगा कॉलेज
री-नीट परीक्षा के बाद बेहतर स्कोर करने वाले छात्रों को फायदा मिलेगा। जिन छात्रों का रैंक अच्छा होगा उन्हें एमबीबीएस की सीट मिल सकेगी। कम रैंक वाले छात्रों को बीडीएस (BDS – Bachelor of Dental Surgery) कोर्स में सीट मिलेगी।
परीक्षा पास करने वाले छात्र ही काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले पाएंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करीब 82 प्रतिशत सीटें स्टेट कोटे के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कोटे के अंतर्गत आती हैं। बची हुई 3 प्रतिशत सीटें सेंट्रल पूल के लिए रखी जाती हैं।
पैरामेडिकल कोर्स का नया नियम
छत्तीसगढ़ मेडिकल एडमिशन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब कई पैरामेडिकल कोर्स में भी नीट यूजी के जरिए प्रवेश दिया जाएगा। इनमें बीपीटी (BPT – Bachelor of Physiotherapy) कोर्स शामिल है।
इसके साथ ही बीएओटी (BAOT – Bachelor of Occupational Therapy) में भी नीट से प्रवेश होगा। रेडियोथैरेपी टेक्नोलॉजी और मेडिकल लैबोरेटरी साइंस में भी यही नियम लागू होगा। हेल्थ इन्फॉर्मेशन सिस्टम जैसे कोर्स में भी अब सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा।
नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) ने इसके निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के बाद सीधे प्रवेश की पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ में पैरामेडिकल कोर्स में पिछले दो साल से प्रवेश नहीं हुआ था। इसे जीरो ईयर घोषित किया गया था। इस वजह से कई छात्रों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
FAQ
- श में मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश के लिए कौन सी राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित की जाती है?
उत्तर: भारत में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश के लिए नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा आयोजित की जाती है। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर ली जाती है। - छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल कितने सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कुल 15 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें से 10 सरकारी (Government) मेडिकल कॉलेज और 5 निजी (Private) मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। - राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के निर्देशानुसार अब पैरामेडिकल कोर्सेज में प्रवेश किस आधार पर होगा?
उत्तर: नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) के नए निर्देश के बाद अब बीपीटी और बीएओटी जैसे पैरामेडिकल कोर्सेज में सीधे प्रवेश (Direct Admission) बंद कर दिया गया है। अब इनमें भी नीट यूजी (NEET UG) मेरिट के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा।
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