रायपुर में महिला इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को NGT की हरी झंडी, स्टेडियम प्रबंधन को जमा करने होंगे 20 लाख रुपए
भूजल के ज्यादा इस्तेमाल पर NGT ने उठाए सवाल
रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पानी के ज्यादा इस्तेमाल को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। खासकर मैदान की देखरेख में बड़ी मात्रा में भूजल का उपयोग किया जा रहा है। इसी मामले की सुनवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में चल रही है।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि स्टेडियम में रोजाना करीब 8 लाख 28 हजार लीटर भूजल इस्तेमाल हो रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में पानी निकालने को लेकर NGT ने चिंता जताई है।
ट्रिब्यूनल का कहना है कि भूजल एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है। इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी है। क्रिकेट मैदान की देखरेख के लिए पानी के दूसरे विकल्प भी तलाशे जाने चाहिए।
20 लाख रुपए जमा कराने के बाद होंगे मैच
NGT ने रायपुर स्टेडियम में तीन महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच कराने की सशर्त अनुमति दी है। इसके तहत स्टेडियम प्रबंधन को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पास 20 लाख रुपए जमा कराने होंगे।
इस रकम का उपयोग संबंधित इलाके में भूजल स्तर सुधारने के लिए किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण मंडल भूजल पुनर्भरण की योजना तैयार करेगा। इसके बाद योजना को लागू करने की जिम्मेदारी भी मंडल की होगी।
NGT ने निर्देश दिए हैं कि इस योजना की पूरी जानकारी अगली सुनवाई से पहले पेश की जाए। इससे पता चल सकेगा कि भूजल संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
स्टेडियम में STP लगा फिर भी भूजल पर निर्भरता
सुनवाई में स्टेडियम की पानी की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी सामने आई। स्टेडियम परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाया गया है। इसकी क्षमता रोजाना 1 लाख 50 हजार लीटर गंदे पानी को साफ करने की है।
इसके बावजूद मैदान की सिंचाई में साफ किए गए पानी का कितना इस्तेमाल हो रहा है। इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने बताया कि स्टेडियम में अभी भी मुख्य रूप से भूजल का इस्तेमाल किया जा रहा है। मैदान की देखरेख के लिए STP से साफ किए गए पानी का पूरी तरह उपयोग शुरू नहीं हो सका है।
NGT ने इसी व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। ट्रिब्यूनल चाहता है कि मैदान की सिंचाई में भूजल की जगह अधिक से अधिक उपचारित पानी इस्तेमाल किया जाए।
जुलाई में खेल गतिविधियों पर लगाई गई थी रोक
रायपुर स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर परेशानी जुलाई में शुरू हुई थी। NGT ने 2 जुलाई 2026 को तीन बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाई थी।
इनमें रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम भी शामिल था। इसके अलावा जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम और मुंबई का डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम भी इस आदेश के दायरे में थे।
इन स्टेडियमों से पर्यावरण संबंधी निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट नहीं मिलने पर NGT ने सख्त रुख अपनाया था। इस आदेश के बाद रायपुर में प्रस्तावित महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन पर भी सवाल खड़े हो गए थे। मैच कराने के लिए स्टेडियम को विशेष अनुमति की जरूरत थी।
6 अक्टूबर को सुनवाई में मिली बड़ी राहत
महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों को लेकर 6 अक्टूबर को NGT में सुनवाई हुई। इस दौरान स्टेडियम की ओर से बताया गया कि रायपुर में अक्टूबर के दौरान तीन मैच होने हैं।
इन मैचों की तारीख 16 अक्टूबर, 18 अक्टूबर और 20 अक्टूबर तय है। ऐसे में आयोजन के लिए स्टेडियम के इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए NGT ने अपने पुराने अंतरिम आदेश में बदलाव किया।
ट्रिब्यूनल ने इन तीन तारीखों पर क्रिकेट मैच आयोजित करने की इजाजत दे दी। इस फैसले के बाद फिलहाल मैचों के आयोजन को लेकर बनी कानूनी बाधा दूर हो गई है। हालांकि स्टेडियम प्रबंधन को पर्यावरण संबंधी शर्तों का पालन करना होगा।
बारिश के पानी को बचाने के भी निर्देश
NGT ने स्टेडियम प्रबंधन को केवल भूजल का इस्तेमाल कम करने के निर्देश नहीं दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने वर्षाजल संचयन और भूजल पुनर्भरण पर भी जोर दिया है। इसके तहत बारिश के पानी को इकट्ठा करने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है। साथ ही पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने के उपाय अपनाने होंगे।
NGT का मानना है कि खेल मैदानों में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। इससे भूजल पर निर्भरता कम की जा सकती है। ट्रिब्यूनल ने अन्य खेल मैदानों के लिए भी उपचारित पानी के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने की बात कही है।
9 दिसंबर को फिर होगी मामले की सुनवाई
इस मामले में NGT ने अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को तय की है। इससे पहले स्टेडियम प्रबंधन को पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट देनी होगी।
रिपोर्ट में बताना होगा कि मैदान की देखरेख में भूजल का इस्तेमाल कम करने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं। साथ ही STP से साफ पानी के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में हुई प्रगति की जानकारी देनी होगी। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को भी भूजल पुनर्भरण की योजना से जुड़ी जानकारी पेश करनी होगी।
फिलहाल रायपुर में होने वाले तीन महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों को NGT की मंजूरी मिल गई है। अब स्टेडियम प्रबंधन के सामने मैचों का आयोजन कराने के साथ पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी भी रहेगी।