NH 43 Road Condition : गड्ढे में VIP कार फंसी तो जागी सरकार, शुरू हुआ पेंच वर्क
समझें क्या है पूरा मामला
सरगुजा संभाग के एनएच 43 पर सड़कों की हालत बेहद खराब है। सात महीने पहले ही 7.56 करोड़ रुपए से मरम्मत कराई गई थी। पहली ही बारिश में मरम्मत का काम पूरी तरह से बह गया। वीआईपी गाड़ी गड्ढे में फंसने के बाद अधिकारियों को फटकार लगी। अब फिर से सड़क पर अस्थाई तौर पर गिट्टी डाली जा रही है।
खस्ताहाल सड़क से राहगीर परेशान
सरगुजा संभाग के मुख्य मार्ग एनएच 43 की हालत बहुत ज्यादा खराब है। खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक गाड़ियां रेंग रही हैं। लुचकी घाट तक करीब पांच किलोमीटर का रास्ता बेहद जर्जर है।
गांधी चौक से सिलफिली तक का रास्ता भी गड्ढों से भरा है। करीब 15 किलोमीटर की सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। पूरे इलाके में गाड़ियों की रफ्तार थम गई है।
जब गड्ढे में फंसी वीआईपी गाड़ी
सड़क की बदहाली का शिकार आम ही नहीं, खास लोग भी हो रहे हैं। बीते दिनों जशपुर से सूरजपुर जा रहे एक वरिष्ठ नेता की गाड़ी फंस गई। सीतापुर के पास सड़क के बड़े गड्ढे में गाड़ी अटक गई।
काफी कोशिशों के बाद भी गाड़ी बाहर नहीं निकल सकी। इसके बाद नेताजी को खुद गाड़ी से नीचे उतरना पड़ा। इस घटना ने सड़क निर्माण के दावों की पोल खोल दी।
नेताओं की फटकार और प्रशासनिक हड़कंप
गाड़ी फंसने के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया। नाराज नेता ने सीधे सरगुजा के प्रभारी मंत्री को फोन लगा दिया। उन्होंने स्थानीय व्यवस्था और सड़क निर्माण पर भारी नाराजगी जताई।
उन्होंने साफ कहा कि आम जनता की तकलीफों का अंदाजा किसी को नहीं है। अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इस लापरवाही पर खरी-खोटी सुननी पड़ी।
करोड़ों रुपए पानी में बहे
हैरानी की बात यह है कि सड़क हाल ही में बनी थी। सात महीने पहले 7.56 करोड़ रुपए खर्च कर मरम्मत कराई गई थी। इतने बड़े बजट के बाद भी सड़क पहली बारिश नहीं झेल पाई।
इसके अलावा एनएच 43 और एनएच 130 के लिए अलग टेंडर जारी हुआ था। 34 किलोमीटर के पैच वर्क पर चार करोड़ रुपये से ज्यादा लगे थे। सारा पैसा पहली ही बारिश में बह गया।
अस्थाई मरम्मत का काम शुरू
फटकार मिलते ही नेशनल हाइवे (NH – National Highway) का अमला हरकत में आया। गुरुवार शाम से ही सड़क पर काम शुरू कर दिया गया। बड़े-बड़े गड्ढों में बोल्डर और गिट्टी डाली गई।
सड़क को समतल करने का काम तेजी से किया जा रहा है। ताकि गड्ढों में पानी न भरे और गाड़ियां न फंसे। हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह से अस्थाई है।
सीमेंट रोड बनाने का दावा
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समस्या का पक्का हल निकाला जाएगा। बारिश के बाद सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए नया टेंडर पास हो चुका है।
दावा है कि इस बार सीमेंट की मजबूत सड़क बनाई जाएगी। हालांकि लगातार खराब होती सड़कों से जनता में भारी नाराजगी है। लोग पक्के निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
FAQ
- : एनएच 43 पर सड़क मरम्मत के लिए कितना बजट खर्च हुआ था?
उत्तर: एनएच 43 के करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में मरम्मत के लिए सात महीने पहले 7.56 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। - क्या एनएच 43 के लिए नया टेंडर पास हुआ है?
उत्तर: हां, नेशनल हाईवे विभाग के अनुसार बारिश के बाद सीमेंट की पक्की सड़क बनाने के लिए नया टेंडर पास हो चुका है। - वीआईपी की गाड़ी कहां और क्यों फंसी थी?
उत्तर: वरिष्ठ नेता की लग्जरी गाड़ी सीतापुर के पास सड़क पर बने गहरे पानी भरे गड्ढों में फंस गई थी।
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