रायपुर में ओसियन ग्रो गांजे की दस्तक, कुरियर बना सप्लाई चेन, दिल्ली से आ रहा था लग्जरी गांजा
NEWS IN SHORT
- दिल्ली से कुरियर के जरिए रायपुर भेजा जा रहा था नशा।
- साधारण गांजे के साथ प्रीमियम 'ओसियन ग्रो' गांजा बरामद।
- दिल्ली निवासी रितिक पसरिचा कटोरा तालाब के पास गिरफ्तार।
- आईफोन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और 3 लाख 62 हजार का माल जब्त।
- पुलिस अब दिल्ली सप्लायर और कुरियर कंपनी की जांच कर रही है।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे के कारोबारियों ने अब तस्करी के लिए डिजिटल और लॉजिस्टिक रास्तों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। रायपुर पुलिस ने एक ऐसे ही हाई-टेक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली से कुरियर के माध्यम से न केवल साधारण गांजा, बल्कि बेहद महंगा और दुर्लभ माना जाने वाला ओसियन ग्रो (Ocean Grow) गांजा भी मंगा रहा था।
हाई-टेक तस्करी का खुलासा
पकड़ा गया आरोपी रितिक पसरिचा मूल रूप से दिल्ली का निवासी है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि नशे की यह खेप सड़क या रेल मार्ग के बजाय सीधे कुरियर सर्विस के जरिए रायपुर पहुंची थी। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह दिल्ली में बैठे अपने एक साथी के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहा था।
क्या है ओसियन ग्रो गांजा?
ओसियन ग्रो गांजा (OG Kush या इसी तरह की अन्य वैरायटी) सामान्य गांजे की तुलना में बहुत अधिक शक्तिशाली और महंगा होता है। इसकी खेती और प्रोसेसिंग के विशेष तरीकों के कारण यह रईस युवाओं और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में "प्रीमियम ड्रग" के रूप में बेचा जाता है। रायपुर में इसकी बरामदगी पुलिस के लिए एक नई चुनौती की ओर इशारा कर रही है।
डिजिटल तराजू और एप्पल आईफोन
आरोपी के पास से बरामद सामान उसके काम करने के पेशेवर तरीके को दर्शाता है:
सटीक तौल: आरोपी के पास से दो नग इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद हुए हैं, जो मोबाइल के आकार के हैं। इनका उपयोग नशे की पुड़िया बनाने और ग्राम के हिसाब से सटीक तौल कर ऊंची कीमतों पर बेचने के लिए किया जाता था।
लक्जरी और प्राइवेसी: आरोपी एक आईफोन (Apple iPhone) का उपयोग कर रहा था, जिससे पुलिस को संदेह है कि वह एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए अपने ग्राहकों और दिल्ली के मुख्य सप्लायर से संपर्क में था।
कुरियर कंपनियों की भूमिका जांच के घेरे में
इस गिरफ्तारी के बाद अब रायपुर पुलिस की जांच की सुई उन कुरियर कंपनियों की ओर भी घूम गई है, जिनके माध्यम से दिल्ली से छत्तीसगढ़ तक नशे की खेप भेजी जा रही थी। पुलिस अब 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि रायपुर में इस महंगे नशे के खरीदार कौन-कौन थे।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक एक्ट 29 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में अब दिल्ली में बैठे मुख्य सरगना की तलाश तेज कर दी गई है।
निष्कर्ष
रायपुर में नशे का कारोबार अब 'हाई-टेक' और 'डिजिटल' हो चुका है। दिल्ली से कुरियर के जरिए 'ओसियन ग्रो' जैसे महंगे नशे की सप्लाई और आरोपी से इलेक्ट्रॉनिक तराजू मिलना एक गंभीर ट्रेंड है। पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के बड़े खुलासे की शुरुआत है।
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