पामगढ़ डबल मर्डर : कर्जदार ने रची खूनी साजिश, शराब में सुहागा मिलाकर क्लिनिक संचालक और बसपा पार्षद की हत्या
शराब पीने से दो लोगों की हुई मौत
पामगढ़ नगर पंचायत में (Chhattisgarh Crime News) शुक्रवार 23 अक्टूबर की शाम दो लोगों की संदिग्ध मौत हुई थी। मृतकों में निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे (52) और बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55) शामिल थे।
शुरुआत में मामला जहरीली शराब पीने से मौत का लग रहा था। पुलिस ने जांच शुरू की तो कर्ज को लेकर विवाद सामने आया। जांच में दोनों की मौत के पीछे हत्या की साजिश होने की बात सामने आई।
10 लाख रुपए के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच के मुताबिक जोहितराम खरे ने कमलनाथ खरे उर्फ राजा को करीब 10 लाख रुपए उधार दिए थे। (Janjgir Champa Murder Case )राजा पामगढ़ का रहने वाला है और जोहितराम का परिचित था।
जोहितराम लंबे समय से अपनी रकम वापस मांग रहा था। राजा हर बार पैसे लौटाने की बात टाल देता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा।
कुछ दिन पहले जोहितराम ने राजा से पूरा हिसाब चुकाने को कहा। रकम नहीं लौटाने पर मकान बेचकर पैसे देने की बात भी कही। इससे राजा परेशान हो गया।
मकान बचाने के लिए रची हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार राजा को डर था कि कर्ज चुकाने के लिए मकान बेचना पड़ेगा। इसी दबाव से बचने के लिए उसने जोहितराम की हत्या की योजना बनाई।
आरोप है कि राजा ने अपने साथी मुकेश कश्यप उर्फ गोलू को भी योजना में शामिल किया। दोनों ने जोहितराम को बातचीत के बहाने शराब पार्टी में बुलाने का फैसला किया।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने शराब में जहरीला पदार्थ मिलाने की साजिश रची। इसका मकसद जोहितराम को रास्ते से हटाना था।
बातचीत के बहाने बुलाया शराब पार्टी में
23 अक्टूबर की शाम राजा और मुकेश ने जोहितराम को शराब पार्टी में बुलाया। इसी दौरान नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 के बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े भी वहां पहुंच गए।
रामखिलावन सामान्य बातचीत के सिलसिले में वहां आए थे। उन्हें आरोपियों की कथित योजना की कोई जानकारी नहीं थी।
पार्षद भी शराब पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद शराब पीने से जोहितराम और रामखिलावन की हालत बिगड़ गई। दोनों की मौत हो गई।
बसपा पार्षद का किसी से विवाद नहीं था
जांच में सामने आया कि पार्षद रामखिलावन जांगड़े का कर्ज विवाद से कोई संबंध नहीं था। न तो उन्होंने किसी को पैसे उधार दिए थे और न ही उनका आरोपियों से कोई लेनदेन था।
वे संयोग से शराब पार्टी में शामिल हुए थे। पुलिस जांच के अनुसार असली निशाना क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे थे। लेकिन कथित साजिश में पार्षद की भी जान चली गई।
शराब में सुहागा मिलाने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शराब में सुहागा मिलाने की बात सामने आई है। सुहागा एक रासायनिक पदार्थ है। अधिक मात्रा में शरीर में पहुंचने पर यह नुकसान पहुंचा सकता है।
इससे उल्टी और पेट संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर विषाक्तता में किडनी सहित अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि मेडिकल और फॉरेंसिक जांच से ही होगी।
पुलिस जांच में कर्ज बना हत्या का कारण
इस मामले में पुलिस की पड़ताल का मुख्य आधार 10 लाख रुपए का लेनदेन है। जांच के अनुसार आरोपी रकम लौटाने और मकान बेचने के दबाव से बचना चाहता था।
इसी वजह से उसने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई। फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों और मौत के कारणों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट से होगी।