छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंपों पर भीड़ से बिगड़े हालात, पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर मचे हाहाकार ने अब कानून-व्यवस्था की चिंता भी बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से राज्यभर के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगह हालात इतने बिगड़ गए कि विवाद, धक्का-मुक्की और मारपीट तक की नौबत आ गई। स्थिति को देखते हुए अब पुलिस प्रशासन को सीधे मोर्चा संभालना पड़ा है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में पुलिस ने पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पेट्रोल पंपों पर पुलिस की विशेष निगरानी
रायपुर पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रमुख और भीड़भाड़ वाले पेट्रोल पंपों पर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर वाले पोस्टर चस्पा किए जा रहे हैं। इन पोस्टरों में पुलिस कंट्रोल रूम, संबंधित थाना प्रभारी, डायल-112 और अन्य हेल्पलाइन नंबर दर्ज किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता मिल सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ और अफवाहों के बीच असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं। इसी कारण पेट्रोल पंप संचालकों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
रात तक लगी रहीं लंबी कतारें
राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर फैलते ही लोगों ने बड़ी मात्रा में ईंधन भरवाना शुरू कर दिया। हालत यह रही कि कई शहरों में देर रात तक वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। राजधानी रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ समेत कई जिलों में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई। इसके बाद संचालकों ने “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगा दिए। कुछ जगहों पर एक वाहन को सीमित मात्रा में ही ईंधन देने का फैसला लेना पड़ा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सप्लाई पहुंच सके।
ब्लैक में बिक्री के आरोप, वीडियो वायरल
इस पूरे संकट के बीच कई जगह पेट्रोल और डीजल की ब्लैक मार्केटिंग के आरोप भी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें निर्धारित कीमत से अधिक राशि लेकर ईंधन बेचने का दावा किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने ऐसे मामलों की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच बहस और विवाद की स्थिति भी बनी। भीड़ नियंत्रण के लिए कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस ने दिए सुरक्षा संबंधी निर्देश
रायपुर पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों को रात्रिकालीन सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीसीटीवी कैमरे लगातार चालू रखने, नकदी के सुरक्षित प्रबंधन और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने को कहा गया है। इसके साथ ही देर रात तक खुले रहने वाले पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखने की बात कही गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना और संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें और अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं।
आम लोगों की परेशानी बढ़ी
पेट्रोल पंपों पर लगातार बढ़ती भीड़ का असर आम लोगों की दिनचर्या पर भी दिखाई देने लगा है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल बस संचालक और छोटे व्यवसायी सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। कई लोगों ने घंटों लाइन में लगने के बाद भी ईंधन नहीं मिलने की शिकायत की। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर बनी अफरा-तफरी ने यह साफ कर दिया है कि ईंधन संकट की आशंका ने लोगों में भारी बेचैनी पैदा कर दी है।
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