बोतल-ड्रम में तेल बेचने पर बैन! सरकार ने कहा, छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक

Harrison Masih | May 23, 2026, 16:17 IST
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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। 2516 पंपों पर करोड़ों लीटर ईंधन मौजूद है और नियमित सप्लाई जारी है। ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन बिक्री पर रोक भी लगाई गई है।

Raipur. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने राहत का संकेत दिया है। राज्य सरकार ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। इसके साथ ही जमाखोरी और अनावश्यक खरीदारी रोकने के लिए ड्रम, बोतल और जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल बेचने पर तत्काल रोक लगा दी गई है।



खाद्य विभाग के मुताबिक 22 मई 2026 तक राज्य के 2516 पेट्रोल पंपों पर करीब 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। सरकार का कहना है कि रोजाना सप्लाई सामान्य तरीके से जारी है और ऑयल कंपनियों के डिपो से लगातार ईंधन भेजा जा रहा है।



हर दिन हो रही नई सप्लाई

सरकारी आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 21 मई को ही प्रदेश में 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की सप्लाई पहुंची। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित डिपो से जिलों की मांग के हिसाब से टैंकर भेजे जा रहे हैं।



अधिकारियों का कहना है कि अभी रबी फसल कटाई और खरीफ सीजन की तैयारी के चलते डीजल की मांग बढ़ी है। खासतौर पर कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले डीजल की खपत अधिक होने के कारण सप्लाई पर अतिरिक्त फोकस किया जा रहा है ताकि कहीं कोई दिक्कत न हो।



Chhattisgarh sufficient stock of petrol-diesel

ड्रम और बोतल में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा

राज्य शासन ने आदेश जारी कर साफ कर दिया है कि अब पेट्रोल पंपों से ड्रम, जेरीकेन या बोतलों में पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि अफवाहों के बीच लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कृत्रिम संकट की स्थिति बन सकती है।



आदेश के मुताबिक अगर कोई पेट्रोल पंप नियम तोड़ते हुए कंटेनर में ईंधन बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीजल आदेश 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।



किसानों और जरूरी सेवाओं को राहत

हालांकि सरकार ने किसानों और जरूरी सेवाओं को राहत भी दी है। खेती-किसानी, सरकारी निर्माण कार्य, अस्पताल, मोबाइल टावर और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं के लिए जरूरत पड़ने पर कंटेनर में डीजल-पेट्रोल दिया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी की अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होगा।



सरकार की अपील- अफवाहों पर भरोसा न करें

खाद्य विभाग के सचिव ने हाल ही में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन पेट्रोल पंपों को तुरंत अतिरिक्त स्टॉक देने के निर्देश दिए हैं जहां सप्लाई तेजी से खत्म हो रही है।



सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों के कारण पैनिक खरीदारी न करें। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और आने वाले दिनों में भी किसी तरह की कमी (Oil Crisis) की संभावना नहीं है।



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