मान्यता की डेडलाइन खत्म, छत्तीसगढ़ में फार्मेसी एडमिशन पर लगा ब्रेक
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ में 103 फार्मेसी कॉलेजों को इस साल अब तक मान्यता नहीं मिली है।
- फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से हरी झंडी न मिलने से काउंसलिंग अटक गई है।
- पूर्व निर्धारित शेड्यूल के तहत 30 जून तक मान्यता मिल जानी चाहिए थी।
- मान्यता से जुड़ा मामला कोर्ट में होने से प्रक्रिया में देरी हो रही है।
- इसके कारण राज्य में 11 हजार से ज्यादा सीटों पर दाखिला लटक गया है।
मान्यता रुकी, दाखिले अटके
छत्तीसगढ़ में फार्मेसी की पढ़ाई करने वाले छात्रों की परेशानी बढ़ गई है। राज्य के फार्मेसी कॉलेजों को अब तक पीसीआई (PCI – Pharmacy Council of India) की मंजूरी नहीं मिली है। मान्यता मिलने की तय तारीख 30 जून थी। यह डेडलाइन बीत चुकी है। इसके बावजूद अब तक मंजूरी की स्थिति साफ नहीं हुई है। मंजूरी न मिलने से तकनीकी शिक्षा संचालनालय काउंसलिंग शुरू नहीं कर पा रहा है। बिना अप्रूवल के विश्वविद्यालय संबद्धता भी नहीं दे सकते।
दाखिले की प्रक्रिया पर असर
राज्य में डी फार्मा, बी फार्मा और एम फार्मा के लिए काउंसलिंग होती है। यह प्रक्रिया सीजी डीटीई (CG DTE – Directorate of Technical Education Chhattisgarh) आयोजित करता है। प्रवेश के लिए छत्तीसगढ़ प्री-फार्मेसी टेस्ट का माध्यम अपनाया जाता है।
हर साल पीसीआई से मंजूरी मिलने के बाद ही सीएसवीटीयू (CSVTU – Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University) संबद्धता देता है। इसके बाद ही काउंसलिंग का आधिकारिक शेड्यूल जारी किया जाता है। लेकिन इस बार मान्यता से संबंधित मामला कोर्ट में है। इस कारण पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है।
11 हजार से ज्यादा सीटें
राज्य में फार्मेसी की पढ़ाई के लिए तीन तरह के कोर्स चल रहे हैं। इनमें डिप्लोमा, बैचलर और मास्टर डिग्री शामिल हैं। कुल 103 संस्थानों में यह पढ़ाई होती है। बैचलर ऑफ फार्मेसी के 55 संस्थानों में 4627 सीटें हैं। डिप्लोमा के 99 संस्थानों में 6151 सीटें मौजूद हैं। वहीं मास्टर ऑफ फार्मेसी के 19 संस्थानों में 802 सीटें हैं। इन सभी को मिलाकर 11580 सीटों पर प्रवेश होना है। लेकिन प्रक्रिया रुकने से सभी सीटें अधर में लटकी हैं।
छात्रों के लिए बड़ी चेतावनी
बिना मान्यता प्राप्त कॉलेज में दाखिला लेना छात्रों के लिए भारी पड़ सकता है। ऐसे प्रवेश से मिलने वाली डिग्री या डिप्लोमा अवैध माना जाता है। आगे चलकर फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण नहीं हो पाएगा। इसके अलावा सरकारी नौकरियों में भी आवेदन करने का मौका नहीं मिलेगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश से पहले स्टेटस जांचें। इसके लिए पीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में फार्मेसी काउंसलिंग में देरी क्यों हो रही है?
उत्तर: फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से 103 कॉलेजों को अब तक मान्यता नहीं मिली है। मान्यता से संबंधित मामला कोर्ट में होने के कारण प्रक्रिया रुकी हुई है। इसके चलते डीटीई काउंसलिंग शेड्यूल जारी नहीं कर पा रहा है। - बिना पीसीआई मान्यता के एडमिशन लेने पर क्या नुकसान होगा?
उत्तर: बिना मान्यता प्राप्त कॉलेज से पढ़ाई करने पर डिग्री या डिप्लोमा अवैध माना जाएगा। इससे भविष्य में फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा और सरकारी नौकरी भी नहीं मिलेगी।
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