छत्तीसगढ़ में बिजली क्रांति की शुरुआत, सूर्यघर योजना से लोगों को बिजली बिल से मिल रही मुक्ति

The Sootr | Nov 30, 2025, 17:26 IST
Impact Feature
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव आया है। यह योजना डबल सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे लोग सोलर पैनल लगाकर मुफ्त बिजली का उपयोग और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय कमा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने प्रदेश में नई उम्मीदें जगाई हैं। इस योजना में केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार की साझेदारी से उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का फायदा मिल रहा है।



साथ ही, लोग घरों में सोलर पैनल लगाकर न सिर्फ मुफ्त बिजली का उपयोग कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी कमा रहे हैं।



दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से यह योजना राज्य के लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है। अब लोगों के मासिक बिजली बिल में भारी कमी होगी और लंबे समय तक बिजली मुफ्त में मिलेगी। साथ ही यह पहल त्तीसगढ़ को हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा के रास्ते पर भी आगे बढ़ाएगी।



क्या है प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना

इस योजना के तहत देशभर में आवासीय मकानों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। इससे घरों को स्वच्छ और मुफ्त ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। 2024 में केंद्र सरकार ने इस योजना की घोषणा की थी। अब छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने इसमें सहयोग जोड़ दिया है।



इसका मतलब है कि राज्य के उपभोक्ताओं को केंद्र की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार की ओर से भी आर्थिक मदद मिलेगी। इस संयुक्त सहयोग से अब उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा फायदा होगा। सोलर सिस्टम की लागत काफी कम हो जाएगी और आम परिवार भी इसे आसानी से लगवा पाएंगे।





impact feature

आपको बता दें कि प्रदेश की साय सरकार ने केंद्र की सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त 30 हजार तक की सहायता देने का फैसला किया है। शुरुआत में 618 लाभार्थियों को 1.85 करोड़ रुपए की सब्सिडी सीधे डीबीटी के माध्यम से दे दी गई है। इस शुरुआती सफलता के बाद सरकार अब “डबल सब्सिडी मॉडल” को पूरे राज्य में विस्तार दे रही है।


सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को हर जिले में तेज किया जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली बिल पर राहत मिल सके।



देश में तेजी से बढ़ रहा सोलर

भारत में यह योजना काफी तेज चल रही है। अब तक 47.3 लाख आवेदन मिले हैं। 10 लाख से ज्यादा घरों में पैनल लग चुके हैं। 6.13 लाख लोगों को 4 हजार 770 करोड़ सब्सिडी ट्रांसफर की गई है। छत्तीसगढ़ इन आंकड़ों का अहम हिस्सा बन चुका है। राज्य सरकार इसे “ऊर्जा क्रांति” कह रही है और दावा है कि आने वाले सालों में बिजली बिल लगभग खत्म हो जाएगा।



WhatsApp Image


छत्तीसगढ़ के घरों में दिखने लगा असर

राज्य में अब तक लगभग 12 हजार 500 घरों की छतों पर सोलर पैनल लग चुके हैं। आवेदन संख्या एक लाख के पार जा चुकी है। जिन घरों में पैनल लग चुके हैं, वहां बिजली बिल में तेजी से कमी आई है। कई परिवारों ने लगातार शून्य बिल का अनुभव किया है।



डबल सब्सिडी मॉडल

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को लोकप्रिय बनाने के पीछे सबसे बड़ा कारण डबल सब्सिडी मॉडल है। इसका विवरण इस प्रकार है।



1 किलोवॉट सोलर संयंत्र



  • केंद्र सरकार: 30,000 रुपए
  • राज्य सरकार: 15,000 रुपए
  • कुल सब्सिडी: 45,000 रुपए
  • 120 यूनिट तक बिजली फ्री

2 किलोवॉट



  • केंद्र सरकार: 60,000 रुपए
  • राज्य सरकार: 30,000 रुपए
  • कुल सब्सिडी: 90,000 रुपए
  • 240 यूनिट तक बिजली फ्री

3 किलोवॉट



  • केंद्र सरकार: 78,000 रुपए
  • राज्य सरकार: 30,000 रुपए
  • कुल सब्सिडी: 1,08,000 रुपए
  • 360 यूनिट तक बिजली फ्री
cg news


ये मिल रहा फायदा

यही नहीं, पैनलों पर 25 साल की वारंटी दी जा रही है। 5 साल तक फ्री मेंटेनेंस होगा और इंस्टॉलेशन अधिकृत वेंडर्स द्वारा किया जा रहा है। इस मॉडल ने लोगों को निर्णय लेने में मदद की है। पहले जहां घरों में बिजली बिल हर महीने 1,000 से 3,000 तक आता था, अब वहां मुफ्त बिजली मिल रही है।



राज्य का पहला सोलर विलेज बना नाथूकोन्हा

धमतरी जिले का नाथूकोन्हा गांव प्रदेश का पहला “सोलर विलेज” बन गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव को इसका प्रमाणपत्र दिया है।


यहां के 27 आदिवासी परिवारों के घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। गांव अब पूरी तरह सौर ऊर्जा से रोशन होता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 12 महीने लगातार बिजली मिलने से जीवन आसान हुआ है। मोबाइल चार्जिंग, पंखा, लाइट, मोटर पंप जैसी हर जरूरत अब बिना रुकावट पूरी हो रही है।



गांव-गांव जा रहा ‘सूर्य रथ’

योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सरकार ने ‘सूर्य रथ’ (छत्तीसगढ़ की योजना) शुरू किया है। यह मोबाइल वैन गांवों में जाकर योजना की जानकारी दे रही है। पैनल इंस्टॉलेशन का डेमो दिखा रही है। सब्सिडी का लाभ समझा रही है। ईएमआई विकल्प और वेंडर सूची बता रही है। इस अभियान का असर यह है कि कई गांवों में समूह आवेदन होने लगे हैं।



2027 तक 5 लाख घरों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कहते हैं कि मार्च 2027 तक 1,30,000 घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन सरकार इसे बढ़ाकर 5 लाख छतों तक ले जाना चाहती है। कुल लागत का 75% तक सब्सिडी मिलने से योजना बेहद आकर्षक हो गई है।



आम उपभोक्ताओं के अनुभव

PM Surya Ghar Free Electricity Scheme


धनेश गुप्ता, बेमेतरा

घर और लॉज दोनों पर पैनल लगाए। अब बिजली बिल लगभग शून्य। सब्सिडी और बैंक फाइनेंस मिलने से लागत कम हुई। अतिरिक्त बिजली से आय भी हो रही है।



PM Surya Ghar Free Electricity Scheme


दिलीप कुमार, रायगढ़

पहले हर महीने भारी बिल आता था। अब सौर ऊर्जा के कारण खर्च लगभग खत्म। वे कहते हैं कि यह सिर्फ बचत नहीं, जीवनशैली में बदलाव है।



PM Surya Ghar Free Electricity Scheme


सुभाष मिंज, पत्थलगांव

3 केवी सिस्टम लगवाया है। बिजली बिल बंद हो गया है। सब्सिडी से लागत काफी कम हुई। पर्यावरण संरक्षण में योगदान से खुश हैं।



छत्तीसगढ़ के घरों में नई रोशनी

केंद्र और राज्य की संयुक्त पहल ने छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को मेनस्ट्रीम बना दिया है। यह अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन रहा है। लोग यह मानने लगे हैं कि अपनी छत पर पैनल लगाना भविष्य में सबसे सुरक्षित निवेश है, आर्थिक रूप से भी और पर्यावरण के लिहाज से भी।



पारदर्शी सिस्टम बनाया

राज्य सरकार ने योजना को आसान बनाने के लिए पंजीयन प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया है। उपभोक्ता अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इंस्टॉलेशन के बाद सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।



सरकारी और निजी बैंक मिलकर आसान फाइनेंसिंग सुविधा देंगे, ताकि आम परिवार भी इस योजना का लाभ उठा सके। ग्रामीण इलाकों में भी इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।


RO-13257/7



Tags:
  • छत्तीसगढ़ की योजना
  • योजना
  • PM Surya Ghar Free Electricity Scheme