छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट : 15 से ज्यादा नेताओं पर गंभीर केस
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राजनेताओं के मामलों की स्टेटस रिपोर्ट जारी की है। प्रदेश के 15 से अधिक सांसद और विधायकों पर आपराधिक केस लंबित हैं। इन नेताओं के खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर मुकदमों में सुनवाई चल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वर्तमान विधायकों के नाम इसमें शामिल हैं। इन मामलों की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के नेताओं की बढ़ी मुश्किलें
छत्तीसगढ़ में माननीयों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रदेश के 15 से अधिक सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अदालतों में मामले लंबित हैं। हाईकोर्ट द्वारा जारी मई 2026 की स्टेटस रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार इन नेताओं के खिलाफ 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमों में सुनवाई चल रही है। इस सूची में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी शामिल है। इसके अलावा वर्तमान विधायक कवासी लखमा, देवेंद्र यादव और पूर्व सांसद मधुसूदन यादव के मामलों की सुनवाई हो रही है। इन सभी मामलों की फास्ट-ट्रैक अदालतों में नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है।
रायपुर की कोर्ट में सबसे हाई-प्रोफाइल मामले
राजधानी रायपुर की विशेष अदालतों में इस वक्त सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों की सुनवाई चल रही है। रायपुर के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई (CBI - Central Bureau of Investigation) की अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कैलाश मुरारका और विजय भाटिया के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। इन नेताओं पर आईपीसी की धाराओं और आईटी (IT - Information Technology) एक्ट के तहत गंभीर आरोप हैं। इस मामले की सुनवाई के लिए 19 जून 2026 की तारीख तय की गई थी।
लखमा और देवेंद्र यादव पर भी कसा शिकंजा
रायपुर की ही प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय में वर्तमान विधायक कवासी लखमा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई चल रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 1 जुलाई 2026 को होनी है।
इसके साथ ही ईडी (ED - Enforcement Directorate) द्वारा विधायक कवासी लखमा और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की सुनवाई भी जून महीने में तय की गई थी।
प्रदेश के कई जिलों में चल रहे हैं केस
माननीयों के खिलाफ प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मामले दर्ज हैं। बिलासपुर के सीजेएम (CJM - Chief Judicial Magistrate) कोर्ट में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव व अन्य के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत 1 जुलाई 2026 को आरोप तय होने हैं।
वहीं बलौदाबाजार की तीसरी एडीजे (ADJ - Additional District Judge) कोर्ट में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और किशोर नवरंगे के खिलाफ बलवे और हत्या के प्रयास का मामला चल रही है। इस केस में 23 जून 2026 को सुनवाई की तारीख तय थी। बलौदाबाजार में ही पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट के केस में 13 जुलाई 2026 को सुनवाई होनी है।
धोखाधड़ी और रास्ता रोकने के मामले भी पेंडिंग
जांजगीर-चांपा जिले में आरोपी बालेश्वर साहू, वेदप्रकाश साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी के मामलों में जिला न्यायालय में सुनवाई चल रही है। कवर्धा में भी अशोक कुमार साहू व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में 17 जून 2026 को साक्ष्य के लिए तारीख तय की गई थी।
गरियाबंद जिले के सीजेएम कोर्ट में भाजपा (BJP - Bharatiya Janata Party) के दो पूर्व विधायकों डमरूधर पुजारी और गोवर्धन मांझी के खिलाफ रास्ता रोकने और बलवा करने का मामला दर्ज है। इस मामले में 25 जून 2026 को कोर्ट में तारीख तय थी। वहीं रोहित साहू के खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में भी सुनवाई चल रही है।
भाजपा के पूर्व सांसद को तीन मामलों में मिली राहत
राजनांदगांव के विशेष न्यायालय में पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और मोहम्मद खालिद के खिलाफ जमाकर्ताओं के हितों के संरक्षण अधिनियम के तहत छह अलग-अलग मामले चल रहे हैं। इनमें से तीन मामलों में आरोपी नेताओं को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली हुई है।
हाईकोर्ट ने मार्च 2021 में ही इन मुकदमों की कार्यवाही पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी थी। हालांकि इसी कोर्ट में दर्ज तीन अन्य मामलों में हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। वहां अभियुक्तों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने के आदेश जारी किए गए हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्टेटस रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ है?
उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के 15 से अधिक सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अदालतों में 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं। इन मामलों की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में नियमित सुनवाई हो रही है। - पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर कौन सा मामला चल रहा है?
उत्तर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में आपराधिक मामला दर्ज है। उन पर आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत गंभीर आरोप हैं, जिसकी मॉनिटरिंग फास्ट-ट्रैक कोर्ट कर रही है। - विधायक कवासी लखमा और देवेंद्र यादव पर क्या आरोप हैं?
उत्तर: कवासी लखमा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला चल रहा है। इसके साथ ही ईडी ने कवासी लखमा और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज किए हैं।
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