छत्तीसगढ़ में नन की गिरफ्तारी पर सियासत, राहुल गांधी ने कहा - ये BJP-RSS का भीड़तंत्र

Kanak Durga Jha | Jul 29, 2025, 08:32 IST
Politics arrest nun Chhattisgarh Rahul Gandhi said BJP RSS mobocracy
छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो कैथोलिक ननों—सिस्टर वंदना फ्रांसिस और सिस्टर प्रीति मैरी—को मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोपों में गिरफ्तार किए जाने के बाद, दिल्ली में संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन हुआ।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में केरल की 2 कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली में संसद के बाहर प्रदर्शन हुआ है। मिशनरी सिस्टर्स को धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है। गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को केरल से विपक्ष के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।




राहुल गांधी - भाजपा-RSS का भीड़तंत्र

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर लिखा- छत्तीसगढ़ में 2 कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाकर जेल भेज दिया गया। यह न्याय नहीं, बल्कि भाजपा-RSS का भीड़तंत्र है।



यह एक खतरनाक पैटर्न को दर्शाता है। ये बीजेपी के शासन में अल्पसंख्यकों का सिस्टेमैटिक उत्पीड़न है। UDF सांसदों ने संसद में विरोध प्रदर्शन किया। हम चुप नहीं बैठेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है। हम ननों की तत्काल रिहाई और इस अन्याय के लिए जवाबदेही की मांग करते हैं।



इस पर CM विष्णुदेव साय ने कहा कि मामला मानव तस्करी और धर्मांतरण से जुड़ा हुआ है। अभी जांच जारी है। कानून अपने हिसाब से काम करेगा। इस पर कांग्रेस राजनीति कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं दुर्ग रेलवे स्टेशन से बरामद की गई युवती की मां ने बताया कि हमने अपनी बेटी को खुद भेजा था, अपने पैर पर खड़ा होने के लिए।



विपक्ष का विरोध – विरोध प्रदर्शन संसद में

- UDF सांसदों सहित कांग्रेस की टीम ने संसद परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

- कांग्रेस महासचिव K.C. वेणुगोपाल सहित सांसदों ने आरोप लगाया कि ननों पर भीड़तंत्र और अल्पसंख्यक उत्पीड़न का मामला है।

- राहुल गांधी ने इसे “BJP‑RSS का भीड़तंत्र” करार दिया और धर्म‑स्वातंत्र्य का उल्लंघन बताया।

- उन्होंने ननों की तत्काल रिहाई और जवाबदेही की मांग उठाई।

CPI(M), CBCI और केरल की प्रतिक्रिया

- CPI(M) ने इसे संवैधानिक व धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया।

- CBCI के अध्यक्ष मार एंड्रयूज थाज़ाथ ने इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करार दिया और केंद्र से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

- देवस्थान विभाग और केरल पोलिटिकल-धार्मिक ने जुड़ी संस्थाओं ने भी आरोपों की छानबीन की मांग की।

CM विष्णु देव साय का पक्ष

- CM ने कहा कि मामला मानव तस्करी और धर्मांतरण से जुड़ा है।

- उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि कानून अपनी दिशा में कार्य करेगा।

- युवतियों की मां ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को नौकरी के लिए भेजा था और ननों ने उनके माता‑पिता की सहमति ली थी।



अल्पसंख्यकों को बदनाम किया जा रहा- प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा -मैं 25 जुलाई को छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हुई घटना की निंदा करती हूं। दो ईसाई ननों-सिस्टर वंदना और सिस्टर प्रीति को बिना किसी कानूनी आधार के हिरासत में लिया गया। उन पर धर्मांतरण और मानव तस्करी के झूठे आरोप लगाए गए हैं। ये अल्पसंख्यक अधिकारों पर एक गंभीर हमला है।



प्रियंका गांधी ने आगे लिखा यह केवल एक मामला नहीं है। भाजपा शासन में अल्पसंख्यकों को सिस्टेमैटिक रूप से परेशान और बदनाम किया जा रहा है। भीड़ द्वारा न्याय और सांप्रदायिक निशाना बनाने का हमारे लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। कानून का शासन कायम रहना चाहिए।



छत्तीसगढ़ में नन की गिरफ्तारी | छत्तीसगढ़ में नन की गिरफ्तारी पर सियासत | Chhattisgarh Political Conflict | Chhattisgarh Politics News | छत्तीसगढ़ सियासत गर्म



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



Tags:
  • राहुल गांधी
  • बीजेपी
  • Chhattisgarh Politics News
  • Chhattisgarh Political Conflict
  • छत्तीसगढ़ सियासत गर्म
  • छत्तीसगढ़ में नन की गिरफ्तारी
  • छत्तीसगढ़ में नन की गिरफ्तारी पर सियासत