बिलासपुर हाईकोर्ट का सख्त रुख : डिस्टलरीज के जवाब देने का आज अंतिम दिन

Aishwarya Dwivedi | Jul 22, 2026, 11:09 IST
बिलासपुर HC ने प्रदूषण फैलाने वाली डिस्टिलरीज को नोटिस भेजा
बिलासपुर हाई कोर्ट ने नदियों में डिस्टलरीज द्वारा जहरीला पानी बहाने पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में भारी लापरवाही सामने आने के बाद अदालत ने कंपनियों को आज ही जवाब देने का अंतिम मौका दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला

बिलासपुर हाईकोर्ट ने नदियों में दूषित पानी बहाने वाली डिस्टलरीज पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की जांच के लिए दो कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए थे। कोर्ट कमिश्नरों ने अपनी जांच रिपोर्ट हाई कोर्ट में सौंप दी है। रिपोर्ट में तीनों डिस्टलरीज की भारी लापरवाही उजागर हुई है। अदालत ने कंपनियों को 22 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश दिया है।



औद्योगिक प्रदूषण पर कोर्ट का शिकंजा

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर शिकंजा कसा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने मीडिया में आई खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद अदालत ने मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया।



डिवीजन बेंच ने वस्तुस्थिति की जांच के लिए दो कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए थे। कोर्ट कमिश्नरों की टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश कर दी है। रिपोर्ट आते ही अदालत का रुख बेहद सख्त हो गया है।



कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में क्या निकला

कोर्ट कमिश्नर की जांच में गंभीर बातें सामने आई हैं। वेलकम डिस्टलरी का दूषित पानी पास के जंगल में जा रहा है। वहां पाइपलाइन में भी बड़ा लीकेज पाया गया है। इस इकाई पर पहले भी 56.4 लाख रुपये का जुर्माना लग चुका है। भाटिया वाइंस के आसपास बेहद खराब हालात मिले हैं। खजूरी और शिवनाथ नदी के रास्ते में अत्यधिक जहरीला पानी बह रहा है। पानी में बीओडी (BOD – Biochemical Oxygen Demand) और सीओडी (COD – Chemical Oxygen Demand) का स्तर मानक से बहुत ज्यादा है। इस जहरीले पानी के कारण नदियों की मछलियां लगातार मर रही हैं। इससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है। आसपास के ग्रामीणों में भी बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।



खदान के गड्ढों में भरा गंदा पानी

केडिया डिस्टलरी का मामला भी बहुत चिंताजनक है। इस इकाई का गंदा पानी पास की खदानों के गड्ढों में जमा पाया गया। कोर्ट कमिश्नरों ने वहां भी बड़े लीकेज की आशंका जताई है। कारखानों से बिना उपचारित किया पानी सीधे खुले में छोड़ा जा रहा है। यह जल स्रोतों और भूजल को सीधे तौर पर प्रदूषित कर रहा है। पर्यावरण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।



हाई कोर्ट ने दी अंतिम मोहलत

डिवीजन बेंच ने रिपोर्ट के आधार पर तीनों डिस्टलरीज को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने 22 जुलाई तक अपना विस्तृत जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। अगर निर्धारित तिथि तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कड़ी कार्रवाई होगी। अदालत पर्यावरण मानकों के पालन को लेकर बेहद सख्त नजर आ रही है।



यह खबरें भी पढ़ें...

सोम डिस्टलरीज सील, लाइसेंस निलंबित, फिर भी आबकारी विभाग ने दिया टेंडर ऑफर



नकली परमिट कांड में आबकारी विभाग का एक्शन, सोम डिस्टलरीज ग्रुप रायसेन का लाइसेंस सस्पेंड



ITR भरने की लास्ट डेट बदली, 31 जुलाई नहीं, अब इस डेट तक भरें इनकम टैक्स रिटर्न



सोम डिस्टलरीज के 350 करोड़ के बेनामी शेयर नहीं होंगे रिलीज, SC ने लगाई लगाम



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • शिवनाथ नदी
  • नोटिस
  • बिलासपुर हाईकोर्ट
  • पर्यावरण
  • औद्योगिक प्रदूषण