रायपुर 3D फैक्ट्री ब्लास्ट : 3 मजदूरों की मौत, कांग्रेस ने बनाई जांच समिति

Aishwarya Dwivedi | Jul 08, 2026, 15:53 IST
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रायपुर की उरला स्थित 3D फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से 3 मजदूरों की मौत हो गई। प्रशासन ने फैक्ट्री सील की। सरकार ने 30-30 लाख मुआवजे का ऐलान किया, जबकि कांग्रेस ने जांच समिति बनाई।

समझें क्या है पूरा मामला

रायपुर के उरला स्थित थ्री डी फैक्ट्री में मंगलवार शाम 6 बजे भीषण ब्लास्ट हुआ। फर्नेस में लान्सिंग के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से यह हादसा हुआ। इसमें 3 मजदूरों की मौत हो गई। प्रशासन ने फैक्ट्री को तुरंत बंद कर दिया। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। कांग्रेस ने घटना की जांच के लिए अपनी समिति भी बना दी है।



कैसे हुआ हादसा

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उरला की थ्री डी फैक्ट्री में फेरो अलॉय (Ferro Alloy) बनाने का काम होता था। मंगलवार शाम करीब 6 बजे यह हादसा हुआ। फेरो एलॉयज डिवीजन में एक फर्नेस चल रहा था। इसमें लान्सिंग की प्रक्रिया के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर में अचानक भीषण विस्फोट हो गया। इसी विस्फोट के कारण यह पूरी दुर्घटना घटी।



मुख्यमंत्री ने दिया बयान

घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी उद्योगों में सुरक्षा को लेकर कड़ाई से काम किया जाएगा।



हर मृतक परिवार को 30 लाख मुआवजा

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उरला की थ्री डी फैक्ट्री में हुआ ब्लास्ट बेहद दुखद घटना है। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री को तत्काल बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही घटना की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। मंत्री देवांगन ने साफ किया कि हर मृतक के परिवार को 30-30 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।



कांग्रेस ने बनाई जांच समिति

Raipur 3D Factory Blast


उरला फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में कांग्रेस ने भी अपनी जांच समिति बना दी है। पूर्व मंत्री शिव डहरिया को इस समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में कुल 8 सदस्य शामिल किए गए हैं। यह सभी सदस्य पीड़ित परिवारों से मिलेंगे। इसके साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच करेंगे। जांच के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कांग्रेस के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस मामले में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई साल में औद्योगिक हादसों में 150 से ज्यादा मजदूरों की जान जा चुकी है।



कांग्रेस का सरकार पर हमला

शुक्ला ने कहा कि सरकार लगातार सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहती है। उनका आरोप है कि हर बड़े हादसे के बाद मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री सख्त कार्रवाई की बात तो करते हैं। लेकिन उद्योग विभाग की तरफ से नियमित निरीक्षण नहीं होता। सुरक्षा मानकों की भी प्रभावी जांच नहीं की जाती, ऐसा उनका कहना है।



उन्होंने मांग रखी कि हादसे में जान गंवाने वाले हर मजदूर के परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह साफ होगा कि हादसे के लिए असल में कौन जिम्मेदार था। फैक्ट्री सुरक्षा मानकों का पालन कर रही थी या नहीं, यह भी जांच का अहम हिस्सा रहेगा।



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