पान खाने रुके कारोबारी की एक्टिवा से उड़े 53 लाख : पुलिस ने चोरों के घर मारे छापे तो गीजर-खिलौनों में मिले पैसे, दो आरोपी गिरफ्तार
जांच में पता चला कि आरोपी एक हफ्ते से कारोबारी पर नजर रख रहे थे। पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने कई बार अपने कपड़े भी बदले थे।
पान खाने रुका कारोबारी, स्कूटी से गायब हुआ बैग
रायपुर के शैलेंद्र नगर में रहने वाले किशोर बलवानी कपड़ों के कारोबारी हैं। उनकी पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। 9 अक्टूबर को सुबह करीब 11:40 बजे वे घर से दुकान जाने निकले थे। उनकी एक्टिवा के सामने एक सफेद बैग रखा था। बैग में 53 लाख रुपए नकद थे।
रास्ते में करीब 11:45 बजे वे कटोरा तालाब पहुंचे। संत कंवर राम चौक के पास पान खाने के लिए रुके। उन्होंने अपनी एक्टिवा पान दुकान के सामने खड़ी कर दी। पान खाकर वापस लौटे तो बैग गायब था। उन्होंने तुरंत सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
एक हफ्ते से कारोबारी की कर रहे थे निगरानी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि चोरी अचानक नहीं हुई थी। आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बना रखी थी। वे करीब एक हफ्ते से कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
आरोपियों को कारोबारी के घर से निकलने का समय पता था। वे उसके दुकान जाने का रास्ता भी जानते थे। घटना वाले दिन दोनों बाइक से कारोबारी का पीछा कर रहे थे। जैसे ही कारोबारी पान खाने रुका, आरोपियों ने मौका देखकर बैग उठा लिया। इसके बाद दोनों बाइक से फरार हो गए।
पहचान छिपाने के लिए रास्ते में बदलते रहे कपड़े
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। शुरुआती फुटेज में बिना नंबर वाली पल्सर बाइक पर दो संदिग्ध दिखाई दिए।
पुलिस ने आरोपियों के भागने वाले रास्तों की जांच की। इसके लिए हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। जांच में दोनों आरोपी अलग-अलग कपड़ों में नजर आए।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पहचान छिपाने के लिए रास्ते में कपड़े बदल रहे थे। वे ऐसे रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे जहां कैमरे कम लगे थे। तकनीकी जांच और दूसरे सबूतों की मदद से पुलिस दोनों तक पहुंच गई।
गीजर के अंदर और खिलौनों में छिपाए 53 लाख रुपए
चोरी के बाद आरोपियों ने रकम अपने घरों में छिपा दी थी। पुलिस के मुताबिक उन्होंने नकदी को अलग-अलग जगह रखा था। कुछ नोट गीजर के अंदर छिपाए गए थे। कुछ रकम टीवी के पीछे रखी गई थी। बच्चों के खिलौनों में भी नोट छिपाकर रखे गए थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर छिपाई गई रकम बरामद की गई। पुलिस ने चोरी के पूरे 53 लाख रुपए जब्त कर लिए हैं।
पल्सर बाइक और दो मोबाइल जब्त, तीन बैंक खाते फ्रीज
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक भी जब्त की है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच के दौरान तीन बैंक खातों को भी फ्रीज कराया गया है। पुलिस ने चोरी की रकम और आरोपियों से जुड़े दूसरे सबूत जुटाए हैं।
दोनों आरोपियों की पहचान हुई, पहले भी जा चुके हैं जेल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा के रूप में हुई है। मनीष यदु की उम्र 39 साल है। वह रायपुर के डीडी नगर इलाके का रहने वाला है। वहीं 36 वर्षीय कमलेश कुशवाहा टाटीबंध का निवासी है।
पुलिस के मुताबिक दोनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। मनीष के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मारपीट और जुआ एक्ट के मामले दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है।
साल 2012 में मनीष ने आजाद चौक थाने में नकदी लूटने की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत झूठी मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। दूसरे आरोपी कमलेश कुशवाहा के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज हो चुका है। वह भी पहले गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला चोरी का पूरा मामला
आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए कई तरीके अपनाए थे। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगाई थी। रास्ते में कपड़े भी बदले थे। इसके बावजूद सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से उनकी पहचान हो गई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर ली है। इस कार्रवाई से कारोबारी के 53 लाख रुपए चोरी होने का मामला सुलझ गया है।