रायपुर में 8वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, स्कूल प्रबंधन पर प्रताड़ना के आरोप, परिजनों ने किया प्रदर्शन

Harrison Masih | Oct 14, 2026, 11:31 IST
रायपुर में 8वीं की छात्रा ने लगाई फांसी
Raipur. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली छात्रा आकांक्षा सेन की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। छात्रा सरस्वती शिक्षा मंदिर, छत्तीसगढ़ नगर में पढ़ती थी। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर बच्ची को डांटने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं। वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल ने प्रताड़ना के आरोपों से इनकार किया है।

मामले में टिकरापारा थाने में शिकायत की गई है और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।



छात्रा की मौत के बाद स्कूल के बाहर प्रदर्शन

छात्रा की मौत के बाद मंगलवार को परिजन और स्थानीय लोग स्कूल के बाहर पहुंचे। यहां स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में बच्ची के साथ हुए व्यवहार से वह मानसिक रूप से परेशान थी।



परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, छात्रा की मौत के कारणों और घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।




टीचर के लिए अपशब्द कहने की शिकायत के बाद शुरू हुआ विवाद

स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, शुक्रवार 9 अक्टूबर को लंच के दौरान खेलते समय कक्षा 8वीं की चार बच्चियों पर एक शिक्षिका के लिए अपशब्द कहने का आरोप लगा था। स्कूल के अनुसार, कक्षा छठवीं के कुछ बच्चों ने इसकी शिकायत शिक्षिका से की थी। शिकायत के बाद प्रिंसिपल ने चारों बच्चियों को बुलाकर इस संबंध में बातचीत की।



प्रिंसिपल इंद्राणी दुबे के मुताबिक, बच्चियों से पूछा गया कि क्या उन्होंने शिक्षिका के लिए ऐसी कोई बात कही थी, जिससे उन्हें दुख पहुंचा हो। इसके बाद उन्हें शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करने की समझाइश दी गई।



प्रिंसिपल ने बताया कि बच्चियों को अगले दिन अपने माता-पिता के साथ स्कूल आने के लिए कहा गया था। उन्होंने बच्चों को प्रताड़ित करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत के दौरान इतनी ही बात हुई थी।




मां को स्कूल के गेट से लौटाने का आरोप

पूर्व पार्षद देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि शनिवार को हुई पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में आकांक्षा के पिता स्कूल पहुंचे थे, लेकिन उस दौरान उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं दी गई। उनके मुताबिक, सोमवार को बच्चियों को दोबारा स्कूल बुलाया गया और माता-पिता को साथ नहीं लाने की बात कही गई। इसके बाद सोमवार शाम करीब 4 बजे आकांक्षा की मां स्कूल पहुंचीं, लेकिन उन्हें गेट से ही वापस भेज दिया गया।



परिजनों और पूर्व पार्षद ने आशंका जताई कि इस घटनाक्रम से बच्ची आहत हुई होगी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष भी सामने आया है, जिसने प्रताड़ना के आरोपों से इनकार किया है।



सोमवार शाम घर में फंदे पर मिली छात्रा

परिजनों के मुताबिक, सोमवार 12 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच आकांक्षा घर में फंदे पर लटकी मिली। इसके बाद परिवार में शोक का माहौल है। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना से पहले स्कूल में हुई बातचीत और उसके बाद के घटनाक्रम समेत सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है।




दूसरी बच्ची के परिजन बोले- बेटी ने आरोपों से किया इनकार

मामले में शामिल चार बच्चियों में से एक के परिजन ओमप्रकाश साहू ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें फोन कर पत्नी के साथ स्कूल आने के लिए कहा गया था। उन्होंने फोन पर कई बार पूछा कि बच्चों से संबंधित मामला क्या है, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।



ओमप्रकाश साहू के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में पूछा। बेटी ने उनसे कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। परिजनों के इन बयानों की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है।



पढ़ाई में अच्छी थी आकांक्षा, जांच की मांग

परिजनों के अनुसार, आकांक्षा पढ़ाई में अच्छी थी और हर कक्षा में प्रथम आती थी। उसकी मौत के बाद परिवार ने स्कूल प्रबंधन के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल स्कूल प्रबंधन ने प्रताड़ना के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



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