छत्तीसगढ़ में शादी का झांसा देकर रेप करने वाले सरकारी अफसर को उम्रकैद
NEWS IN SHORT
- देवनारायण साहू को उम्रकैद, युवती से शादी का झांसा देकर बनाए शारीरिक संबंध
- कोर्ट ने SC/ST एक्ट के तहत दोषी मानते हुए आरोपी को सजा दी
- आरोपी ने युवती को जाति के नाम पर अपमानित कर किया शादी से इनकार
- पीड़िता की मां और भाई का समर्थन, आरोपी की धोखाधड़ी का किया खुलासा
- मेडिकल रिपोर्ट और गवाही से आरोपी की गलती साबित, कोर्ट ने दी सख्त सजा
NEWS IN DETAIL
Balod। Raipur News :छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के कृषि विस्तार (सरकारी अफसर) अधिकारी देवनारायण साहू को रायपुर स्पेशल कोर्ट ने रेप के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है।
cg raipur news :आरोपी ने युवती को शादी का झांसा देकर कई सालों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, सरकारी नौकरी लगने के बाद उसकी सोच बदल गई और उसने शादी से इनकार कर दिया।
क्या था मामला?
पीड़िता, जो बिलासपुर जिले की रहने वाली है, ने कोर्ट में बयान दिया कि वह देवनारायण साहू के साथ जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। वहीं, साहू ने उसे प्रेम प्रस्ताव दिया।
शुरू में पीड़िता ने इससे मना कर दिया, क्योंकि दोनों की जाति अलग थी और उसे शादी की उम्मीद नहीं थी। लेकिन आरोपी ने भरोसा दिलाया कि नौकरी लगने के बाद वह शादी करेगा।
पहली बार शारीरिक संबंध बनाए जब आरोपी ने युवती को रायपुर बुलाया
कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, फरवरी 2021 में आरोपी ने युवती को रायपुर स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां उसने शादी का भरोसा दिलाया और युवती के साथ
जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। 2023-24 के दौरान भी आरोपी ने युवती से शादी का वादा किया और उसके साथ संबंध बनाए।
नौकरी लगने के बाद आरोपी का बदल गया व्यवहार
साल 2024 में जब देवनारायण साहू की नौकरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर लगी, तब उसका व्यवहार बदलने लगा।
उसने युवती को नीची जाति की सतनामी कहकर शादी से इंकार कर दिया। नवंबर 2025 में आरोपी ने फिर युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
पांच दिसंबर 2025 को आरोपी ने कहा- हमारी जाति में शादी नहीं होती
आरोपी ने 4 दिसंबर 2025 को युवती से कहा कि वह उससे शादी नहीं करेगा, क्योंकि वह सतनामी समाज से है। उसने यह भी कहा कि वह किसी दूसरी लड़की से शादी करना चाहता है।
मां और भाई का भी समर्थन
इस मामले में पीड़िता के परिवार ने भी अदालत में बयान दिया। पीड़िता की मां और भाई ने बताया कि युवती ने उन्हें आरोपी द्वारा शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और फिर जाति के कारण शादी से इंकार करने की जानकारी दी थी।
मेडिकल रिपोर्ट से भी मिली पुष्टि
कोर्ट में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता का हाइमन फटा हुआ था। डॉक्टर ने भी यह पुष्टि की कि युवती ने आरोपी के द्वारा शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए जाने की जानकारी दी थी।
कोर्ट का फैसला
स्पेशल कोर्ट के जज पंकज कुमार सिन्हा ने आरोपी देवनारायण साहू को SC/ST एक्ट और अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा, आरोपी को 6 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया।
अदालत ने उसे BNS की धारा 64(2)(M) में 10 साल कठोर कारावास, BNS की धारा 69 में 10 साल कठोर कारावास और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(5) में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन सभी सजाओं को साथ-साथ लागू किया जाएगा।
न्याय की जीत, आरोपी को सजा
इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को सजा देकर यह साबित किया कि कोई भी व्यक्ति किसी की जाति, समाज या स्थिति को आधार बनाकर धोखा नहीं दे सकता। आरोपी को दी गई सजा से समाज में यह संदेश जाता है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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