एम्स रायपुर में मरीजों की बढ़ी परेशानी, बायपास सर्जरी के लिए 4 महीने तक इंतजार
समझें क्या है पूरा मामला
- बायपास सर्जरी के लिए 4 माह की वेटिंग
- एम्स में जांचों के लिए भी लंबी कतार
- पेट सीटी स्कैन के लिए 45 दिन इंतजार
- कम फीस के कारण एम्स में बढ़ा मरीजों का दबाव
- निजी अस्पतालों में महंगा इलाज बना विकल्प
छत्तीसगढ़रायपुर में दिल के मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। एम्स रायपुर में बायपास सर्जरी कराने के लिए मरीजों को करीब 4 महीने तक की वेटिंग मिल रही है। इसके अलावा कई जरूरी जांचों के लिए भी मरीजों को हफ्तों से लेकर महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
हार्ट मरीजों की परेशानी इसलिए बढ़ रही है क्योंकि ऑपरेशन से पहले कई जांच जरूरी होती हैं। सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई और पेट सीटी जैसी जांचों की लंबी कतार लगी हुई है।
बायपास सर्जरी के लिए एम्स में सबसे ज्यादा इंतजार
एम्स रायपुर में हार्ट की बायपास सर्जरी के लिए करीब चार महीने की वेटिंग चल रही है। मरीजों को पहले जांच प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बाद ऑपरेशन की तारीख मिलती है।
वहीं रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में बायपास सर्जरी के लिए करीब दो महीने की वेटिंग है। यहां सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों के लिए इंतजार का समय कम है।
जांच के लिए भी लंबी कतार
एम्स रायपुर में कई जरूरी जांचों के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। पेट सीटी स्कैन जैसी जांच के लिए करीब डेढ़ महीने तक का समय लग रहा है।
कैंसर मरीजों के लिए पेट सीटी स्कैन काफी जरूरी जांच मानी जाती है। एम्स में यह जांच करीब 7 हजार रुपए में हो जाती है। वहीं निजी अस्पतालों में इसके लिए 22 से 25 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं। कम खर्च होने के कारण एम्स में इस जांच के लिए मरीजों की संख्या ज्यादा है। इससे वेटिंग बढ़ गई है।
निजी अस्पतालों का लेना पड़ रहा सहारा
लंबे इंतजार के कारण कई मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। आर्थिक रूप से सक्षम मरीज जल्दी इलाज के लिए निजी अस्पतालों में ऑपरेशन और जांच करा रहे हैं। मरीजों का कहना है कि गंभीर बीमारी में समय पर इलाज जरूरी होता है। ज्यादा इंतजार होने से बीमारी बढ़ने का खतरा रहता है।
आंबेडकर अस्पताल में जांच का इंतजार कम
रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में सीटी स्कैन, एमआरआई और सोनोग्राफी जैसी जांचों के लिए इंतजार काफी कम बताया जा रहा है। यहां आमतौर पर दो से तीन दिन में जांच हो जाती है। सोनोग्राफी की सुविधा भी कम शुल्क में उपलब्ध है। आयुष्मान भारत कार्ड वाले मरीजों को कई जांचों का लाभ मुफ्त में मिलता है।
एम्स ने बताई मरीजों की बढ़ती संख्या वजह
एम्स प्रबंधन का कहना है कि बेहतर इलाज की सुविधा के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुछ विशेष सर्जरी और जांचों में वेटिंग होना सामान्य प्रक्रिया है।
एम्स के पीआरओ डॉ. मृत्युंजय राठौर ने बताया कि इमरजेंसी मरीजों को तुरंत इलाज और जांच की सुविधा दी जाती है। वेटिंग सूची में पारदर्शिता रखी जा रही है।
एसीआई प्रबंधन के अनुसार संसाधनों और ऑपरेशन थिएटर की सीमित संख्या के कारण बायपास सर्जरी में इंतजार करना पड़ता है। यहां दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
FAQ
- एम्स रायपुर में बायपास सर्जरी के लिए कितने समय की वेटिंग चल रही है?
एम्स रायपुर में हार्ट की बायपास सर्जरी के लिए करीब 4 महीने तक की वेटिंग चल रही है। - एम्स रायपुर में कौन-कौन सी जांचों के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है?
सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई और पेट सीटी स्कैन जैसी जांचों के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। - मरीज एम्स में लंबा इंतजार क्यों कर रहे हैं?
कम खर्च में बेहतर इलाज मिलने के कारण एम्स में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीमित संसाधनों की वजह से कुछ सर्जरी और जांचों में वेटिंग बढ़ रही है।
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