रायपुर में भीम आर्मी का चक्काजाम, एंबुलेंस-स्कूल बसें जाम में फंसीं, प्रदेश अध्यक्ष समेत 11 पर FIR
हालात ऐसे हो गए कि एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं। मामले में अब कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में निकाला मार्च
जानकारी के मुताबिक, पुलिस भर्ती अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्हीं अभ्यर्थियों के समर्थन में भीम आर्मी ने भी मोर्चा खोला। संगठन के बैनर तले करीब 100 से 150 कार्यकर्ता एकजुट हुए। इसके बाद सभी मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने के लिए निकले।
प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारे लगा रहे थे। मार्च करते हुए वे ओसीएम चौक पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर ही बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
सड़क पर बैठने से लगा लंबा जाम
ओसीएम चौक के पास सड़क पर प्रदर्शन शुरू होने से यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई।
मुख्य मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो गई। कई वाहन चालक काफी देर तक जाम में फंसे रहे। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई, जिन्हें जरूरी काम से बाहर जाना था।
इस दौरान मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। वहीं, स्कूल से बच्चों को घर छोड़ने जा रही बसें भी काफी देर तक आगे नहीं बढ़ सकीं। इस कारण आम लोगों के साथ मरीजों और स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने लाउडस्पीकर से की समझाइश
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे थे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की।
पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए कार्यकर्ताओं से सड़क खाली करने की अपील की। उन्हें बताया गया कि प्रदर्शन के लिए नवा रायपुर के तूता में निर्धारित धरना स्थल बनाया गया है। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों से वहीं जाकर अपनी मांग रखने को कहा।
हालांकि, पुलिस की समझाइश के बाद भी कार्यकर्ता सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। वे ओसीएम चौक के पास ही बैठे रहे। इससे सड़क पर यातायात सामान्य नहीं हो सका।
समझाइश के बाद भी नहीं खुला रास्ता, पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों से रास्ता खोलने की अपील की। इसके बावजूद मुख्य सड़क खाली नहीं हुई। लगातार जाम की स्थिति बनी रही। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करने का फैसला लिया।
पुलिस ने सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित करने के मामले में 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन लोगों में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद, जिला अध्यक्ष देवेंद्र मैरिसा और युवराज ढीढी के नाम शामिल हैं।
इनके अलावा भी मामले में अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
11 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मार्ग बाधित किया गया। इससे आम लोगों को परेशानी हुई। एंबुलेंस और स्कूल बसों के जाम में फंसने की बात भी सामने आई है।
इसी आधार पर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस पूरे मामले में एक तरफ पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में भीम आर्मी का प्रदर्शन हुआ। वहीं, दूसरी तरफ सड़क पर बैठने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस ने अब प्रदर्शन के दौरान रास्ता रोकने के मामले में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के आधार पर की जाएगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
सार्वजनिक मार्ग पर धरना और प्रदर्शन से एंबुलेंस, स्कूल बसों और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होती है। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों से जुड़ा प्रदर्शन भी युवाओं के रोजगार का मुद्दा है। इसलिए यह खबर सार्वजनिक सुविधा, कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति के अधिकार, तीनों से जुड़ी है।