रायपुर हत्याकांड: महिला के नाखूनों के DNA से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, ऐसे बेनकाब हुए तीनों कातिल

Harrison Masih | Oct 03, 2026, 12:42 IST
रायपुर ब्लाइंड मर्डर केस
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करीब दो साल पुराने महिला हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। खमतराई थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में 21 अगस्त 2024 को हुई लता साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस को सुलझाने में महिला के नाखूनों से मिले जैविक सैंपल और उससे तैयार DNA प्रोफाइल अहम सबूत साबित हुआ।

समझें क्या है पूरा मामला

  • रायपुर में 21 अगस्त 2024 को लता साहू की हत्या हुई थी।
  • पुलिस के मुताबिक, शराब को लेकर विवाद में तीन परिचितों ने वारदात की।
  • उस समय आरोपी अज्ञात थे, लेकिन नाखूनों के सैंपल से डीएनए प्रोफाइल बनी।
  • 2026 में संदिग्धों के सैंपल लिए गए और तीनों का डीएनए मैच हुआ।
  • इसके बाद पूछताछ हुई और रायपुर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

नाखूनों में मिले DNA ने खोला हत्या का राज

पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान लता साहू ने खुद को बचाने के लिए आरोपियों को नोचने की कोशिश की थी। संघर्ष के दौरान आरोपियों के जैविक निशान उसके नाखूनों में रह गए। पुलिस ने घटना के समय इन सैंपल को सुरक्षित कर DNA प्रोफाइल तैयार कराया था।



घटना के समय आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई थी, लेकिन डीएनए प्रोफाइल को सुरक्षित रखा गया। करीब दो साल बाद जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों के DNA सैंपल लिए। पुलिस के अनुसार, पुराने DNA प्रोफाइल से मिलान करने पर तीनों संदिग्धों के DNA मैच हो गए।



शराब को लेकर हुआ विवाद, फिर महिला की हत्या

पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त 2024 को मनहरण सारंग, राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू और राजू मंडल उर्फ बंगाली लता साहू के घर पहुंचे थे। तीनों महिला और उसके पति के परिचित बताए गए हैं।



चारों ने साथ में शराब पी। शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब मांगने को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर झूमाझटकी हुई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान राजू मंडल उर्फ बंगाली ने लता का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल ने उसके दोनों पैर पकड़ रखे थे।



पुलिस के अनुसार, कुछ देर बाद लता की छटपटाहट बंद हो गई। इसके बाद आरोपी घर में रखे कैश, साड़ी और पायल लेकर पीछे की दीवार से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि नकदी तीनों ने आपस में बांट ली, जबकि साड़ी और पायल मनहरण सारंग ने अपने पास रख ली।




DNA मैच होने के बाद तीनों आरोपी गिरफ्तार

हत्या के बाद आरोपियों की पहचान नहीं होने के कारण मामला लंबे समय तक अनसुलझा रहा। जांच के दौरान सुरक्षित रखे गए DNA प्रोफाइल ने करीब दो साल बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की।



पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों के DNA सैंपल पुराने सैंपल से मैच होने के बाद तीनों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को घटना से जुड़ी अहम जानकारी मिली। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।



गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

मनहरण सारंग (33) - रावांभाठा, रायपुर।



राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) - नवागांव, मुंगेली।



राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) - रावांभाठा, खमतराई, रायपुर; मूल निवासी दुर्ग।




एक आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मामले

पुलिस के मुताबिक, राजू मंडल उर्फ बंगाली के खिलाफ पहले से दो चोरी और एक हत्या समेत तीन मामले दर्ज हैं। लता साहू की हत्या का मामला उसके खिलाफ चौथा अपराध बताया गया है।



वहीं, मनहरण सारंग के खिलाफ मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली का मामला पहले से दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।



दो साल बाद वैज्ञानिक सबूत से सुलझा केस

लता साहू हत्याकांड में घटना के समय जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य को सुरक्षित रखना जांच में महत्वपूर्ण साबित हुआ। आरोपियों की पहचान तत्काल नहीं हो सकी, लेकिन नाखूनों से मिले जैविक सैंपल से तैयार DNA प्रोफाइल को सुरक्षित रखने के कारण बाद में संदिग्धों के DNA से उसका मिलान किया जा सका।



इस तरह करीब दो साल पुराने मामले में DNA जांच ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।



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