करंसी टावर की लिफ्ट में क्यों फंसी आईएएस ऋचा शर्मा, जांच कमेटी ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
NEWS IN SHORT
- रायपुर करेंसी टावर में IAS अधिकारी ऋचा शर्मा लिफ्ट में 20 मिनट तक फंसी रहीं
- लिफ्ट के रुकने का कारण: विद्युत आपूर्ति में खामी और तकनीकी दोष
- सुरक्षा पर सवाल: लिफ्ट में फंसी अधिकारी की मदद में देर क्यों हुई?
- लिफ्ट की वारंटी और मरम्मत प्रक्रिया: 2027 तक है वारंटी अवधि
- तत्काल सुधार की जरूरत: 7 दिनों में तकनीकी खामियों का समाधान अनिवार्य
NEWS IN DETAIL
Raipur News। 20 अप्रैल की वो दोपहर करेंसी टावर में मौजूद लोगों के लिए आम थी, लेकिन लिफ्ट नंबर-2 में सवार IAS ऋचा शर्मा के लिए वो किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थी।
अचानक एक झटका लगा और लिफ्ट बीच में ही रुक गई। अगले 20 मिनट तक जो हुआ, उसने सरकारी सुरक्षा और तकनीकी दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं।
लिफ्ट के वो 20 मिनट
लिफ्ट के भीतर के वो 20 मिनट किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। जब अचानक बिजली गई और लिफ्ट बीच में ही अटक गई, तो वहां मौजूद IAS ऋचा शर्मा के लिए एक-एक पल भारी पड़ने लगा।
बंद दरवाजों के बीच घुटती हुई हवा और बाहर निकलने का कोई रास्ता न दिखना, इंसान को भीतर से झकझोर देता है। बार-बार अलार्म बजाना और मदद का इंतजार करना
उस वक्त दिमाग में बस यही चलता है कि अब आगे क्या होगा? वो 20 मिनट की खामोशी और बेबसी ऐसी थी जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है, जहां हर बीतता सेकंड किसी पहाड़ जैसा लग रहा था।
लिफ्ट क्यों रुकी
जांच रिपोर्ट में जो बात सामने आई है, वो हैरान करने वाली है। बिजली गुल होते ही लिफ्ट को चलाने वाली सारी स्टैंडबाय व्यवस्था फेल हो गई। टावर में डीजल जनरेटर और यूपीएस तो लगे थे
लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से उन्होंने काम ही नहीं किया। मतलब साफ है कि अगर बिजली जाए, तो ये लिफ्ट एक लोहे का डिब्बा बनकर रह जाती है।
रिपोर्ट कहती है कि बिजली की सप्लाई में गड़बड़ी और बैकअप का काम न करना ही इस हादसे की असली वजह थी।
बचाव में इतनी देर क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि मदद पहुँचने में 20 मिनट क्यों लगे? जांच में पता चला है कि वहां तैनात टीम को पता ही नहीं चला कि कोई अंदर फंसा है।
इमरजेंसी अलार्म और सूचना देने का सिस्टम उस वक्त फेल रहा। यह देरी साफ बताती है कि वहां किसी भी मुसीबत से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं थी। अगर कोई बीमार इंसान होता, तो ये 20 मिनट उसकी जान पर भारी पड़ सकते थे।
जिम्मेदार कौन
बड़ा सवाल ये है कि जब ये लिफ्ट जनवरी 2027 तक वारंटी में है, तो इसकी समय-समय पर चेकिंग क्यों नहीं की गई? जिम्मेदारी उस एजेंसी की है जिसे रखरखाव का जिम्मा दिया गया था।
आखिर क्यों करोड़ों के करेंसी टावर में बैकअप सिस्टम को लावारिस छोड़ दिया गया? बचाव में इतनी देरी होना भी ये बताता है कि इमरजेंसी के लिए वहां कोई तैयार नहीं था।
7 दिन का अल्टीमेटम
जांच विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। संबंधित एजेंसी को 7 दिन की मोहलत दी गई है कि वो सारी कमियां दूर करे। अगर सुधार नहीं हुआ
तो 48 घंटे का नोटिस देकर टावर की बिजली काट दी जाएगी। ये सिर्फ एक चेतावनी नहीं है, बल्कि उस सिस्टम को आईना दिखाना है जिसने एक अधिकारी की जान जोखिम में डाल दी।
महत्वपूर्ण तथ्य
- IAS अधिकारी ऋचा शर्मा लिफ्ट में फंसीं : 20 अप्रैल 2026 को रायपुर के करेंसी टावर में लिफ्ट रुकने से IAS अधिकारी ऋचा शर्मा 20 मिनट तक फंसी रहीं।
- लिफ्ट के रुकने का कारण : विद्युत आपूर्ति में व्यवधान के कारण लिफ्ट के स्टैंडबाय सिस्टम (डीजल जनरेटर और यूपीएस) में तकनीकी खराबी आई, जिससे लिफ्ट रुक गई।
- सुरक्षा खामियां : लिफ्ट के रुकने पर समय पर बचाव नहीं हो पाया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
- लिफ्ट की वारंटी : उक्त लिफ्ट 23 जनवरी 2027 तक वारंटी अवधि में है और मरम्मत का काम चल रहा है।
- सुधार के लिए समय सीमा : मुख्य विद्युत निरीक्षकालय ने 7 दिनों की समय-सीमा दी है, यदि सुधार नहीं हुआ तो विद्युत आपूर्ति विच्छेदित की जा सकती है।
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