रायपुर जिला अस्पताल में बदला साहब, डॉ संजय कुमार को सिविल सर्जन की कमान, डॉ भेनुज सिन्हा को संचालनालय भेजा
वहीं, अब तक यह पद संभाल रहे शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर में प्रभारी उप संचालक बनाया गया है। यानी एक पद से दूसरे पद तक जिम्मेदारी बदली, लेकिन दोनों जगह प्रभार की व्यवस्था ही कायम है।
नियमित नियुक्ति कब होगी?
स्वास्थ्य विभाग में सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक और संचालनालय के पद सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन से जुड़े हैं। ऐसे पदों पर जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों से अस्पतालों के प्रबंधन, मरीजों की सुविधाओं और विभागीय कामकाज को बेहतर बनाने की उम्मीद की जाती है। लेकिन जब प्रमुख पदों पर नियमित पदस्थापना के बजाय प्रभारी अधिकारियों से काम चलाया जाता है, तो व्यवस्था को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। रायपुर जिला अस्पताल जैसे प्रमुख संस्थान में भी अब नई जिम्मेदारी प्रभारी अधिकारी को दी गई है। सवाल यह है कि विभाग में नियमित पदस्थापना की व्यवस्था कब लागू होगी और प्रभार के भरोसे चल रहे पदों पर स्थायी नियुक्तियां कब होंगी?
संजय कुमार को नई जिम्मेदारी
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश के मुताबिक, डॉ. संजय कुमार जिला चिकित्सालय रायपुर में पदस्थ थे। अब उन्हें प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक बनाया गया है। अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के साथ मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उनके पद से जुड़ी होगी।
सिन्हा को संचालनालय भेजा
अब तक जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़, रायपुर में प्रभारी उप संचालक बनाया गया है। इस बदलाव के बाद जिला अस्पताल की कमान नए अधिकारी को मिल गई है, लेकिन संचालनालय में भी उन्हें नियमित पदस्थापना के बजाय प्रभार की जिम्मेदारी दी गई है।
आदेश में वजह नहीं बताई
यह आदेश मंत्रालय से जारी किया गया है। हालांकि, आदेश में इस फेरबदल की वजह नहीं बताई गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों पदों पर नियमित नियुक्ति कब तक की जाएगी।
मरीजों को राहत मिलेगी?
स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों की कुर्सियां बदलने से ज्यादा अहम यह है कि अस्पतालों की व्यवस्था में कितना सुधार होता है। जिला अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज, जरूरी सुविधाएं और बेहतर प्रबंधन मिलना चाहिए। लेकिन विभाग में प्रमुख पदों पर प्रभार की व्यवस्था जारी रहने से नियमित नियुक्तियों और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल बने हुए हैं। अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. संजय कुमार अस्पताल की व्यवस्था में क्या बदलाव लाते हैं और स्वास्थ्य विभाग प्रभार के इस सिलसिले को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।