छत्तीसगढ़ में OPS की मांग तेज: रायपुर में महारैली, सामूहिक अवकाश पर जाएंगे बिजली कर्मी, सरकार को अल्टीमेटम
समझें क्या है पूरा मामला
- बिजली कंपनी के कर्मचारी ओपीएस लागू करवाना चाहते हैं।
- ऊर्जा विभाग ने 6 अक्टूबर 2023 को सैद्धांतिक सहमति दी थी।
- तीन साल बाद भी पेंशन का अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ।
- आदेश में देरी के विरोध में सोमवार को रायपुर में महारैली हुई।
- मंच की चेतावनी: आदेश न आया तो 18 नवंबर 2026 को सामूहिक मास अवकाश।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन से स्पष्ट कहा कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा। कर्मचारियों की मांग है कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने का अंतिम लिखित आदेश जल्द जारी किया जाए।
आश्वासन नहीं, अब आदेश चाहिए
रायपुर में आयोजित महारैली के दौरान कर्मचारियों ने 'पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है- लेकर रहेंगे' और 'आश्वासन नहीं, अब आदेश चाहिए' जैसे नारे लगाए। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में दिन-रात अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा उनका अधिकार है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। लगातार बैठकों और आश्वासनों के बावजूद आदेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
6 अक्टूबर 2023 को मिली थी सैद्धांतिक सहमति
महारैली को संबोधित करते हुए अभियंता संघ के महासचिव मनोज वर्मा समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि 6 अक्टूबर 2023 को ऊर्जा विभाग ने विद्युत कंपनियों में पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति दी थी।
मंच का आरोप है कि सैद्धांतिक सहमति के बावजूद करीब तीन साल बाद भी पुरानी पेंशन लागू करने का अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि पूर्व में दी गई सैद्धांतिक सहमति को तत्काल अंतिम निर्णय में बदला जाए।
सरकार को दी समयबद्ध निर्णय की मांग
विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच ने सरकार से मांग की है कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने के संबंध में समयबद्ध निर्णय लिया जाए। मंच के मुताबिक, कर्मचारियों को अब सिर्फ बैठकों और आश्वासनों के बजाय लिखित आदेश चाहिए।
18 नवंबर को सामूहिक मास अवकाश की चेतावनी
महारैली के दौरान आंदोलन के अगले चरण का भी ऐलान किया गया। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने का ठोस आदेश जारी नहीं किया गया, तो 18 नवंबर 2026 को 12 संगठनों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक मास अवकाश पर रहेंगे।
मंच ने कहा कि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक करते हुए चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।
FAQs
- रायपुर में बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन क्यों किया?
- बिजली कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग क्यों की है?
बिजली कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा उनका अधिकार है, और उन्होंने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कई वर्षों से की है, लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। - कर्मचारी प्रदर्शन के दौरान क्या चेतावनी दी गई है?
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने का ठोस आदेश जारी नहीं किया गया, तो 18 नवंबर 2026 को 12 संगठनों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक मास अवकाश पर रहेंगे।