कृषि कॉलेज पेपर लीक : सुई-कैमरे से चुराया पर्चा, चैटजीपीटी से बनाए उत्तर

Aishwarya Dwivedi | Aug 23, 2026, 09:53 IST
रायपुर-एंडोस्कोपी-कैमरा-पेपर-लीक
रायपुर में एंडोस्कोपी कैमरे और सुई की मदद से कृषि परीक्षा का पर्चा लीक करने वाले प्रोफेसर समेत 6 लोगों को पुलिस ने 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का कीट शास्त्र का पर्चा लीक हुआ।
  • दुर्ग के एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर ने यह पर्चा लीक किया।
  • आरोपी ने एंडोस्कोपी कैमरे और सुई की मदद से वीडियो बनाया।
  • यह पर्चा छात्रों को 11 हजार रुपये में बेचा गया था।
  • पुलिस ने एफआईआर के 36 घंटे में 6 आरोपियों को पकड़ा।

एंडोस्कोपी कैमरे से बनाई वीडियो

दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में कार्यरत प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया को परीक्षा पर्चा लाने और ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी। योगेश ने पर्चा निकालने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया।



उसने ऑनलाइन 2500 रुपए का एक एंडोस्कोपी कैमरा खरीदा। इसके बाद उसने प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे में सुई से बहुत बारीक छेद किया। उस छेद के रास्ते उसने कैमरे को लिफाफे के अंदर डाला।



कैमरे को मोबाइल से जोड़कर उसने अंदर के पन्नों की वीडियो बना ली। हालांकि कैमरा केवल शुरुआती पन्नों तक ही पहुंच पाया। इस वजह से वह कुल 18 सवाल ही रिकॉर्ड कर सका।



चैटजीपीटी से तैयार किए उत्तर

योगेश ने अपने घर पर इस वीडियो को बार-बार देखा। उसने करीब एक घंटे में सभी सवालों को कागज पर उतारा। इसके बाद उसने चैटजीपीटी (ChatGPT - Chat Generative Pre-trained Transformer) की मदद से सवालों के उत्तर तैयार किए।



उत्तर तैयार करने के बाद आरोपी ने यह पेपर अजय नायक नाम के छात्र को 11 हजार रुपए में बेच दिया। अजय ने इसे आगे त्रिदेव पटेल को बेचा। इसके बाद पर्चा अन्य छात्रों तक पहुंचा।



पहले भी लीक किया था पर्चा

पुलिस जांच में पता चला कि योगेश ने पहले भी पर्चा लीक किया था। उसने 6 अगस्त को एटीकेटी (ATKT - Allowed To Keep Term) परीक्षा का पर्चा लीक किया था। वह पर्चा उसने 10 हजार रुपए में बेचा था।



इसके बाद उसने 19 अगस्त को फिर से पर्चा लीक कर दिया। यह पर्चा 20 अगस्त को होने वाली कीट शास्त्र परीक्षा का था। छात्रों के वॉट्सएप पर पर्चा आते ही हड़कंप मच गया।



36 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार

कृषि कॉलेज पेपर लीकमामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया को पकड़ लिया।



उसके साथ ही पर्चा खरीदने और आगे फैलाने वाले 5 छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार छात्रों में अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं।



सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस जगह प्रश्नपत्र प्रिंट होते हैं, वहां कोई सीसीटीवी (CCTV - Closed Circuit Television) कैमरा नहीं लगा था।



सुरक्षा में लापरवाही के कारण कॉलेज प्रबंधन ने प्राचार्य डॉ. एके दुबे और आरोपी प्रोफेसर योगेश को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।



इस पूरी हरकत ने 950 छात्रों की मेहनत पर पानी फेर दिया। महज 11 हजार रुपये के लालच में इतने सारे विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा दिया गया। पुलिस अब पूरे सिस्टम की कमियों की जांच कर रही है।



FAQ

  1. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कहां स्थित है?
    यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित है। इसकी स्थापना 1987 में हुई थी।
  2. एंडोस्कोपी कैमरा असल में किस काम आता है?
    यह एक मेडिकल उपकरण है। इसका उपयोग डॉक्टर शरीर के अंदरूनी हिस्सों (जैसे पेट या गले) की जांच के लिए करते हैं।
  3. आरोपी प्रोफेसर ने उत्तर तैयार करने के लिए किस AI टूल की मदद ली थी?
    रिकॉर्ड किए गए सवालों के जवाब तैयार करने के लिए प्रोफेसर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल 'चैटजीपीटी' (ChatGPT) की मदद ली थी।

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