रायपुर में 4 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप, अनवर ढेबर समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

Harrison Masih | Nov 05, 2026, 13:14 IST
कारोबारी से 4 करोड़ मांगने का आरोप, अनवर ढेबर समेत 6 लोगों के खिलाफ केस
Raipur police have registered an FIR against Anwar Dhebar and five others over allegations of demanding ₹4 crore in extortion and assaulting a businessman.
रायपुर में 4 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने अनवर ढेबर समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। कारोबारी बलिराम धरमानी (62) ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, जमीन के पुराने सौदे को लेकर आरोपियों ने बलिराम पर 4 करोड़ रुपए देने का दबाव बनाया।

आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई।



इस मामले में अनवर ढेबर के अलावा संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र कुमार, विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी और कुबेर राठी के नाम सामने आए हैं। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री और पुराने सौदे को लेकर बलिराम पर पैसे देने का दबाव बनाया था। पीड़ित ने होटल वेलिंगटन में मारपीट होने का आरोप भी लगाया है।




2018 में हुआ था जमीन का सौदा

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, कालीबाड़ी निवासी बलिराम धरमानी ने वर्ष 2018 में बोरड परिवार की लाभांडी स्थित जमीन का सौदा किया था। यह जमीन करीब 2.60 लाख वर्गफीट में फैली हुई थी।



इस सौदे के तहत 40 हजार वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री बलिराम के नाम हो गई थी। बाकी जमीन के लिए एग्रीमेंट किया गया था। हालांकि, परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होने के कारण बाकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी।



शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 में संदीप अग्रवाल कटोरा तालाब स्थित बलिराम के कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने के बदले 4 करोड़ रुपए की मांग की थी।




जमीन वापस करने के बाद मिले 3 करोड़ रुपए

बलिराम धरमानी के मुताबिक, बाद में उन्होंने अपने नाम पर रजिस्टर्ड 40 हजार वर्गफीट जमीन बोरड परिवार को वापस कर दी थी। इसके बदले उन्हें 3 करोड़ 15 लाख रुपए मिले थे।



उनका दावा है कि इस लेन-देन के बाद बोरड परिवार के साथ उनका कोई आर्थिक हिसाब बाकी नहीं था। इसके बावजूद उनसे दोबारा 4 करोड़ रुपए की मांग की गई।



होटल में बैठक के दौरान मारपीट का आरोप

शिकायत के मुताबिक, 26 सितंबर 2026 को रहमानिया चौक स्थित बबू प्लाजा में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में फिर से 4 करोड़ रुपए देने की मांग की गई।



इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर को फाफाडीह स्थित होटल वेलिंगटन में दूसरी बैठक हुई। बलिराम का आरोप है कि इस बैठक में उन्होंने रकम देने से इनकार कर दिया।



इसके बाद अनवर ढेबर और कुबेर राठी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। शिकायत में बाकी आरोपियों पर भी धमकी देने का आरोप लगाया गया है।



बलिराम का कहना है कि उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।




इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

बलिराम की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया है।



इनमें धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) शामिल हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।



जांच में जमीन के पुराने सौदे, पैसों के लेन-देन और दोनों बैठकों से जुड़े तथ्यों को देखा जा रहा है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच करेगी। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



ऑनलाइन FIR को किया गया सेंसिटिव

इस मामले में गंज पुलिस ने ऑनलाइन FIR को संवेदनशील यानी Sensitive श्रेणी में रखा है। इसके कारण आम लोग ऑनलाइन माध्यम से FIR का पूरा विवरण नहीं देख सकते।



आमतौर पर पुलिस महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में निजी जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने के लिए इस व्यवस्था का इस्तेमाल करती है।




कौन है अनवर ढेबर?

अनवर ढेबर छत्तीसगढ़ के कारोबारी हैं। वह रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के बड़े भाई हैं। उनका नाम छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में भी सामने आ चुका है।



अब रायपुर में 4 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के इस मामले में भी उनका नाम सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।



यह खबर क्यों जरूरी है?

क्योंकि रंगदारी और जमीन विवाद का मामला व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़ा है। मामले में बड़े नाम सामने आने के कारण पुलिस की जांच पर सबकी नजर रहेगी। जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई सामने आएगी।

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