ED की रेड से खुला राज : युवक को फर्जी डायरेक्टर बनाकर करोड़ों का घोटाला

Umeshwari Baghel | Jul 22, 2026, 15:22 IST
ED की रेड से खुला राज
रायपुर में युवक को नौकरी का झांसा देकर फर्जी कंपनी का डायरेक्टर बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसके नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए विदेश भेजे गए। ईडी की रेड के बाद खुलासा हुआ।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक युवक को नौकरी दिलाने के बहाने कंपनी का डायरेक्टर बनाने और उसकी पहचान का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए विदेश भेजने का मामला सामने आया है। युवक का आरोप है कि बैंक खातों और कंपनी के दस्तावेजों में उसके नाम व फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया। प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद उसे कथित लेनदेन की जानकारी मिली।



रायपुर के विधानसभा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर युवक के मौसेरे भाई और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों, कंपनी के दस्तावेजों और विदेशी लेनदेन की जांच कर रही है।



50 हजार रुपए वेतन का दिया प्रस्ताव

सड्डू की मेट्रोग्रीन सोसायटी में रहने वाले संदीप सेठ ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2023 में बेरोजगार था। इसी दौरान उसके मौसेरे भाई रितेश गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति ने उसे नौकरी का प्रस्ताव दिया।



संदीप को ठाणे की कांसलीवाल बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर बनाने की बात कही गई। इसके बदले हर महीने 50 हजार रुपए वेतन देने का भरोसा दिया गया।



शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे कंपनी के वास्तविक कामकाज की पूरी जानकारी नहीं दी गई। कंपनी से जुड़े दस्तावेज उसके घर भेजे जाते थे और उन पर हस्ताक्षर कराए जाते थे।



ED की रेड से खुला राज


दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर का आरोप

संदीप का आरोप है कि बाद में उसके नाम से कई दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। उसे मुंबई ले जाकर अलग-अलग बैंकों में कंपनी के खाते भी खुलवाए गए।



इनमें एसबीएम बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और आरबीएल बैंक के खाते शामिल बताए गए हैं। इन खातों में संदीप को अधिकृत लेनदेनकर्ता बनाया गया था।



शिकायत में कहा गया है कि बैंक खातों से किसी दूसरे व्यक्ति का मोबाइल नंबर जोड़ दिया गया। इस कारण खातों में होने वाले लेनदेन के संदेश और दूसरी जानकारी संदीप तक नहीं पहुंची।



ईडी की रेड के बाद हुआ खुलासा

एफआईआर के अनुसार, 22 अप्रैल 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने संदीप के रायपुर स्थित घर पर कार्रवाई की। ईडी की पूछताछ के दौरान उसे जानकारी मिली कि कंपनी के बैंक खातों से करोड़ों रुपए विदेश भेजे गए हैं।



संदीप ने पुलिस को बताया कि इन लेनदेन की उसे पहले कोई जानकारी नहीं थी। उसका आरोप है कि उसके दस्तावेजों और पहचान का गलत इस्तेमाल कर उसे मामले में फंसाने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।



बैंक खातों की जानकारी जुटा रही पुलिस

विधानसभा थाना पुलिस ने रितेश गुप्ता और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ईडी से छापेमारी से जुड़े दस्तावेज और जांच में मिली जानकारी मांग सकती है।



इसके साथ ही कंपनी के बैंक खातों, विदेशी ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, डिजिटल रिकॉर्ड और हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि विदेश भेजी गई रकम कहां से आई और किन खातों में पहुंची।



पुलिस यह जांच भी कर रही है कि कंपनी का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था। संदीप की भूमिका कंपनी के कामकाज में थी या उसे केवल कागजों में डायरेक्टर बनाया गया था, इसका खुलासा जांच के बाद होगा।



IMP FACTS

शिकायतकर्ता: संदीप सेठ



आरोपी: रितेश गुप्ता और अन्य



कंपनी: कांसलीवाल बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड



नौकरी का प्रस्ताव: ₹50 हजार प्रतिमाह



कंपनी में पद: डायरेक्टर



मामला शुरू: वर्ष 2023



ईडी की रेड: 22 अप्रैल 2025



बैंक खाते: SBM, ICICI, IndusInd और RBL बैंक



आरोप: फर्जी हस्ताक्षर और पहचान का इस्तेमाल



लेनदेन: करोड़ों रुपए विदेश भेजने का आरोप



थाना: विधानसभा थाना, रायपुर



दर्ज धाराएं: 420, 467, 468, 120-B और 34



कुल रकम: सटीक राशि अभी सामने नहीं आई



निष्कर्ष

रायपुर में सामने आया यह मामला कथित शेल कंपनी, फर्जी दस्तावेज और संदिग्ध विदेशी लेनदेन से जुड़ा गंभीर प्रकरण है। फिलहाल शिकायतकर्ता ने अपने मौसेरे भाई और अन्य लोगों पर आरोप लगाए हैं। आरोप सही हैं या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष बैंक रिकॉर्ड, ईडी के दस्तावेज और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।



FAQ

  1. संदीप सेठ को कंपनी का डायरेक्टर कैसे बनाया गया?
    शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 में ₹50 हजार मासिक वेतन का प्रस्ताव देकर उन्हें कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया।
  2. करोड़ों के विदेशी लेनदेन का खुलासा कैसे हुआ?
    22 अप्रैल 2025 को ईडी की रेड और पूछताछ के बाद कंपनी खातों से विदेश भेजी गई रकम की जानकारी सामने आई।
  3. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?
    विधानसभा थाना पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 120-B और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।

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