रायपुर में अब कचरा फेंका तो खैर नहीं! 127 नाइट विजन कैमरों की नजर, लगेगा ₹25,000 का भारी जुर्माना
समझें क्या है पूरा मामला
रायपुर : रायपुर शहर में सार्वजनिक जगहों पर कचरा फेंकने वालों पर अब सख्ती बढ़ने वाली है। रायपुर नगर निगम ऐसे स्थानों पर (नाइट विजन कैमरे)हाईटेक कैमरे लगाने जा रहा है जहां अक्सर कचरा फेंकने की शिकायतें मिलती हैं। इसके लिए निगम करीब 90 लाख रुपये खर्च करेगा। शहर के सभी 10 जोन में कुल 127 नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे।
इन कैमरों की मदद से सड़क किनारे या खुले स्थानों पर कचरा फेंकने वालों की पहचान की जा सकेगी। फुटेज के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। नियमों के (कचरा जुर्माना) उल्लंघन पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
रात में भी होगी हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग
नगर निगम की योजना में लगाए जाने वाले कैमरे सामान्य सीसीटीवी से अलग होंगे। इनमें नाइट विजन सुविधा होगी। इससे अंधेरे में भी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा सकेगा।
कैमरे करीब 50 मीटर दूरी तक साफ तस्वीर रिकॉर्ड कर सकेंगे। स्ट्रीट लाइट वाले इलाकों में इनकी रिकॉर्डिंग और बेहतर होगी। इससे रात के समय कचरा फेंकने वालों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
मोबाइल से देख सकेंगे लाइव निगरानी
इन कैमरों को मोबाइल ऐप आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। जोन कमिश्नर और संबंधित अधिकारी जरूरत पड़ने पर अपने मोबाइल से कैमरों की लाइव स्थिति देख सकेंगे।
कैमरों की मदद से किसी भी शिकायत की जांच करना आसान होगा। निगम के पास कार्रवाई के लिए रिकॉर्ड फुटेज उपलब्ध रहेगा।
23 संवेदनशील जगहों से शुरू होगा काम
नगर निगम ने पुलिस के सहयोग से शहर में करीब 23 ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं जहां कचरा फेंकने की समस्या ज्यादा है। इन जगहों पर पहले चरण में कैमरे लगाए जाएंगे।
व्यावसायिक क्षेत्रों और ज्यादा भीड़ वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभी कई बार कचरा फेंकने वालों की पहचान नहीं हो पाती थी। कैमरे लगने के बाद ऐसे मामलों में कार्रवाई आसान होगी।
कचरा वाहनों पर भी रखी जाएगी नजर
निगम इन कैमरों का इस्तेमाल केवल लोगों पर नजर रखने के लिए नहीं करेगा। कचरा उठाने वाले वाहनों की गतिविधियों की भी निगरानी होगी।
वाहनों के नंबर रिकॉर्ड होने से यह पता लगाया जा सकेगा कि वाहन कहां से कचरा लेकर गया। इससे कचरा परिवहन में लापरवाही और गलत जगह डंपिंग की जांच में मदद मिलेगी।
तीन साल तक एजेंसी करेगी रखरखाव
कैमरे लगाने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके लिए कांकेर की एक एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है। एजेंसी अगले तीन साल तक (CCTV निगरानी) कैमरों का संचालन और रखरखाव करेगी।
नगर निगम का उद्देश्य शहर को साफ रखने के साथ खुले में कचरा फेंकने की आदत पर रोक लगाना है। कैमरों की निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई का दायरा बढ़ जाएगा।
- रायपुर में सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों पर निगरानी के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
रायपुर नगर निगम सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने की समस्या पर नजर रखने के लिए हाईटेक नाइट विजन कैमरे लगाने जा रहा है। इसके लिए निगम लगभग 90 लाख रुपये खर्च करेगा और शहर के सभी 10 जोन में कुल 127 कैमरे लगाए जाएंगे। - नाइट विजन कैमरे किस प्रकार से काम करेंगे और उनकी विशेषताएँ क्या हैं?
नाइट विजन कैमरे अंधेरे में भी स्पष्ट फुटेज रिकॉर्ड कर सकेंगे और ये करीब 50 मीटर दूरी तक साफ तस्वीरें प्राप्त करेंगे। इन कैमरों को मोबाइल ऐप के माध्यम से लाइव मॉनिटर किया जा सकेगा, जिससे संबंधित अधिकारी जरूरत पड़ने पर लाइव फुटेज देख सकेंगे। - अगर कोई व्यक्ति कचरा फेंकते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकते हुए कैमरे में कैद होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उसे 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। कैमरों के माध्यम से रिकॉर्ड फुटेज का उपयोग करके संबंधित व्यक्ति की पहचान की जाएगी।