रायपुर में गैस एजेंसियों पर छापा, भारी गड़बड़ी पर गोदाम सील
NEWS IN SHORT
- रायपुर में एलपीजी कालाबाजारी रोकने प्रशासन ने मारे ताबड़तोड़ छापे।
- मौर्य गैस एजेंसी का नरदहा स्थित गोदाम किया गया सील।
- गोदाम से कुल 883 घरेलू और 53 कमर्शियल सिलेंडर जब्त।
- कान्हा और लक्ष्मी गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में भारी अंतर।
- जब्त एलपीजी टैंकरों से गैस चोरी होने का कनेक्शन उजागर।
NEWS IN DETAIL
शहर में एलपीजी सिलेंडरों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में खाद्य विभाग की टीम ने राजधानी रायपुर की तीन प्रमुख गैस एजेंसियों के दफ्तरों और गोदामों पर एक साथ औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाए जाने पर एक एजेंसी के गोदाम को सील कर दिया गया है, जबकि अन्य दो एजेंसियों के खिलाफ जांच जारी है।
मोवा की मौर्य गैस एजेंसी का गोदाम सील
खाद्य विभाग की टीम ने सबसे पहले मोवा स्थित मौर्य गैस एजेंसी पर दबिश दी। जब वहां के स्टॉक रजिस्टर की जांच की गई, तो उसमें भारी विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद टीम एजेंसी के नरदहा स्थित मुख्य गोदाम पहुंची। वहां भौतिक रूप से मौजूद सिलेंडरों की संख्या और रिकॉर्ड बुक के आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर था।
लापरवाही और गड़बड़ी को देखते हुए टीम ने गोदाम से 883 घरेलू (Domestic) और 53 कमर्शियल (Commercial) सिलेंडर जब्त कर लिए। इसके साथ ही नरदहा स्थित इस गैस गोदाम को आगामी आदेश तक सील कर दिया गया है। अफसरों के मुताबिक, एजेंसी द्वारा न तो दैनिक रिकॉर्ड मेंटेन किया जा रहा था और न ही स्टॉक रजिस्टर सही था।
गैस एजेंसी में भी मिलीं गंभीर अनियमितताएं
मौर्य गैस एजेंसी के अलावा खाद्य विभाग की टीम ने तेलीबांधा स्थित कान्हा गैस एजेंसी और बैरनबाजार स्थित लक्ष्मी गैस एजेंसी के दफ्तरों व गोदामों का भी गहन निरीक्षण किया। सहायक खाद्य संचालक सचिन मारकम और देवेंद्र बग्गा के नेतृत्व में हुई इस जांच में दोनों ही एजेंसियों के ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद भौतिक स्टॉक (Physical Stock) में बड़ा अंतर देखने को मिला। दस्तावेजों के रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर इन दोनों एजेंसियों को भी नोटिस जारी किया गया है।
"तीनों गैस एजेंसियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। एक एजेंसी का गोदाम सील किया जा चुका है। पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी दोषी एजेंसियों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"— भूपेंद्र मिश्रा, जिला खाद्य नियंत्रक
गैस टैंकर चोरी कांड से जुड़ रहे हैं तार
सूत्रों के मुताबिक, इस औचक छापेमारी का कनेक्शन हाल ही में महासमुंद से जब्त किए गए एलपीजी टैंकरों से जुड़ा हुआ है। जांच में खुलासा हुआ था कि रायपुर में अवैध रूप से खड़े किए गए इन टैंकरों से हजारों टन गैस चोरी कर सिलेंडरों में भरी गई थी।
खाद्य विभाग की टीम अब इसी कड़ी को खंगाल रही है कि आखिर वह अवैध गैस किन-किन एजेंसियों के जरिए बाजार में खपाई गई। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जहां भी एलपीजी सप्लाई में गड़बड़ी या कालाबाजारी की शिकायत मिलेगी, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
रायपुर में गैस एजेंसियों पर हुई यह कार्रवाई सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रीफिलिंग रैकेट पर एक बड़ा प्रहार है। प्रशासन के इस सख्त रुख से न केवल उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि टैंकरों से गैस चोरी करने वाले गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने में भी मदद मिलेगी।
FAQ
प्रश्न: रायपुर में किन गैस एजेंसियों पर छापे पड़े?
उत्तर: मौर्य गैस एजेंसी, कान्हा गैस एजेंसी और लक्ष्मी गैस एजेंसी पर।
प्रश्न: कार्रवाई में कुल कितने सिलेंडर जब्त हुए?
उत्तर: मौर्य गैस एजेंसी के गोदाम से 883 घरेलू और 53 कमर्शियल सिलेंडर जब्त हुए।
प्रश्न: किस एजेंसी का गोदाम सील किया गया है?
उत्तर: स्टॉक में भारी गड़बड़ी मिलने पर मौर्य गैस एजेंसी का नरदहा गोदाम सील हुआ।
प्रश्न: एजेंसियों पर छापे क्यों मारे गए?
उत्तर: समय पर सिलेंडर न मिलने की शिकायतों और एलपीजी कालाबाजारी रोकने के लिए।
यह खबरें भी पढ़ें...
रायपुर में RCB-MI मैच हाउसफुल, टिकटों की कालाबाजारी पर पुलिस सख्त
महासमुंद में 1 करोड़ का गैस घोटाला: GPS ने खोला 90 टन गैस की कालाबाजारी का राज!
खाद की कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं; मंत्री नेताम की सख्त चेतावनी, सीधे होगी जेल
गैस की कालाबाजारी करने वालों पर अब एफआईआर, लाइसेंस भी होगा निरस्त