1 से 3 नवंबर तक तूता के मेला ग्राउंड में राज्योत्सव का आयोजन, 40 राज्य स्तरीय सम्मान दिए जाएंगे
सरकार का फोकस सिर्फ मंच और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास और आने वाले समय की तस्वीर दिखाने पर रहेगा।
22 अक्टूबर तक हिसाब देना होगा
सभी विभागों को अपनी तैयारी पूरी कर उसकी जानकारी 22 अक्टूबर तक मुख्य सचिव को देनी होगी। विभागों की प्रदर्शनी में क्या दिखाया जाएगा, इसकी कार्ययोजना भी इसी समय सीमा में तैयार करनी है। यानी आयोजन शुरू होने से करीब दस दिन पहले सरकार हर विभाग की तैयारी का पूरा खाका अपने हाथ में रखना चाहती है।
विकास की तस्वीर दिखेगी
इस बार राज्योत्सव की थीम में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ जैसे विषयों को जगह दी जाएगी। प्रदर्शनी में सरकार की उपलब्धियों के साथ भविष्य की योजनाओं और छत्तीसगढ़ की आगे की दिशा पर भी जोर रहेगा। अलग-अलग विभाग अपने काम और योजनाओं को लोगों के सामने रखेंगे।
मेला ग्राउंड में बदलेगा पूरा नजारा
तूता का मेला ग्राउंड तीन दिनों के लिए बड़े आयोजन स्थल में बदलेगा। यहां मुख्य मंच, डोम, पंडाल, विभागीय स्टॉल, प्रदर्शनी क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था और बैरिकेडिंग तैयार की जाएगी। सीएसआईडीसी, एनआरडीए और लोक निर्माण विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। स्टॉल कहां लगेंगे और प्रदर्शनी का पूरा ले-आउट कैसा होगा, इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है।
मीडिया से लेकर प्रचार तक तैयारी
राज्योत्सव की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जनसंपर्क विभाग और चिप्स प्रचार-प्रसार संभालेंगे। आयोजन स्थल पर हाईटेक मीडिया सेंटर भी तैयार किया जाएगा। यानी कार्यक्रम की कवरेज के साथ डिजिटल और मीडिया गतिविधियों के लिए भी अलग इंतजाम रहेगा।
शहर की सुविधाओं पर भी जोर
तीन दिनों तक बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पेयजल, सफाई, सिटी बस और दूसरी नागरिक सुविधाओं की तैयारी की जा रही है। नगर निगम रायपुर और एनआरडीए को यह जिम्मेदारी दी गई है। पार्किंग और यातायात को लेकर भी अलग प्लान तैयार होगा।
सुरक्षा और अस्पताल भी तैयार
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग आयोजन स्थल की सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और आग से बचाव के इंतजाम करेंगे। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सुविधा और एंबुलेंस की व्यवस्था संभालेगा। ऊर्जा विभाग को पूरे आयोजन के दौरान बिजली की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करनी होगी।
40 लोगों को मिलेगा सम्मान
राज्योत्सव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में 40 राज्य स्तरीय अलंकरण और पुरस्कार दिए जाएंगे। इनके लिए चयन प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी करने की तैयारी है। संस्कृति विभाग पूरे राज्योत्सव का नोडल विभाग रहेगा।
अफसरों की जिम्मेदारी तय
आयोजन की तैयारियों में मुख्य सचिव विकासशील के साथ मनोज कुमार पिंगुआ, निहारिका बारिक सिंह, सोनमणि बोरा, शहला निगार, मुकेश कुमार, डॉ. कमलप्रीत सिंह, अविनाश चम्पावत, डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, डॉ. एस. भारतीदासन, बसवराजु एस., अंकित आनंद, यशवंत कुमार, भूवनेश यादव, हिमशिखर गुप्ता, राजेश सिंह राणा और सारांश मित्तर समेत वरिष्ठ अधिकारी जुड़े हैं। रायपुर संभाग के कमिश्नर और कलेक्टर भी तैयारियों में शामिल हैं।
अब असली परीक्षा 22 अक्टूबर की है। इस तारीख तक विभागों को अपनी तैयारी और प्रदर्शनी का पूरा खाका देना होगा। इसके बाद 1 नवंबर से तीन दिन तक तूता में छत्तीसगढ़ अपनी उपलब्धियों, संस्कृति और विकास की तस्वीर लोगों के सामने रखेगा।