रायपुर में नौतपा से पहले ही लॉकडाउन जैसे हालात : 45 डिग्री पहुंचा पारा, बिजली संकट ने बढ़ाई टेंशन

Umeshwari Baghel | May 24, 2026, 15:46 IST
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रायपुर में नौतपा से पहले ही गर्मी 44-45°C तक पहुँच गई है। दोपहर में बाजार सूने और सड़कें खाली दिख रही हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉशन के मरीज बढ़ रहे हैं। बुजुर्ग, बच्चे, मजदूर और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

NEWS IN SHORT

  • रायपुर में लॉकडाउन जैसे हालात, 45°C तक पहुंचा पारा
  • हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़े, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
  • सड़कों पर सन्नाटा, बाजारों में भीड़ घटने लगी
  • गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी, स्ट्रेस और नींद की परेशानी
  • बिजली और पानी का खर्च बढ़ा, घरेलू बजट हुआ प्रभावित

NEWS IN DETAIL

Raipur। राजधानी रायपुर में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच चुका है। नौतपा शुरू होने से पहले ही शहर की सुबह से ही गर्मी का असर दिखने लगा है। दोपहर होते-होते बाजार सूने हो जाते हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से निकलते हैं। मानो शहर में फिर से लॉकडाउन लग गया हो।



अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज

नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के मुताबिक ओपीडी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन, उल्टी-दस्त, लो बीपी और यूरिन इन्फेक्शन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों में हार्ट और सांस संबंधी दिक्कतें भी देखने को मिल रही हैं।



मानसिक स्थिति पर असर

गर्मी के कारण शरीर अधिक मेहनत करता है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल बढ़ता है। लोग घबराहट, एंग्जायटी, बेचैनी और नींद में कमी जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मूड स्विंग और सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर भी बढ़ने लगे हैं।



सड़कें और बाजार सूने

शहर के शास्त्री चौक जैसी व्यस्त जगहें भी दोपहर में खाली हो गई हैं। कोरोना लॉकडाउन जैसी स्थिति नजर आ रही है। गर्म हवाओं और तेज धूप से सबसे ज्यादा परेशानी रिक्शा चलाने वालों और डिलीवरी बॉयज को हो रही है। धूप के कारण लोहे की चीजें इतनी ज्यादा तप रही हैं कि उन पर कुछ मिनट के लिए रुकना या खड़ा होना भी दूभर हो गया है।



बिजली और पानी का खर्च बढ़ा

बढ़ती गर्मी के चलते एसी, कूलर और पंखे का इस्तेमाल बढ़ गया है। बिजली विभाग के अनुसार इस साल खपत 70-75 मेगावाट बढ़ी है। कोरबा की दो यूनिट मेंटेनेंस के चलते बंद हैं और NTPC का 400 मेगावाट कोटा भी पूरा नहीं मिल रहा। घरेलू खर्च बढ़ा है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है।



खतरे की श्रेणी

सबसे ज्यादा खतरा 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों, छोटे बच्चों, मजदूरों, किसानों, ट्रैफिक पुलिस, डिलीवरी बॉय, गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज, बीपी व किडनी के मरीजों को है। इन लोगों को ज्यादा सावधानी और ठंडे स्थान पर रहना जरूरी है।



FAQ

  1. हीटवेव क्यों बढ़ रहा है?
    तापमान 44-45°C तक पहुंच चुका है, धूप और गर्म हवाएं तेज हैं।
  2. हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं?
    सिरदर्द, प्यास, कमजोरी, चक्कर और त्वचा लाल होना।
  3. सबसे ज्यादा कौन प्रभावित हैं?
    बुजुर्ग, बच्चे, मजदूर, गर्भवती महिलाएं और बीमार लोग।
  4. गर्मी से बचाव कैसे करें?
    धूप से बचें, पानी पिएँ, हल्के कपड़े पहनें और एसी/पंखा चलाएँ।

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