विधायक से लूट के बाद जागी रायपुर पुलिस, शहर में बदली सुरक्षा व्यवस्था
NEWS IN SHORT
- विधायक से लूट के बाद रायपुर की पुलिसिंग में बदलाव।
- शाम छह बजे से बीस चौराहों पर हथियारबंद जवान।
- आधी रात से चालीस स्थानों पर कड़ी पुलिस गश्त।
- बिना वजह घूमने वालों पर सख्त पूछताछ और कार्रवाई।
- सुबह मॉर्निंग वॉकर्स की सुरक्षा के लिए विशेष पेट्रोलिंग।
NEWS IN DETAIL
सिविल लाइन इलाके में मॉर्निंग वॉक के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और विधायक धरमलाल कौशिक से हुई लूट की वारदात के बाद रायपुर पुलिस ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। राजधानी में 'विजिबल पुलिसिंग' पर जोर देते हुए अपराधियों में खौफ पैदा करने और आम जनता को सुरक्षित माहौल देने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशानुसार, अब शहर के संवेदनशील और प्रमुख इलाकों में जवानों को अत्याधुनिक हथियारों के साथ तैनात किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा को तीन मुख्य चरणों में बांटा गया है:
1. शाम की सुरक्षा (शाम 6 से रात 12 बजे)
शहर के व्यस्त और संवेदनशील 20 चौक-चौराहों पर शाम 6 बजे से ही बंदूकों से लैस जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इन इलाकों में जयस्तंभ चौक, कालीबाड़ी, सदर बाजार, पंडरी कपड़ा मार्केट, तेलीबांधा तालाब, रवि भवन के सामने और रेलवे स्टेशन चौक जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। जवान यहां से गुजरने वाले हर संदिग्ध पर नजर रख रहे हैं और पल-पल की जानकारी कंट्रोल रूम को दे रहे हैं।
2. रात्रि गश्त (रात 12 से सुबह 5 बजे)
आधी रात के बाद सुरक्षा को दोगुना करते हुए पॉइंट की संख्या 20 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है। इन 40 चिन्हित स्थानों पर दो-दो हथियारबंद जवान मुस्तैद रहेंगे। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि आधी रात को बिना वजह घूमने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संदिग्धों को रोककर उनसे पूछताछ की जाएगी और उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर व वाहन नंबर दर्ज किया जाएगा। आपातकालीन या अप्रिय स्थिति में जवानों को फायरिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
3. मॉर्निंग वॉकर्स की सुरक्षा (सुबह 5 से 8 बजे)
विधायक के साथ हुई घटना सुबह के वक्त हुई थी, इसलिए सुबह की गश्त को बेहद सख्त कर दिया गया है। पार्कों, वीआईपी एरिया और मॉर्निंग वॉक वाले रास्तों पर पुलिस के आला अधिकारी खुद गश्त करेंगे। इन जगहों पर डायल-112 की गाड़ियां और स्थानीय थानों की पेट्रोलिंग टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।
इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए सड़कों के किनारे स्थित व्यापारिक और निजी संस्थानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया है, ताकि हर गतिविधि पर तीसरी आंख की नजर रहे।
निष्कर्ष
विधायक से लूट की घटना ने रायपुर पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने पर मजबूर किया है। 'विजिबल पुलिसिंग' और त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र (शाम, रात और सुबह की गश्त) से न केवल अपराधियों में खौफ पैदा होगा, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
यह खबरें भी पढ़ें...
रायपुर पुलिस की स्कॉर्पियो बनी चलता-फिरता बार, वीडियो हुआ वायरल
गुवाहाटी में रायपुर पुलिस टीम हिरासत में, 24 घंटे बाद रिहा, घूस लेने का आरोप
50 लाख का डिजिटल अरेस्ट कांड और असम में रायपुर पुलिस नजरबंद, जानिए क्या है पूरा मामला…
भीड़ में शिकार और इनोवा में फरार; रायपुर पुलिस ने इंदौर के हाईटेक महिला गिरोह को दबोचा