रायपुर में गांजा तस्कर रवि साहू की करोड़ों की संपत्ति सीज
NEWS IN SHORT
रवि साहू की 7 करोड़ 66 लाख की चल-अचल संपत्तियां सीज हुईं।
आरोपी को एनडीपीएस कोर्ट से 10 साल की सजा मिली।
पुलिस ने पत्नी, मां और बेटे की संपत्तियां फ्रीज कीं।
जांच टीम ने एक महीने में 16 संपत्तियों को खोजा।
नशे के सौदागरों के खिलाफ ऐसी वित्तीय कार्रवाई जारी रहेगी।
NEWS IN DETAIL
रायपुर में नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई की है। गांजा तस्कर और हिस्ट्रीशीटर रवि साहू तथा उसके परिवार द्वारा अवैध कमाई से अर्जित की गई लगभग 7.66 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज (सीज) कर दिया गया है। सफेमा (SAFEMA) और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई को सक्षम प्राधिकारी मुंबई ने अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के इतिहास में एनडीपीएस एक्ट के तहत यह पहली इतनी बड़ी वित्तीय चोट है।
10 साल की सजा के बाद खुली अवैध साम्राज्य की पोल
गांधीनगर कालीबाड़ी निवासी रवि साहू को पुलिस ने पूर्व में 17 किलो 882 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में विशेष एनडीपीएस कोर्ट उसे पहले ही 10 साल के सश्रम कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुना चुकी है। जेल जाने के बाद रायपुर पुलिस ने उसकी अवैध काली कमाई की कुंडली खंगालनी शुरू की। जांच में सामने आया कि रवि के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न थानों में 55 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से गांजा तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
मां, पत्नी और बेटे के नाम पर खरीदीं 16 संपत्तियां
सेंट्रल जोन पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने करीब एक महीने तक अलग-अलग तहसीलों और आयकर विभाग की मदद से रवि साहू के वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले। जांच में पता चला कि रवि ने पिछले 6 सालों में अपनी वैध आय से कई गुना अधिक मूल्य की 16 संपत्तियां खरीदीं, जिनमें से अधिकांश लेन-देन कैश में किए गए थे।
जब्त संपत्तियों का विवरण इस प्रकार है
रवि साहू: रायपुर और अभनपुर क्षेत्र में करीब 1.71 करोड़ रुपए की जमीन और प्लॉट।
पत्नी (शशिकी साहू): मानाबस्ती, खोरपा और रायपुर में करीब 5.74 करोड़ रुपए के मकान, प्लॉट और कमर्शियल वाहन।
बेटा (ऋषि साहू): इमलीडीह में 20 लाख रुपए का मकान।
भविष्य में भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
ऑनलाइन सुनवाई के दौरान रवि साहू का परिवार इन संपत्तियों की खरीदी को लेकर कोई संतोषजनक और वैध स्रोत नहीं बता सका। इसके बाद 15 मई को सक्षम प्राधिकारी ने सीजिंग के आदेश को कन्फर्म कर दिया। अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री या ट्रांसफर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
"नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त रुख अपना रही है। अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने वाले तस्करों की वित्तीय जांच की जा रही है और आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।"— उमेश गुप्ता, डीसीपी, सेंट्रल जोन
निष्कर्ष
गांजा तस्कर रवि साहू पर हुई यह कार्रवाई यह साफ संदेश देती है कि कानून से बचकर अवैध साम्राज्य खड़ा करना असंभव है। पुलिस द्वारा तस्करों के आर्थिक तंत्र को तोड़ना नशे के व्यापार पर एक बड़ा प्रहार है, जो समाज को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने में बेहद मददगार साबित होगा।
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