तांत्रिक बाबा की PMLA कोर्ट में शिकायत, फर्जी खातों से रकम विदेश भेजी, ED का खुलासा

VINAY VERMA | Sept 24, 2026, 20:46 IST
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रायपुर स्मार्ट सिटी में 15 करोड़ की ठगी मामले में ED ने तांत्रिक बाबा केके श्रीवास्तव के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। पैसा फर्जी खातों से दुबई, चीन तक भेजा गया।

रायपुर। रायपुर स्मार्ट सिटी में 500 करोड़ रुपए के सब-कॉन्ट्रैक्ट का झांसा देकर 15 करोड़ रुपए ठगने के मामले में ED ने बड़ा कदम उठाया है। ED ने आरोपी तांत्रिक बाबा उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ रायपुर की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इससे पहले 22 सितंबर को आरोपी की 3.25 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति भी अस्थायी रूप से कुर्क की गई है।



15 करोड़ की डील का झांसा

ED की जांच के मुताबिक पूरा मामला जून 2023 से शुरू हुआ। केके श्रीवास्तव ने मेसर्स रावत एसोसिएट्स के प्रोप्राइटर को बताया कि रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में करीब 500 करोड़ रुपए का बड़ा सब-कॉन्ट्रैक्ट मिलने वाला है। इसके लिए परफॉरमेंस सिक्योरिटी के नाम पर रकम जमा कराने का भरोसा दिलाया गया। इसी झांसे में पीड़ित से करीब 15 करोड़ रुपए ले लिए गए।



व्हाट्सऐप पर भेजे खाते

जांच में सामने आया कि रकम किसी एक खाते में नहीं गई। आरोपी ने व्हाट्सऐप के जरिए पांच अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी दी और पीड़ित से उन्हीं खातों में पैसा ट्रांसफर कराया। ED के अनुसार जांच में ये खाते फर्जी तरीके से खोले गए थे। जिन संस्थाओं के नाम पर खाते थे, वे अपने बताए गए पंजीकृत पते पर भी मौजूद नहीं मिलीं।



रकम को घुमाकर विदेश भेजा

ED का आरोप है कि ठगी से मिली रकम को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय शेल और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क से घुमाया गया। इसके बाद freight charges और container leasing जैसे कारोबार के नाम पर पैसा भारत से बाहर भेजा गया। जांच में दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर तक रकम भेजे जाने की बात सामने आई है।



3.40 करोड़ लौटाए, 11.60 बाकी

मामले में एक और अहम कड़ी सामने आई है। ठगे गए 15 करोड़ रुपए में से 3.40 करोड़ रुपए पीड़ित को वैध भुगतान या पुनर्भुगतान की तरह वापस किए गए। हालांकि 11.60 करोड़ रुपए अब भी बकाया बताए गए हैं। ED इसी रकम को अपराध से हुई कमाई और उसके इस्तेमाल के पूरे नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।



FIR से ED तक पहुंचा मामला

ED ने यह जांच रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज FIR और छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दाखिल आरोप-पत्र के आधार पर शुरू की थी। पुलिस केस में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और साजिश जैसे आरोपों की जांच हुई थी। इसके बाद मामला PMLA के तहत ED की जांच में आया।



30 जुलाई को गिरफ्तारी

केके श्रीवास्तव को ED ने 30 जुलाई 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें ED की हिरासत में भेजा था। अब अभियोजन शिकायत दाखिल होने और 3.25 करोड़ की संपत्ति कुर्क होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। ED ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है।



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