रायपुर में बदल गए तीन लाख से ज्यादा वोटर के पिता, दादा से बड़ी निकली पोते की उम्र

Arun Tiwari | Feb 04, 2026, 15:56 IST
Photograph: (the sootr)
रायपुर जिले में हुई मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण (SIR) में चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आई हैं। लाखों वोटरों की उम्र और परिवारिक रिश्ते गलत दर्ज किए गए।

news in short :

  • एसआईआर ने बदले रिश्ते
  • रायपुर में बदल गए तीन लाख से ज्यादा वोटर के पिता
  • दादा से बड़ी निकली पोते की उम्र
  • मतदाता सूची में जानकारी दर्ज करने में बड़ी लापरवाही

RAIPUR. छत्तीसगढ़ में एसआईआर के बाद रिश्तों में बड़ा बदलाव आ गया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले में आने वाली विधानसभाओं में कई जानकारी ऐसी आई हैं जो हैरान करती हैं। तीन लाख से ज्यादा वोटर ऐसे हैं जिनके पिता ही बदल गए हैं।



सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 2 लाख मतदाताओं के दादा की उम्र, उनके पिता से कम दर्ज पाई गई है। जबकि कई मामलों में बेटे की उम्र पिता से ज्यादा दर्ज है। ऐसे आंकड़े साफ बताते हैं कि मतदाता सूची में जानकारी दर्ज करने में बड़ी लापरवाही हुई है।



news in detail :

रायपुर जिले की मतदाता सूची में किए गए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में गड़बड़ियां सामने आई हैं। यह गड़बड़ियां केवल तकनीकी नहीं हैं, बल्कि लापरवाही को भी दिखाती हैं। जांच में पता चला है कि लाखों मतदाताओं के रिकॉर्ड में पिता, माता, दादा और स्वयं मतदाता की उम्र में गंभीर अंतर दर्ज है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 2.15 लाख मतदाताओं के दादा की उम्र, उनके पिता से कम दर्ज पाई गई है। जबकि लगभग 6 हजार मामलों में बेटे की उम्र पिता से ज्यादा दर्ज है।



ऐसे आंकड़े साफ बताते हैं कि मतदाता सूची में जानकारी दर्ज करने में बड़ी लापरवाही हुई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि करीब 15 हजार मतदाताओं के पिता के नाम और उम्र, मतदाता सूची में दर्ज जानकारी से मेल नहीं खा रहे हैं। इसके अलावा 6,040 मतदाताओं की उम्र आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों से अलग पाई गई है। इन सभी मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।



यह खबरें भी पढ़ें..



साय कैबिनेट के अहम फैसले: नारकोटिक्स, सुरक्षा, विमानन और नवाचार को मिली मंजूरी



बिना बिजली कनेक्शन के आया डेढ़ लाख का बिल, कंपनी ने घर पर तैनात किया बंदूकधारी गार्ड



रायपुर जिले की विधानसभाओं में भारी गड़बड़ी :

विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो रायपुर ग्रामीण, रायपुर पश्चिम, रायपुर उत्तर और रायपुर दक्षिण सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गलतियां सामने आई हैं। इन क्षेत्रों में हजारों मामलों में पिता का नाम गलत, माता-पिता की उम्र में अंतर, मतदाता की उम्र में फर्क और दादा की उम्र से जुड़ी विसंगतियां दर्ज की गई हैं।



इसी तरह धरसींवा, आरंग और अभनपुर क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक है। इन क्षेत्रों में 60 हजार से अधिक मामलों में पिता का नाम गलत पाया गया है। साथ ही हजारों मतदाताओं के माता-पिता और दादा की उम्र में भी बड़ा अंतर दर्ज है।



- रायपुर ग्रामीण :

पिता का नाम गलत: 57,709


माता-पिता की उम्र में फर्क: 10,466


मतदाता की उम्र में फर्क: 2,181


दादा की उम्र में अंतर: 2,038



- रायपुर पश्चिम :

पिता का नाम गलत: 40,350


माता-पिता की उम्र में फर्क: 7,685


मतदाता की उम्र में फर्क: 1,456


दादा की उम्र में अंतर: 1,508



- रायपुर उत्तर :

पिता का नाम गलत: 26,448


माता-पिता की उम्र में फर्क: 5,120


मतदाता की उम्र में फर्क: 903


दादा की उम्र में अंतर:1,230



- रायपुर दक्षिण :

पिता का नाम गलत: 45,867


माता-पिता की उम्र में फर्क: 9,383


मतदाता की उम्र में फर्क: 1,500


दादा की उम्र में अंतर: 1,849



- धरसींवा :

पिता का नाम गलत: 58,858


माता-पिता की उम्र में फर्क: 11,298


मतदाता की उम्र में फर्क: 2,413


दादा की उम्र में अंतर: 2,494



- आरंग :

पिता का नाम गलत: 61,431


माता-पिता की उम्र में फर्क: 10,957


मतदाता की उम्र में फर्क: 2,443


दादा की उम्र में अंतर: 2,334



- अभनपुर :

पिता का नाम गलत: 61,236


माता-पिता की उम्र में फर्क: 10,416


मतदाता की उम्र में फर्क: 2,206


दादा की उम्र में अंतर: 1,567



निष्कर्ष :

मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान सामने आई गड़बड़ियां यह साफ दिखाती हैं कि वोटर लिस्ट में वर्षों से गंभीर लापरवाही होती रही है। पिता, माता, दादा और स्वयं मतदाता की उम्र व नाम से जुड़ी लाखों गलतियां यह बताती हैं कि डेटा दर्ज करने और समय-समय पर सत्यापन की प्रक्रिया कमजोर रही है।



ऐसी त्रुटियां न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि मतदाता के संवैधानिक अधिकार को भी प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, पुनरीक्षण प्रक्रिया के जरिए इन गलतियों को सुधारने का प्रयास किया गया है और दावा-आपत्ति व दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।



अब आगे क्या : 22 जनवरी तक दावा-आपत्ति बुलाई गईं थीं। 14 फरवरी तक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।



यह खबरें भी पढ़ें..



छत्तीसगढ़ में नए धर्मांतरण विरोधी कानून पर सुप्रीम अड़चन, बजट सत्र में विधेयक पेश करने में बड़ी उलझन



छत्तीसगढ़ को रेलवे विकास के लिए 7 हजार 470 करोड़, प्रदेश को मिला अब तक का सबसे बड़ा बजट



Knowledge:

एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) मतदाता सूची को सही और अद्यतन करने की प्रक्रिया है। इसके तहत फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और नाम, उम्र व पते की गलतियां सुधारी जाती हैं।



इसमें फॉर्म-6: नया नाम जोड़ने के लिए,



फॉर्म-7: नाम हटाने के लिए,



फॉर्म-8: विवरण सुधार के लिए होता है। इसका मकसद हर योग्य नागरिक का मतदान अधिकार सुरक्षित करना है।



important points :

  • मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी: एसआईआर के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम, उम्र और पारिवारिक विवरण में गंभीर गलतियां सामने आईं।
  • रिश्तों की उम्र उलटी दर्ज: हजारों मामलों में दादा पिता से छोटे और बेटे पिता से बड़े दर्ज पाए गए।
  • बड़े पैमाने पर कार्रवाई: सात विधानसभा क्षेत्रों में 5.28 लाख नाम काटे गए और 1.33 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए गए।
  • संशोधन की प्रक्रिया जारी: फॉर्म-6, 7 और 8 के जरिए नए नाम जोड़े गए और गलत जानकारियों में सुधार किया गया।
  • 21 फरवरी को अंतिम सूची: दावा-आपत्ति और दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।


Tags:
  • एसआईआर
  • मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी
  • मतदाता सूची
  • प्रशासनिक व्यवस्था
  • राजधानी रायपुर