रायपुर में दशहरे की भव्य तैयारी: WRS मैदान में जलेगा 101 फीट का रावण, 12 घंटे तक धीमी चलेंगी ट्रेनें
यहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे और पुलिस ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मैदान के पास से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित रहेगी। वहीं, महंगाई का असर दशहरा उत्सव पर भी दिखाई दे रहा है। पुतले बनाने की लागत पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
WRS मैदान में 101 फीट के रावण का होगा दहन
रायपुर का WRS मैदान दशहरा उत्सव के बड़े आयोजनों में शामिल है। यहां हर साल हजारों लोग रावण दहन देखने पहुंचते हैं। इस बार भी 101 फीट ऊंचा रावण तैयार किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मैदान में तैयारियां चल रही हैं।
दशहरा देखने के लिए रायपुर के अलावा आसपास के जिलों से भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। दोपहर से ही मैदान के आसपास भीड़ बढ़ सकती है। शाम के समय फाफाडीह से WRS मैदान तक यातायात का दबाव बढ़ने और जाम लगने की आशंका है।
दोपहर 12 से रात 12 बजे तक धीमी चलेंगी ट्रेनें
WRS मैदान के पास से मुंबई-हावड़ा रेल लाइन गुजरती है। रावण दहन के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों के रेलवे ट्रैक के आसपास पहुंचने की संभावना रहती है। इसी वजह से रेलवे ने मंगलवार को विशेष व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।
20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक उरकुरा और रायपुर रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाते हुए ट्रेन चलाएंगे। सामने किसी तरह का खतरा नजर आने पर ट्रेन रोकने की भी अनुमति होगी।
सुरक्षा में तैनात रहेंगे 250 जवान
रेलवे ट्रैक के आसपास किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के करीब 250 जवान तैनात रहेंगे।
ट्रैक के किनारे बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि दर्शक रेलवे लाइन की ओर न जा सकें। हर 10 मिनट में लाउडस्पीकर से लोगों को पटरियों से दूर रहने की चेतावनी दी जाएगी। सुरक्षा कर्मचारी लगातार ट्रैक और आसपास के इलाकों पर नजर रखेंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रफ्तार कम होने से कुछ ट्रेनें करीब 5 से 10 मिनट देरी से चल सकती हैं। हालांकि, देरी परिचालन की स्थिति पर निर्भर करेगी।
बोरियाखुर्द में तीन पुतलों का होगा दहन
बोरियाखुर्द के खेल मैदान में भी दशहरा उत्सव की तैयारियां की गई हैं। यहां 45 फीट ऊंचे रावण के साथ 30-30 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाएंगे।
दिन में पतंग उत्सव होगा। शाम 4 बजे सांस्कृतिक नृत्य और योग प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। शाम 5 बजे भगवान राम और माता सीता की पूजा होगी। इसके बाद 5:30 बजे रामलीला का मंचन किया जाएगा। पुतला दहन और आतिशबाजी के बाद रात 8 बजे उज्जैन के भजन गायक सन्नी अलबेला अपनी टीम के साथ प्रस्तुति देंगे।
सप्रे स्कूल मैदान में शाम 6 बजे जलेगा रावण
बूढ़ापारा के सप्रे स्कूल मैदान में 50 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। यहां शाम 4 बजे भजन कार्यक्रम शुरू होंगे। शाम 6 बजे भगवान राम और लक्ष्मण की झांकी के साथ रावण दहन किया जाएगा। इसके आधे घंटे बाद आतिशबाजी होगी।
बूढ़ापारा दशहरा उत्सव समिति पिछले 15 वर्षों से यह आयोजन कर रही है। दर्शकों के लिए बैठने और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, रावणभाठा मैदान में नगर निगम साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाओं की तैयारी कर रहा है। शंकर नगर के BTI मैदान में भी दशहरा उत्सव होगा। आयोजन की तैयारियां भूमिपूजन के साथ शुरू हो चुकी हैं।
रावण के पुतले बनाना हुआ 20 फीसदी तक महंगा
इस बार दशहरा आयोजकों के सामने बढ़ती लागत भी चुनौती बनी हुई है। पुतला बनाने वाले कारीगर गोपाल राव के मुताबिक, बांस, कागज, कपड़ा, पेंट और सजावट के सामान की कीमतें बढ़ने से पुतले तैयार करने का खर्च करीब 15 से 20 प्रतिशत बढ़ गया है।
बड़े पुतलों के लिए ज्यादा सामग्री और मजदूरों की जरूरत पड़ती है। ढांचा तैयार करने से लेकर रंगाई, कपड़े और सजावट तक हर काम में खर्च आता है। आतिशबाजी का खर्च अलग होता है।
ऐसे में इस बार आयोजकों को पहले के मुकाबले ज्यादा बजट लगाना पड़ रहा है। हालांकि, बढ़ती लागत के बावजूद रायपुर के प्रमुख मैदानों में दशहरा उत्सव की तैयारियां जारी हैं और प्रशासन का मुख्य जोर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर है।