रामगोपाल अग्रवाल की रिमांड 5 अगस्त तक बढ़ी, मिलने पहुंचे भूपेश बघेल
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। शनिवार को कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई सीनियर कांग्रेस नेता उनसे मिलने पहुंचे। रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल फरार रहने के बाद 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर कर चुके हैं।
यह मामला छत्तीसगढ़ के अब तक के सबसे बड़े घोटालों में गिना जा रहा है। जांच एजेंसियां इसमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। उनकी जेल यात्रा से पहले कई नेता कोर्ट परिसर में मौजूद रहे।
कोर्ट में उमड़े कांग्रेस नेता
शनिवार को कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गिरीश देवांगन सहित कई सीनियर कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल से मिलने पहुंचे। सभी नेता उनके जेल जाने से पहले कोर्ट में उनसे मिलने आए थे।
इस दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार की तुलना पौराणिक चरित्र हिरण्यकश्यप से की। साथ ही जेन-जी (Gen Z - Generation Z) को नरसिंह अवतार के तौर पर बताया।
तीन साल बाद किया सरेंडर
कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे थे। इसके बाद 8 जुलाई को उन्होंने खुद EOW (Economic Offences Wing) कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया।
सरेंडर के बाद EOW ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया था।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ED कर रहा है। ED ने ACB (Anti Corruption Bureau) में FIR दर्ज कराई है। इस FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है।
इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी और कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED की जांच में सामने आया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।
फरवरी 2019 में बना था सिंडिकेट
जांच एजेंसी के मुताबिक कारोबारी अनवर ढेबर ने फरवरी 2019 में सिंडिकेट बनाने के लिए जेल रोड स्थित एक होटल में प्रदेश के तीन डिस्टलरी मालिकों को बुलाया था।
इस बैठक में छत्तीसगढ़ डिस्टलरी से नवीन केडिया, भाटिया वाइंस प्राइवेट लिमिटेड से भूपेंदर पाल सिंह भाटिया और प्रिंस भाटिया शामिल हुए। साथ ही वेलकम डिस्टलरी से राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल, हीरालाल जायसवाल और नवीन केडिया के संपर्क अधिकारी संजय फतेहपुरिया भी पहुंचे थे। इस मीटिंग में एपी त्रिपाठी और अरविंद सिंह भी मौजूद थे।
आरोप है कि इस बैठक में अनवर ढेबर ने तय किया कि डिस्टलरी से सप्लाई होने वाली हर पेटी शराब पर कमीशन देना होगा। कमीशन के बदले रेट बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। हिसाब-किताब रखने के लिए पूरे कारोबार को ए, बी और सी हिस्सों में बांटा गया था।
अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी
EOW के मुताबिक विदेशी शराब पर सिंडिकेट द्वारा लिए गए कमीशन का विश्लेषण किया जा रहा है। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार लोगों में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, अरुणपति त्रिपाठी, अरविंद सिंह, अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह, दीपक दुआरी, दिलीप टुटेजा और सुनील दत्त के नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, जबकि कुछ अन्य की तलाश ED और ACB के अधिकारी अभी भी कर रहे हैं।
अब आगे क्या
रामगोपाल अग्रवाल (ramgopal agrawal) को अब 5 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। इस बीच जांच एजेंसियां घोटाले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
मामले में अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। आने वाले दिनों में इस केस में कई और खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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