20 लाख के सरकारी काम में 2 लाख की घूस : साहब, क्लर्क और चपरासी तीनों गिरफ्तार
Sakti। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), उनके बाबू और एक चपरासी को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत राशि का चेक जारी करने के एवज में यह घूस मांगी जा रही थी।
सक्ति का मामला
पूरा मामला सक्ती जनपद पंचायत के ग्राम लिमतरा का है। शिकायतकर्ता अरुण भारद्वाज ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मां लिमतरा गांव की सरपंच हैं। गांव में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत निर्मल घाट और नाली निर्माण जैसे विकास कार्यों के लिए सरकार की तरफ से कुल 20 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। इस राशि में से 8 लाख रुपए का चेक पहले ही जारी किया जा चुका था, लेकिन बचे हुए 12 लाख रुपए के चेक को जारी करने के लिए अधिकारी और कर्मचारी लगातार चक्कर कटवा रहे थे।
2 लाख का कमीशन
शिकायत के मुताबिक, बाकी बचे 12 लाख रुपए का चेक जारी करने के एवज में सक्ती जनपद पंचायत के सीईओ निखिल कश्यप और उनके बाबू अविनाश ठाकुर ने सीधे तौर पर 2 लाख रुपए कमीशन मांगी। सरपंच का बेटा और शिकायतकर्ता अरुण भारद्वाज इन भ्रष्ट अधिकारियों को घूस देकर समझौता करने के मूड में बिल्कुल नहीं था। वह इन आरोपियों को सबक सिखाना चाहता था और उन्हें रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था, जिसके बाद उसने बिलासपुर एसीबी की शरण ली।
एसीबी ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का गुप्त रूप से सत्यापन कराया। इस दौरान चालाक बाबू अविनाश ठाकुर ने चालाकी दिखाते हुए अपने दफ्तर के चपरासी लच्छन भानू के माध्यम से पहली किश्त के तौर पर 1 लाख रुपए एडवांस में ले लिए। पहली किश्त मिलते ही एसीबी का शक यकीन में बदल गया और टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों दबोचने के लिए एक ट्रैप तैयार किया।
दूसरी किश्त लेते ही दबोचे गए सीईओ
तय योजना के मुताबिक, 15 जून 2026 को शिकायतकर्ता अरुण भारद्वाज रिश्वत की दूसरी और आखिरी किश्त के 1 लाख रुपए लेकर जनपद पंचायत कार्यालय सक्ती पहुंचा। जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से शेष 1 लाख रुपए की नगद राशि स्वीकार की, आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद एसीबी की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने मौके से ही सीईओ निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानू को घूस की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक्शन
घूसखोरों की इस तिकड़ी के खिलाफ एसीबी ने कड़ा कानूनी शिकंजा कस दिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसीबी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से सक्ती जिले के प्रशासनिक हलके और अन्य सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल जांच एजेंसी तीनों आरोपियों से आगे की पूछताछ और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
IMP FACTS
मामला छत्तीसगढ़ के सक्ती जनपद पंचायत का है
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत काम चल रहा था
कुल स्वीकृत राशि 20 लाख रुपए थी
8 लाख रुपये का भुगतान पहले हो चुका था
12 लाख रुपए का चेक रोककर रखा गया था
2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी
आरोपी: CEO, बाबू और चपरासी
शिकायतकर्ता ने ACB बिलासपुर में शिकायत दी
ACB ने ट्रैप लगाकर कार्रवाई की
1 लाख रुपए पहली किश्त के रूप में लिए गए
1 लाख रुपए दूसरी किश्त लेते समय गिरफ्तारी हुई
तीनों को रंगे हाथों पकड़ा गया
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया
FAQ
- सक्ती ACB मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
इस मामले में तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें CEO, बाबू और चपरासी शामिल हैं। - रिश्वत किस काम के बदले मांगी जा रही थी?
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 12 लाख रुपए का बकाया चेक जारी करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। - ACB ने कार्रवाई कैसे की?
शिकायत मिलने के बाद ACB ने ट्रैप लगाया और 2 लाख रूपए की रिश्वत लेते समय तीनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
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