छत्तीसगढ़ कोयला खदान विवाद : सरगुजा में पुलिस-ग्रामीणों के बीच जोरदार पथराव, 25 जवान घायल

VINAY VERMA | Dec 03, 2025, 18:20 IST
Photograph: (the sootr)
सरगुजा के लखनपुर में SECL की अमेरा कोल माइंस के विस्तार को लेकर बड़ा बवाल हो गया है। जमीन कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर पथराव हुआ। ग्रामीणों ने खदान विस्तार का सख्त विरोध किया। पथराव में 25 पुलिस जवान घायल हो गए।

Surguja.सरगुजा जिले के लखनपुर इलाके में एक बड़ा बवाल हो गया है। बुधवार को SECL अमेरा ओपनकास्ट कोल माइंस विस्तार को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में टकराव हुआ। यह पूरा मामला परसोढ़ी कला गांव की जमीन से जुड़ा हुआ है।



प्रशासनिक अधिकारी भारी संख्या में पुलिस बल लेकर जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, करीब 500 जवानों को मौके पर तैनात किया गया था। जैसे ही पुलिस पहुंची, विरोध कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया।



पत्थरबाजी में कौन-कौन घायल?

यह टकराव इतना हिंसक हो गया कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर और गुलेल से हमला कर दिया।



  • इस पथराव में एडिशनल एसपी (ASP) समेत कम से कम 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
  • धौरपुर के थाना प्रभारी अश्वनी सिंह को ज्यादा चोट लगने पर अंबिकापुर रेफर किया गया है।
  • पुलिस का कहना है कि उन्होंने पहले ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की थी।
  • हालांकि, ग्रामीणों की तरफ से भी पत्थर चले, जिसमें दर्जन भर ग्रामीण भी घायल हुए हैं।
  • हालात को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे।
Stone pelting between police and villagers in Surguja, 25 injured including ASP | सरगुजा में पुलिस-


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खदान को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के पथराव को ऐसे समझें



  • SECL(साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की अमेरा कोयला खदान के विस्तार के लिए ज़मीन पर कब्ज़ा दिलाने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच पत्थरबाजी हुई।
  • इस हिंसक झड़प में ASP और थाना प्रभारी सहित करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
  • ग्रामीण 2001 में हुए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अब तक पूरा मुआवजा और नौकरी नहीं मिली है।
  • हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने अश्रु गैस के गोले छोड़े, और तनाव को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
  • प्रशासन का कहना है कि कानूनी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन ग्रामीण कोयला खनन में बाधा डाल रहे हैं और उन्हें समझाया जा रहा है।

घायलों की संख्या बढ़ी

इस पथराव में एएसपी अमोलक सिंह,और थाना प्रभारी अश्वनी सिंह समेत कुल 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इन घायल पुलिसकर्मियों में से कुछ को मामूली चोटें आईं, जबकि अश्वनी सिंह को गंभीर चोटें आईं है। उन्हें अंबिकापुर रेफर किया गया। पुलिस ने इस स्थिति को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया।





विवाद की असल जड़ क्या है?

विवाद की यह कहानी आज की नहीं, बल्कि साल 2001 में शुरू हुई थी। SECL अमेरा खदान के विस्तार के लिए परसोढ़ी गांव की जमीन का अधिग्रहण उसी साल हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि 20 साल से ज्यादा बीतने के बाद भी उन्हें पूरा मुआवजा और नौकरी नहीं मिली है। आज भी, सिर्फ 19% किसानों ने ही मुआवजे की राशि ली है।



ग्रामीणों ने खुलकर कह दिया है कि वह अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। उनका आरोप है कि प्रशासन अब जबरदस्ती जमीन पर कब्जा कराना चाहता है। इस वजह से वे अपनी फसलों और जमीन की दिन-रात रखवाली कर रहे हैं।



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प्रशासन क्या कह रहा है?



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