छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या की बेल पर सुनवाई, शासन कल देगा जवाब

VINAY VERMA | Jan 07, 2026, 20:45 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में आरोपी सौम्या चौरसिया की जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। शासन कल जवाब देगा, सबकी नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

RAIPUR. 3200 करोड़ के शराब घोटाले की आरोपी निलंबित उपसचिव सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान शासन ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। यह वही कोर्ट है, जिसने हाल ही में इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य आरोपी चैतन्य बघेल को जमानत दी थी।



ये दलीलें पेश की गईं

मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने कहा कि सौम्या चौरसिया एक महिला अधिकारी हैं। वे लंबे समय से न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं। जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर उन्हें निरंतर जेल में रखना आवश्यक नहीं है।



साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि मामले में अधिकांश दस्तावेजी साक्ष्य पहले ही एजेंसियों के पास हैं। ऐसे में सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है।



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शासन ने मांगा समय

दूसरी ओर शासन की ओर से पेश अधिवक्ता ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की। शासन ने कोर्ट को अवगत कराया कि यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है। ऐसे में शासन अपना विस्तृत जवाब तैयार कर प्रस्तुत करना चाहता है।



हाईकोर्ट ने शासन की इस मांग को स्वीकार करते हुए जवाब देने के लिए गुरुवार दोपहर तक का समय दे दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई कल सेकेंड हॉफ में की जाएगी।



16 दिसंबर को हुई थी गिरफ्तारी

सौम्या चौरसिया को ईडी ने 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही वे न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं। ईडी का आरोप है कि सौम्या चौरसिया ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर शराब कारोबार से जुड़े कथित अवैध लेन-देन और सिंडिकेट को संरक्षण दिया। हालांकि, सौम्या चौरसिया और उनके अधिवक्ता इन आरोपों को सिरे से खारिज करते आए हैं। ईडी के मुताबिक सौम्या जांच में सहयोग नहीं कर रहीं। वे ईडी के किसी सवाल का जवाब नहीं देतीं।



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जमानत के खिलाफ की तैयारी

इस बीच बताया जा रहा है कि ईडी, चैतन्य बघेल को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। यदि ऐसा होता है तो शराब घोटाले से जुड़े मामलों में कानूनी लड़ाई और तेज हो सकती है। हालांकि शासन के जवाब से बहुत कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि जांच एजेंसियां अगला क्या रुख अपनाने वाली हैं।



3200 करोड़ शराब घोटाला



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