सौरभ चंद्राकर को लेकर CBI आज 4.50 बजे पहुंचेगी रायपुर, कोर्ट में होगी पेशी, कई रसूखदार हुए चिंतित

VINAY VERMA | Nov 03, 2026, 13:07 IST
महादेव ऐप का किंगपिन सौरभ चंद्राकर आज पहुंचेगा रायपुर, पूरे देश की टिकी नजरें
Mahadev betting app promoter Saurabh Chandrakar is set to arrive in Raipur, where the CBI may seek his police remand for further interrogation.
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को लेकर छत्तीसगढ़ में हलचल तेज हो गई है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद अब सौरभ रायपुर पहुंचने वाला है। CBI की टीम उसे लेकर आज शाम 4:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद उसे विशेष CBI कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

माना जा रहा है कि जांच एजेंसी कोर्ट से सौरभ की पुलिस रिमांड मांग सकती है। इस पेशी पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। इसकी वजह यह है कि सौरभ की गिरफ्तारी को महादेव सट्टा नेटवर्क की जांच में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।



दिल्ली कोर्ट से मिली ट्रांजिट रिमांड

सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाने के बाद CBI ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। 2 नवंबर को अदालत ने उसे रायपुर ले जाने के लिए CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दे दी। अदालत ने निर्देश दिया कि सौरभ को 4 नवंबर या उससे पहले रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाए। अब CBI उसे लेकर रायपुर पहुंच रही है। एजेंसी की कोशिश होगी कि यहां पेशी के बाद उसे पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में लिया जाए।



ओमान से कैसे भारत पहुंचा सौरभ?

सौरभ चंद्राकर को ओमान की रॉयल पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की। 1 नवंबर को उसे भारत लाया गया। CBI की विशेष टीम उसे लेकर आई है। एजेंसी के मुताबिक, सौरभ महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े दो मामलों में वांछित है। इन मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। इसके अलावा ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज है।



94 हजार करोड़ के नेटवर्क की जांच

महादेव सट्टा ऐप का मामला सिर्फ ऑनलाइन जुए तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने मिलकर पैनल और ब्रांच के नेटवर्क के जरिए देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार फैलाया। इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और दूसरे खेलों पर दांव लगवाए जाते थे। CBI और ED की जांच में हजारों बैंक खातों के इस्तेमाल और हवाला के जरिए रकम विदेश भेजने के आरोप सामने आए हैं।



मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से करीब 94 हजार करोड़ रूपए की अपराध से अर्जित रकम का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, यह जांच एजेंसियों का अनुमान है, अदालत से प्रमाणित रकम नहीं।



प्रत्यर्पण की शर्तों पर भी कानूनी सवाल

सौरभ की रायपुर में पेशी के दौरान एक कानूनी सवाल भी अहम रहने वाला है। दिल्ली में सुनवाई के दौरान उसके वकीलों ने दलील दी थी कि ओमान में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आधार पर हुई थी। ऐसे में CBI के मामले में कार्रवाई को लेकर कानूनी आपत्तियां हैं।



CBI ने इन दलीलों का विरोध किया। दिल्ली कोर्ट ने कहा कि प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमा चलाने की पात्रता जैसे सवालों पर रायपुर की विशेष अदालत विचार कर सकती है। यानी अब इस कानूनी लड़ाई का अगला पड़ाव रायपुर होगा।



कई बड़े नामों से उठ सकता है पर्दा

सौरभ चंद्राकर को इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख प्रमोटर और नियंत्रक बताया गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में सट्टेबाजी के कारोबार, पैसों के लेन-देन, विदेशी ठिकानों, पैनल संचालकों और कथित संरक्षण देने वालों के बारे में अहम जानकारियां मिल सकती हैं।



उसका करीबी सहयोगी रवि उप्पल अभी भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सौरभ से पूछताछ के बाद महादेव सट्टा ऐप से जुड़े उन राजों से पर्दा उठेगा या नहीं, जिनकी तलाश जांच एजेंसियां लंबे समय से कर रही हैं।

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