स्कूलों के 500 मीटर तक ड्रग फ्री जोन: 100 मीटर वाला कानून कौन लागू कराएगा?
छत्तीसगढ़ में छात्रों को नशे से बचाने के लिए साय सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों और हॉस्टलों के 500 मीटर दायरे को 'ड्रग फ्री जोन' घोषित कर दिया है। अब इस क्षेत्र में किसी भी तरह के नशे की बिक्री पर रोक रहेगी। लेकिन इस फैसले के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। जब 100 मीटर वाला पुराना कानून ही लागू नहीं हो पाया, तो नया आदेश कितना असरदार होगा?
100 मीटर में पहले से था प्रतिबंध
कोटपा (COTPA) 2003 के तहत स्कूल और कॉलेज के 100 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री प्रतिबंधित है। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद नहीं बेचे जा सकते। संस्थानों के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाना भी जरूरी है। नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान है।
लेकिन हकीकत कुछ और है। प्रदेश के कई स्कूलों के बाहर आज भी पान ठेले और गुटखा दुकानें चल रही हैं। कई जगह स्कूल गेट के सामने ही सिगरेट बिकती है। कार्रवाई बहुत कम हुई।
अब 500 मीटर तक रहेगा पहरा
नए आदेश में दायरा बढ़ाकर 500 मीटर कर दिया गया है। यह सिर्फ तंबाकू तक सीमित नहीं है। सभी तरह के मादक पदार्थ इसके दायरे में आएंगे।
स्कूल प्राचार्य और हॉस्टल अधीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें आसपास निगरानी रखनी होगी। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर पुलिस को सूचना देनी होगी।
एडमिशन के समय होगी स्क्रीनिंग
सरकार ने सिर्फ प्रतिबंध लगाने का रास्ता नहीं चुना है। छात्रों की पहचान और सुधार पर भी जोर दिया गया है।
अब प्रवेश के समय छात्रों की स्क्रीनिंग की जाएगी। यदि कोई छात्र नशे की चपेट में मिलता है तो उसकी काउंसलिंग होगी। जरूरत पड़ने पर उसे पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा। सरकार का फोकस सजा नहीं, सुधार पर है।
हेडमास्टर को मिली बड़ी जिम्मेदारी
आदेश में संस्था प्रमुखों की भूमिका बढ़ा दी गई है। उन्हें अपने परिसर के आसपास नजर रखनी होगी। नशा बेचने वालों की जानकारी सीधे पुलिस को देनी होगी।
सरकार चाहती है कि स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र न रहें। वे नशामुक्त वातावरण भी सुनिश्चित करें।
द सूत्र का सवाल
सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल क्रियान्वयन का है। स्कूलों के बाहर 100 मीटर वाला कानून वर्षों से लागू नहीं हो पाया। कई जगह चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगे हैं। तंबाकू की बिक्री खुलेआम होती रही है।
अब देखना होगा कि 500 मीटर के नए आदेश पर सिर्फ फाइलों में काम होता है या जमीन पर भी कार्रवाई दिखती है। यदि सख्ती हुई तो यह फैसला लाखों छात्रों को नशे से बचाने में अहम साबित हो सकता है।
FAQ
- COTPA एक्ट क्या है?
COTPA (Cigarettes and Other Tobacco Products Act) 2003 भारत सरकार का कानून है, जिसका उद्देश्य सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन व बिक्री को नियंत्रित करना है। इस कानून के तहत स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। - ड्रग फ्री जोन का क्या मतलब है?
ड्रग फ्री जोन का मतलब ऐसे क्षेत्र से है, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री, सेवन और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी रखी जाती है।
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