आरपीएफ और जीआरपी की कमी से रेलवे में बढ़ा सुरक्षा संकट, टीटीई ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

Aishwarya Dwivedi | Apr 07, 2026, 10:47 IST
Security Crisis Escalates Railways Due Shortage of RPF and GRP
कटनी से झांसी के बीच चोरियां और चैन स्नैचिंग की घटनाओं में विद्धि हुई है। जिसने यात्रियों और रेलवे स्टाफ की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरपीएफ और जीआरपी की अनुपस्थिति को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

NEWS IN SHORT

  • कटनी से झांसी के बीच चोरियां और चैन स्नैचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं।
  • आरपीएफ और जीआरपी की कमी सुरक्षा समस्या का मुख्य कारण है।
  • टीटीई स्टाफ ने अपनी ड्यूटी कटनी तक सीमित करने की मांग की है।
  • चोरी के बाद स्टाफ को थाने में बयान देना पड़ता है, जिससे ड्यूटी कठिन हो रही है।
  • रेलवे विभाग ने मामले पर विचार करने की बात की है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

NEWS IN DETAIL

दुर्ग से दिल्ली के बीच चलने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में कटनी से झांसी के बीच चोरियों और चैन स्नैचिंग की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की अनुपस्थिति मानी जा रही है। पिछले एक माह में करीब एक दर्जन से अधिक चोरी और स्नैचिंग की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं, बल्कि रेलवे स्टाफ की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है।



कटनी तक ड्यूटी सीमित करने की टीटीई की मांग

टीटीई स्टाफ ने इस समस्या को लेकर रेलवे विभाग से अपनी ड्यूटी को छत्तीसगढ़ के दुर्ग से दिल्ली के बजाय केवल कटनी तक सीमित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सागर और झांसी के बीच आरपीएफ और जीआरपी की कमी के कारण ट्रेन सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे ट्रेन में चोरी और अन्य अपराध बढ़ रहे हैं। खासकर रात के समय इन घटनाओं की संख्या और बढ़ जाती है, जिससे यात्रियों में डर और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है।



टीटीई की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

इस मुद्दे पर टीटीई स्टाफ का कहना है कि चोरी की घटनाओं के बाद उन्हें जीआरपी थाने में बयान देने के लिए जाना पड़ता है, जिससे उनकी ड्यूटी और कठिन हो जाती है। इसके अलावा, लंबी ड्यूटी के दौरान मानसिक और शारीरिक थकान भी बढ़ रही है। स्टाफ ने मांग की है कि रेलवे सुरक्षा के लिए सागर से झांसी के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि इन घटनाओं पर काबू पाया जा सके।



सुरक्षा पर ठोस कदम की कमी

रेलवे विभाग ने इस मामले पर विचार करने की बात तो कही है, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल जांच के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा, लेकिन सवाल यह उठता है कि जब तक विभाग इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक सुरक्षा की स्थिति और गंभीर होती जाएगी।



निष्कर्ष

रेलवे को सागर-झांसी सेक्शन में आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती बढ़ानी चाहिए और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, ड्यूटी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।



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