सेवा सेतु बना लोगों का भरोसेमंद डिजिटल सहारा, घर बैठे एक क्लिक पर मिल रही हैं 520 सरकारी सेवाएं

The Sootr | Jun 27, 2026, 15:04 IST
Impact Feature
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का 'सेवा सेतु' पोर्टल (Sewa Setu Portal) 520 से अधिक सरकारी सेवाएं (Government Services) ऑनलाइन प्रदान कर डिजिटल गवर्नेंस का नया चेहरा बन गया है।

Raipur. समय के साथ सरकारी कामकाज भी तेजी से डिजिटल हो रहा है। छत्तीसगढ़ में अब सरकारी सेवाओं के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने या अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत लगातार कम होती जा रही है। इसकी बड़ी वजह है राज्य सरकार का 'सेवा सेतु' पोर्टल, जिसने सैकड़ों सरकारी सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया है। आज यह पोर्टल प्रदेश के लाखों लोगों के लिए ऐसा भरोसेमंद माध्यम बन गया है, जहां मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से घर बैठे सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है।



मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रशासनिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने पर लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में सेवा सेतु पोर्टल डिजिटल गवर्नेंस का मजबूत आधार बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप विकसित इस प्लेटफॉर्म ने सरकारी सेवाओं को लोगों के और करीब पहुंचाने का काम किया है। जिस काम के लिए पहले अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ता था, वही प्रक्रिया आज एक ही पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा सकती है। आवेदन से लेकर उसकी ट्रैकिंग और प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन उपलब्ध है।



5d7d40ca-7c3


ई-डिस्ट्रिक्ट से शुरू हुआ सफर

छत्तीसगढ़ में डिजिटल सेवाओं की शुरुआत ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से हुई थी। उस समय नागरिकों को केवल 86 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध थीं। जैसे-जैसे लोगों की जरूरतें बढ़ीं और तकनीक विकसित हुई, सरकार ने इस व्यवस्था का विस्तार किया। इसी का परिणाम है कि आज ई-डिस्ट्रिक्ट का विस्तारित स्वरूप सेवा सेतु बन चुका है। अब इस एक पोर्टल पर 36 विभागों की 520 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। अलग-अलग विभागों के लिए अलग-अलग पोर्टल पर जाने की जरूरत लगभग खत्म हो गई है।



d650b9a8-3ba


अब घर बैठे मिल रही हैं सरकारी सेवाएं

सेवा सेतु पोर्टल के जरिए लोग अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से घर बैठे विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे लोगों का समय बच रहा है, खर्च कम हो रहा है और सरकारी कार्यालयों पर दबाव भी घटा है। पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं में व्यवसाय, उद्योग और वाणिज्य से जुड़ी 106 सेवाएं शामिल हैं। लाइसेंस, परमिट और नियामकीय सेवाओं की संख्या 85 है। सामाजिक कल्याण, पेंशन और वित्तीय सहायता से जुड़ी 65 सेवाएं उपलब्ध हैं।



शिक्षा, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक क्षेत्र की 58 सेवाएं भी इसी प्लेटफॉर्म पर मिल रही हैं। भूमि, संपत्ति और राजस्व से संबंधित 37 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जबकि व्यक्तिगत पहचान और प्रमाणपत्रों से जुड़ी 35 सेवाएं शामिल हैं।



इसके अलावा शासकीय अनुमोदन, अनापत्ति प्रमाणपत्र और स्वीकृति से संबंधित 31 सेवाएं, जन शिकायत, सुरक्षा और विधिक क्षेत्र की 25 सेवाएं, रोजगार, कौशल और श्रम से जुड़ी 19 सेवाएं, केंद्र सरकार की 19 सेवाएं, भुगतान और कर संबंधी 18 सेवाएं, कृषि, ग्रामीण और आजीविका की 15 सेवाएं तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र की 7 सेवाएं भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं।



इन्हीं सेवाओं के अंतर्गत जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, विवाह प्रमाणपत्र, राशन कार्ड संबंधी सेवाएं, पेंशन योजनाएं, नाम परिवर्तन, व्यापार लाइसेंस सहित अनेक नागरिक सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।



केस-1: एक दिन में मिला स्थानीय निवास प्रमाणपत्र

ad0d39c1-a42

बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के ग्राम तड़केल की रहने वाली वंदना हेमला के लिए स्थानीय निवास प्रमाणपत्र बनवाना पहले मुश्किल काम था। उन्हें उम्मीद थी कि कई बार सरकारी दफ्तर जाना पड़ेगा, लेकिन सेवा सेतु केंद्र ने उनकी यह परेशानी खत्म कर दी। वंदना ने नेल्सनार सेवा सेतु केंद्र में स्थानीय निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन मिलते ही प्रक्रिया शुरू हुई और उसी दिन उनका प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी रही। उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।



वंदना बताती हैं कि पहले एक छोटे से काम के लिए भी समय और पैसे दोनों खर्च होते थे। अब गांव के पास ही सेवा सेतु केंद्र में आवेदन करना आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और जरूरी दस्तावेज समय पर मिलने लगे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी व्यवस्था गांव के लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है।



केस-2: घर बैठे मिल गया जाति प्रमाणपत्र

dcde16c9-032

धमतरी जिले के कुरूद तहसील के ग्राम करेली की रहने वाली लोमेश्वरी साहू के लिए सेवा सेतु पोर्टल बड़ी सुविधा बनकर सामने आया। उन्हें जाति प्रमाणपत्र की जरूरत थी। पहले इसके लिए कई बार तहसील कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन इस बार उन्होंने घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया।



सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन करने के बाद उन्होंने अपने मोबाइल से ही आवेदन की स्थिति देखी। तय समय में उनका जाति प्रमाणपत्र तैयार हो गया और उन्हें आसानी से मिल गया। इससे उनका समय भी बचा और अनावश्यक खर्च भी नहीं हुआ। लोमेश्वरी कहती हैं कि पहले सरकारी काम के लिए बार-बार दफ्तर जाना पड़ता था। अब पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो गई है। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु ने गांव के लोगों के लिए सरकारी सेवाओं को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है और इससे शासन के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।



गांव तक पहुंच रहा डिजिटल प्रशासन

राज्य सरकार का उद्देश्य केवल शहरों तक डिजिटल सेवाएं सीमित रखना नहीं है। सेवा सेतु को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पंचायत सचिवों, सेवा सेतु केंद्र संचालकों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी शहरों जैसी डिजिटल सुविधाएं मिल सकें। ग्राम पंचायत स्तर पर सेवा सेतु केंद्रों को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए जिला या विकासखंड मुख्यालय तक न जाना पड़े।



13930bd8-779


आंकड़े बता रहे सफलता की कहानी

सेवा सेतु पोर्टल की उपयोगिता इसके आंकड़ों में भी दिखाई देती है। वर्तमान में 36 विभागों की सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। 520 से अधिक सरकारी सेवाओं का एकीकरण किया जा चुका है। अब तक 39 लाख से ज्यादा आवेदन पोर्टल पर प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 95.9 प्रतिशत आवेदनों का सफल निराकरण किया जा चुका है। प्रदेशभर में 16,700 से अधिक सेवा केंद्र नागरिकों की सुविधा के लिए संचालित किए जा रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि सेवा सेतु धीरे-धीरे प्रदेश के सबसे बड़े डिजिटल नागरिक सेवा मंच के रूप में स्थापित हो रहा है।



मुख्यमंत्री बोले- डिजिटल तकनीक से और मजबूत होगा सुशासन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से नागरिक सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में शुरू हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब सेवा सेतु तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में लंबी यात्रा तय की है। आज सेवा सेतु नागरिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन चुका है और लाखों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार एक ही पोर्टल पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से शासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बना है।



bc440454-5cb


22 भाषाओं में उपलब्ध है पोर्टल

सेवा सेतु में कई आधुनिक डिजिटल सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। क्यूआर कोड आधारित प्रमाणपत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं इसे अधिक प्रभावी बनाती हैं। पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इससे भाषा की बाधा काफी हद तक समाप्त हो गई है और विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि के नागरिक भी आसानी से इसका उपयोग कर सकते हैं।


RO. 13847/13



Tags:
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • छत्तीसगढ़