शराब घोटाला:कांग्रेस दफ्तर पहुंचा 3 हजार करोड़ का कैश, रामगोपाल नहीं दे रहे जवाब
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने अब कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर शिकंजा कस दिया है। ED ने उन्हें 11 अगस्त को PMLA के तहत गिरफ्तार किया। रायपुर की विशेष PMLA अदालत ने 18 अगस्त तक सात दिन की ED हिरासत मंजूर की है। अग्रवाल पहले से रायपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन कैदी के तौर पर बंद थे।
तीन हजार करोड़ का खेल
ED की जांच में शराब कारोबार के भीतर एक बड़े सिंडिकेट का आरोप सामने आया है। एजेंसी के मुताबिक अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी से जुड़े नेटवर्क ने 2019 से 2023 के बीच करीब 3000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इसमें कमीशन, बिना हिसाब की देशी शराब बिक्री और FL-10A लाइसेंस से जुड़ा खेल शामिल बताया गया है।
अब कांग्रेस दफ्तर पर सवाल
जांच का सबसे बड़ा दावा नकद रकम को लेकर है। ED के मुताबिक अवैध तरीके से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया। PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों का हवाला देते हुए एजेंसी ने दावा किया है कि कैश रायपुर के राजीव भवन तक पहुंचाया गया था। यही दावा अब इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बना रहा है।
EOW FIR से ED तक
ED ने अपनी कार्रवाई की नींव EOW और ACB रायपुर की FIR और विशेष न्यायालय में दाखिल चार्जशीट को बताया है। इन दस्तावेजों में आबकारी व्यवस्था के दौरान आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोपों की जांच का उल्लेख है।
चार समन, फिर भी पेशी नहीं
ED का आरोप है कि पूछताछ के लिए रामगोपाल अग्रवाल को PMLA की धारा 50 के तहत चार बार समन भेजे गए, लेकिन वे एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। बाद में पूछताछ हुई तो ED ने उनके जवाबों को संतोषजनक नहीं माना। एजेंसी के मुताबिक पूछताछ में कई सवालों पर गोलमोल जवाब दिए गए।
गिरफ्तारी से बढ़ेगा सियासी दबाव
शराब घोटाले की जांच अब सिर्फ शराब कारोबार और सरकारी सिस्टम तक सीमित नहीं दिख रही। कैश के कथित लेन-देन का कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने का दावा सामने आने के बाद राजनीतिक सवाल भी तेज होंगे। ED ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। यानी आने वाले दिनों में और नाम, लेन-देन और दस्तावेज जांच के दायरे में आ सकते हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ शराब घोटाला क्या है?
यह मामला 2019 से 2023 के बीच शराब कारोबार में कथित अवैध कमाई और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। ED करीब 3000 करोड़ रुपए के कथित घोटाले की जांच कर रही है। - ED ने रामगोपाल अग्रवाल को क्यों गिरफ्तार किया?
ED का आरोप है कि शराब घोटाले से जुड़ी अवैध रकम के लेन-देन में उनकी भूमिका रही। पूछताछ के बाद एजेंसी ने उन्हें PMLA के तहत गिरफ्तार किया। - शराब घोटाले में कांग्रेस कार्यालय का नाम क्यों आया?
ED ने दावा किया है कि कथित कैश का कुछ हिस्सा रायपुर के राजीव भवन तक पहुंचाया गया। इस दावे की जांच अभी जारी है।
ये खबरें भी पढ़े...
शराब घोटाला : 1 हजार 800 की शराब दो हजार में बेची, आबकारी सब इंस्पेक्टर सस्पेंड
ED ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार, पांच दिन की रिमांड मंजूर
सरगुजा के लोगों से करोड़ों की ठगी, पूर्व विधायक की चिटफंड कंपनी पर ED के छापे
छत्तीसगढ़ शराब कारोबार में चौथा बड़ा खिलाड़ी, पिकाडिली को मिला लाइसेंस