छत्तीसगढ़ स्मार्ट मीटर विवाद: क्रेडा अध्यक्ष ने कहा- राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह कर रही कांग्रेस
समझें क्या है पूरा मामला...
- छत्तीसगढ़ मेंस्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस और सरकार आमने-सामने आ गए हैं।
- क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कांग्रेस केआरोपों कोखारिज किया है।
- उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना कांग्रेस सरकार के समय ही शुरू हुई थी।
- बिजली बिल बढ़ने की वजह गर्मी औरज्यादा खपतबताई गई है।
- सवन्नी नेउपभोक्ताओं को सोलरयोजना अपनाने कीसलाह भी दी।
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी लगातार स्मार्ट मीटर का विरोध कर रही है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। इन सभी आरोपों पर क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने बड़ा बयान दिया है।
सवन्नी ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सुविधा और पारदर्शिता देने वाली व्यवस्था है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी जनता में झूठा भ्रम फैला रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे कांग्रेस राजनीतिक फायदा लेना चाहती है।
स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत किसने की
सवन्नी ने योजना का पूरा इतिहास बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जुलाई 2021 में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत यह योजना शुरू की थी। इसकी गाइडलाइन भीउसी महीने जारी हुई थी। छत्तीसगढ़ में इस योजना की डीपीआर (Detailed Project Report) जुलाई 2022 में मंजूर हुई। इसके बाद सितंबर 2022 में टेंडर जारीकिए गए।
उन्होंने बताया कि जून 2023 में कांग्रेस सरकार के दौरान ही कंपनियों का चयन हुआ था। यह चयन अंबिकापुर, बिलासपुर, रायगढ़ और रायपुर क्षेत्र के लिए किया गया था। अक्टूबर 2023 में दुर्ग, राजनांदगांव और जगदलपुर क्षेत्र के लिए भी एजेंसियां तय हुईं थी। सवन्नी ने कहा कि आज जिस योजना का कांग्रेस विरोध कर रही है, उसे उसी पार्टी की सरकार ने आगे बढ़ाया था।
उन्होंने यह भी बताया कि केरल, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में भी कांग्रेस और यूपीए की सरकारें स्मार्ट मीटर लगा रही हैं। कर्नाटक में भी यह व्यवस्था शुरू हो रही है। इसलिए उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में विरोध सिर्फ राजनीतिक कारणों से हो रहा है।
बिजली बिल बढ़ने की असली वजह
बिजली बिल बढ़ने के मुद्दे पर भी सवन्नी ने विस्तार से जवाब दिया है। उनके मुताबिक अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी पड़ती है। इस दौरान एसी, कूलर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। इससे बिजली की खपत बढ़ती है और उपभोक्ता ऊंचे टैरिफ स्लैब में चले जाते हैं। इसी वजह से बिल ज्यादा आता है। उनका कहना है कि इसका स्मार्ट मीटर से कोईलेना-देनानहीं है।
उन्होंनेमुख्यमंत्री ऊर्जाराहतअभियान केबारे में भीबताया है। इसयोजना केतहत 400यूनिट तक खपतकरने वालेउपभोक्ताओं को 200यूनिट तक आधे बिलकी छूट मिलती है।वहीं, यदि खपत 400यूनिट से ज्यादा होजाती है, तो यह छूट खुद खत्म होजाती है। इससे बिलज्यादा दिखने लगता है।
सवन्नी ने बतायाकि यदि कोई उपभोक्तालगातार तीन महीने तय क्षमता सेज्यादा लोड लेता है, तो नियम के तहत एकबार शुल्क लिया जाता है। यहशुल्क 800 रुपए प्रति किलोवाट की दर सेलिया जाता है। इसके बादउपभोक्ता का स्वीकृत लोडबढ़ा दिया जाता है।
उन्होंने यहभी दलील दी कि जिन घरों में अभी भीपुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगेहैं, वहां भी गर्मी में बिल बढ़ेहैं। इससे साबित होता है किबिल बढ़ने की वजह ज्यादा बिजलीखपत है, स्मार्ट मीटर नहीं।उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगस्त से मौसमसामान्य होने पर बिल खुद कमहो जाएंगे।
रीडिंग को लेकर संदेह पर क्या कहा
जिनउपभोक्ताओं कोमीटर की रीडिंग परशक होता है, उनकेलिए चेक मीटरलगाने की सुविधा है।सवन्नी ने बताया किअब तक हुई जांचमें स्मार्ट मीटरऔर पुराने मीटरकी रीडिंग में कोईअंतर नहीं मिला।उन्होंने उपभोक्ताओं से मोरबिजली ऐप इस्तेमाल करने कीअपील की। इस ऐप से हर30 मिनट में बिजली खपतकी जानकारी मिल जातीहै।
इससे उपभोक्ता अपनीखपत पर नजर रख सकतेहैं। वे खपत को 400यूनिट के भीतर रखकर हाफबिजली योजना का फायदाभी ले सकते हैं। शिकायतया जानकारी के लिए टोलफ्री नंबर 1912 जारी कियागया है।
सोलर योजना से मिल रही राहत
क्रेडा चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नीनेपीएम सूर्यघर योजना का भी जिक्र किया है।उनका कहना है कि बिजलीबिल कम करने का सबसेअच्छा तरीका रूफटॉप सोलरलगाना है। इस योजना केतहत एक किलोवाट पर 45हजार रुपए की सब्सिडीमिलती है। दो किलोवाट परयह सब्सिडी 90 हजार रुपएतक जाती है। तीन किलोवाटया इससे ज्यादाक्षमता पर केंद्र और राज्यसरकार मिलकर 1.08 लाख रुपएतक की सब्सिडी देती हैं।
नेट मीटरिंग व्यवस्था केतहत अतिरिक्त बिजली ग्रिडमें चली जाती है। इसकाफायदा उपभोक्ता के अगले बिलमें मिल जाता है। सवन्नीने बताया कि प्रदेश मेंअब तक 1.87 लाख से ज्यादाउपभोक्ता इस योजना के लिए आवेदनकर चुके हैं। 80 हजार सेज्यादा घरों की छतों पर सोलरप्लांट लग भी चुके हैं। इससेकई परिवारों का बिजली बिलपूरी तरह शून्य हो गया है।
उन्होंने अंत में कहा किस्मार्ट मीटर और सोलर ऊर्जाजैसी सुविधाएं उपभोक्ताओं के फायदेके लिए हैं। उनकी सलाह है किलोग अफवाहों पर भरोसा करनेके बजाय सही जानकारी पर ध्यानदें।
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