Social media की डर्टी पिक्चर, अनसोशल एलीमेंट के निशाने पर नाबालिग
RAIPUR. टेक्नोलॉजी ने जीवन को जितना आसान बनाया है उतनी मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। सोशल मीडिया ( Social media ) आज के दौर की जरूरत बन गई है। इस सोशल मीडिया ने लोगों की दिनचर्या में पूरी तरह दखलंदाजी कर दी है। लेकिन सोशल मीडिया अब अनसोशल एलीमेंट के लिए अपने नापाक मंसूबे पूरे करने का बड़ा जरिया भी बन गया है। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया के उपयोग का दूसरा पक्ष सामने आया है। इसी मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस की एक रिपोर्ट कुछ इसी तरफ इशारा करती है। किस तरह सोशल मीडिया असामाजिक तत्वों का हथियार बनता जा रहा है आइए आपको बताते हैं।
चार महीने में 178 दुष्कर्म
पुलिस ने साल 2024 के पिछले चार महीने यानी जनवरी से अप्रैल तक के आंकड़े जुटाए हैं। इन आंकड़ों में पुलिस को बड़ी हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। छत्तीसगढ़ में पिछले चार महीने में महिलाओं से दुष्कर्म के 178 मामले सामने आए हैं। पुलिस की पड़ताल में ये सामने आया है कि इनमें से आधे केस का कारण सोशल मीडिया है। सोशल मीडिया पर पहचान होती है और लड़कियां दुष्कर्म का शिकार हो जाती हैं।
एक केस में लड़की का संपर्क इंस्टाग्राम से हुआ
आसामाजिक तत्व सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। रायपुर के अभनपुर में 3 मई को 14 साल की लड़की से दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज हुई। परिजनों ने आरंग निवासी युवक पर पॉक्सो का केस दर्ज कराया है। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी और लड़की का संपर्क इंस्टाग्राम से हुआ था। खास बात ये है कि लड़की सोशल मीडिया के जरिए लड़के के संपर्क में आईं। पुलिस मानती है कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के बाद इस तरह के मामले बढ़े हैं।
सोशल मीडिया का उपयोग हो, लेकिन संभलकर
जानकार कहते हैं कि बहुत ज्यादा सोशल साइट्स पर समय बिताना खतरनाक है। रिश्तों में शेयरिंग-केयरिंग नहीं रहती। व्यक्ति का दायरा सीमित होता है और कुंठाएं बढ़ती हैं। यहां तक कि नए कपल भी सोशल साइट्स में इतने खोए रहते हैं कि उनकी पर्सनल लाइफ डिस्टर्ब हो जाती है, जो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह बनती है। कई बार ज्यादा उम्र होने से दबाव के चलते अविवाहित युवतियां गलत कदम उठा लेती हैं। सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए। हो सके तो वास्तविक रिश्तों को ज्यादा समय देना चाहिए। कम्युनिकेशन गैप को कम करना चाहिए और अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, ताकि सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल ना करें। यदि आप सोशल मीडिया का उपयोग करते भी हैं तो बहुत संभलकर कीजिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जिंदगी शेयर मत कीजिए। स्मार्ट बनिए और खूब सोशल मीडिया का उपयोग कीजिए।