सौरभ चंद्राकर से 8 दिन होगी पूछताछ, CBI को मिली रिमांड, 12 नवंबर को कोर्ट में फिर पेशी
अब जांच एजेंसी 12 नवंबर को उसे फिर अदालत में पेश करेगी। इस दौरान सौरभ से महादेव सट्टा नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और कथित रूप से संरक्षण देने वालों को लेकर पूछताछ होगी।
ओमान से भारत लाने के बाद पहली बड़ी कार्रवाई
सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। वह महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटरों में शामिल है। CBI की टीम उसे लेकर 3 नवंबर को रायपुर पहुंची थी। इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2 नवंबर को CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी। अदालत ने निर्देश दिया था कि आरोपी को 4 नवंबर तक रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाए।
10 दिन मांगे, कोर्ट ने 8 दिन दिए
रायपुर में पेशी के बाद CBI ने सौरभ की 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड मांगी। जांच एजेंसी को उससे कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ करनी है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 8 दिन की रिमांड मंजूर की। अब 12 नवंबर को अगली पेशी होगी। रिमांड के दौरान पूछताछ की दिशा इस मामले के आगे के घटनाक्रम के लिहाज से अहम होगी।
प्रत्यर्पण की शर्तों पर भी कानूनी सवाल
सौरभ की भारत वापसी के साथ ही उसके वकीलों ने प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर सवाल उठाए थे। दिल्ली की अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि ओमान की अदालत ने प्रत्यर्पण की अनुमति ED के मामले में दी थी, जबकि CBI की कार्रवाई को लेकर अलग कानूनी सवाल हैं। बचाव पक्ष ने प्रत्यर्पण कानून के तहत तय शर्तों का हवाला दिया था।
CBI ने इन आपत्तियों का विरोध किया। एजेंसी का कहना था कि आरोपी के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी है। दिल्ली की अदालत ने उस समय स्पष्ट किया था कि प्रत्यर्पण की शर्तों और CBI मामले में मुकदमा चलाने की वैधता पर फैसला रायपुर की सक्षम अदालत करेगी। ऐसे में अब रायपुर कोर्ट की कार्यवाही पर भी नजर रहेगी।
6 हजार करोड़ के नेटवर्क की जांच
CBI के मुताबिक, महादेव बुक ऐप के जरिए बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाया जा रहा था। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को इस नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटरों के रूप में जांच के दायरे में रखा गया है। एजेंसी का आरोप है कि सट्टे से मिली रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया और हवाला के माध्यम से विदेश भेजा गया। इस नेटवर्क को विदेश से संचालित किए जाने और सरकारी अधिकारियों तक कथित प्रोटेक्शन मनी पहुंचाने के आरोपों की भी जांच हो रही है।
अब आगे क्या?
सौरभ की गिरफ्तारी और रिमांड को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। CBI उससे नेटवर्क के दूसरे संचालकों, पैसों के स्रोत, बैंक खातों, हवाला कारोबार और कथित संरक्षण देने वालों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी। अब 12 नवंबर की पेशी से पहले CBI की पूछताछ में क्या सामने आता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
FAQs
- सौरभ चंद्राकर को कितने दिन की CBI रिमांड मिली है?
रायपुर की विशेष CBI अदालत ने सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की CBI कस्टोडियल रिमांड पर भेजा है। - सौरभ चंद्राकर पर किन आरोपों की जांच की जा रही है?
सौरभ चंद्राकर पर महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और कथित संरक्षण देने वालों से संबंधित आरोपों की जांच की जा रही है। - सौरभ चंद्राकर कौन है?
सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले का मुख्य आरोपी और इस नेटवर्क का प्रमुख प्रमोटर बताया जाता है।