AI की पढ़ाई अब किताबों से बाहर... सरकारी दफ्तर बनेंगे क्लासरूम

Kanak Durga Jha | Jul 21, 2025, 14:50 IST
Studying AI come out of books Government offices become classrooms
ट्रिपलआईटी (IIIT) ने "एमटेक इन एआई एंड डेटा साइंस" प्रोग्राम की शुरुआत की है, जो न केवल पढ़ाई बल्कि सरकारी विभागों में रियल-टाइम अनुभव देने पर भी केंद्रित है।

क्लासरूम में पढ़ाई, लैब में प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री में इंटर्नशिप, अभी तक टेक्निकल इंस्टीट्यूट में पढ़ाई का यही तरीका होता था। स्टूडेंट्स में स्किल डेवलप करने और उन्हें वास्तविक दुनिया की समस्याओं से निपटने के लिए तैयार करने यह डंग बदल रहा है। भविष्य के एआई इंजीनियर्स तैयार करने ट्रिपलआईटी ने इसी सत्र से एमटेक इन एआई एंड डाटा साइंस पाठ्यक्रम की शुरुआत हो रही है।



एआई का उपयोग करना सीखेंगे स्टूडेंट्स

सीएम आईटी फैलोशिप योजना के तहत शुरू हो रहे इस प्रोग्राम में सॉफ्टवेयर संचालित विश्लेषण के क्षेत्र में स्थानीय युवा पेशेवरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसकी खास बात यह होगी कि राज्य विभागों और जिला कलेक्टोरेट जैसे प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों में 15 महीने काम सीखेंगे, वहीं सिर्फ 9 महीने की क्लासरूम पढ़ाई होगी। जहां प्रोफेसर्स स्टूडेंट्स को वर्कप्लेस में उपयोग होने वाले एआई का उपयोग करना सिखाएंगे। एक्सपर्ट का मानना है कि पढ़ाई का यह तरीका दूसरे सब्जेक्ट के लिए भी रोल मॉडल बन सकता है।



ब्लेडेड मोड में पढ़ाई होगी यानि क्लासरूम के साथ सरकारी विभागों में स्टूडेंट्स काम करेंगे। वे डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी एमर्निंग टेक्नालॉजी में दक्षता विकसित करेंगे।



पढ़ाई में इस तरीके से क्या होगा फायदा


व्यावहारिक अनुभवः सरकारी विभाग में काम करने का अवसर मिलने से स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलेगा। जिससे वे किताब के ज्ञान को प्रैक्टिकली लागू भी कर सकेंगे।

सरकारी नीतियों की समझा : सरकारी विभाग में काम करने से छात्रों को सरकारी नीतियों और प्रक्रियाओं की समझ में सुधार होगा।

नेटवर्किंग के अवसरः सरकारी विभाग में काम करने से छात्रों को सरकारी अधिकारियों और पेशेवरों से मिलने व नेटवर्किंग का मौका मिलेगा।

व्यावसायिक कौशल का विकासः ब्लेंडेड लर्निंग एप्रोच में छात्रों को व्यावसायिक कौशल जैसे कि समस्या समाधान, टीम वर्क, और संचार कौशल का विकास करने में मदद मिलेगी।

रोजगार की संभावनाएं: सरकारी विभाग में काम करने का अनुभव छात्रों को रोजगार की संभावनाओं में सुधार करने में मदद करेगा।

जानिए क्या है सीएम आईटी फैलोशिप योजना

छत्तीसगढ़ सरकार ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए सीएम आईटी फैलोशिप योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करना है।



इस योजना के तहत चयनित छात्रों को उच्चस्तरीय एमटेक प्रोग्राम में दाखिला दिया जाएगा, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी विभागों में काम करने का मौका भी मिलेगा। इस तरह छात्र न केवल शैक्षणिक ज्ञान अर्जित करेंगे, बल्कि नीति निर्माण, प्रशासन और डेटा-प्रबंधन जैसी व्यावहारिक चुनौतियों को भी करीब से समझ पाएंगे।



योजना से मिलेंगे ये लाभ

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि चयनित छात्रों को पढ़ाई के दौरान सरकार द्वारा हर महीने ₹50,000 का स्टायफंड दिया जाएगा, साथ ही ट्यूशन फीस भी राज्य सरकार वहन करेगी। इस कार्यक्रम को चिप्स (CHiPS) और ट्रिपलआईटी (IIIT-NR) के सहयोग से लागू किया जा रहा है।



छात्रों को क्लासरूम पढ़ाई के साथ ही 15 महीने सरकारी विभागों में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा, जिससे उनके पेशेवर कौशल, नेटवर्किंग और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। यह योजना छत्तीसगढ़ को एआई और डेटा साइंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।



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